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दावा : कोमा में है तानाशाह किम जोंग

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क (मा.स.स.). नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन कोमा में हैं। फिलहाल, देश की बागडोर उनकी बहन किम यो जोंग संभाल रही हैं। यह दावा दक्षिण कोरिया के पूर्व इंटेलिजेंस ऑफिसर चांग सोंग मिन ने किया है। मिन देश के पूर्व राष्ट्रपति किम देई जुंग के स्पेशल असिस्टेंट रह चुके हैं। मिन के मुताबिक, किम जोंग उन गंभीर रूप से बीमार हैं। हालांकि, बीमारी के बारे में पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।

एक महीने पहले भी किम के गंभीर रूप से बीमार होने की खबरें आईं थीं। लेकिन, तब उन्होंने अचानक सामने आकर इन कयासों पर विराम लगा दिया था। साउथ कोरियाई मीडिया से बातचीत के दौरान मिन ने कहा- मेरे जानकारी के मुताबिक, इस वक्त किम जोंग उन कोमा में हैं। लेकिन, अब तक जिंदा हैं। फिलहाल, नॉर्थ कोरिया की कमान किम की छोटी बहन किम यो जोंग संभाल रही हैं। जोंग के लिए सत्ता संभालने का यह पहला मौका नहीं है। वे पहले भी बड़े भाई की मददगार के तौर पर सरकार चलाने में सहयोग करती आई हैं।

मिन ने कहा- किम ने अब तक बहन जोंग को पूरी तरह सत्ता नहीं सौंपी है। फिलहाल, उन्हें यह जिम्मेदारी इसलिए दी गई है ताकि नेतृत्व का संकट ज्यादा वक्त न चले और उन्हें सरकार चलाने की बारीकियों की ठीक से समझ हो जाए। 33 साल की जोंग के बारे में पिछले महीने भी खबर आई थी कि वे सरकार में दूसरे नंबर पर हैं। हालांकि, किम ने कभी सार्वजनिक तौर पर जोंग को उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया।

पड़ोसी देश में चल रही सियासी हलचलों पर साउथ कोरिया की पैनी नजर है। जैसे ही किम के कोमा में होने की खबरें आईं दक्षिण कोरिया में नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस की मीटिंग हुई। देश की न्यूज एजेंसी योनहाप ने कहा- किम यो जोंग के सत्ता संभालने की खबरों से कोई हैरानी नहीं हुई। आने वाले वक्त में यही होना है। जोंग पार्टी की सेंट्रल कमेटी पहले ही संभाल रहीं थीं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल में उन की हार्ट सर्जरी हुई थी। इसके बाद से ही वे ज्यादा बीमार हैं।

किम यो-जोंग तानाशाह किम जोंग-उन की छोटी बहन हैं। वे तानाशाह की करीबी और सरकार में पावरफुल मानी जाती हैं।1985 में जन्मीं किम यो-जोंग अपने भाई से 4 साल छोटी हैं। दोनों भाई-बहन स्विटजरलैंड के बर्न में पढ़े थे। विश्लेषकों का कहना है कुछ महीने पहले उत्तरी और दक्षिण कोरिया का विवाद यो-जोंग को बड़ा प्लेटफॉर्म देने के लिए शुरू किया गया था।

यो-जोंग ने मार्च में पहली बार सार्वजनिक बयान दिया था। उन्होंने दक्षिण कोरिया पर हमला बोला था। फिर उन्हें इस बात का अहसास हो गया कि उनके अधिकार बढ़ा दिए गए हैं। यो-जोंग ने भाई किम और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात की संभावना के बारे में भी लिखा था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि उत्तर कोरिया की मंशा अमेरिका को नुकसान पहुंचाने की नहीं है। माना जाता है कि अमेरिका को प्रभावित करने के लिए यो-जोंग की कोशिशों को देखते हुए उन्हें अमेरिका और दक्षिण कोरिया से जुड़ी नीतियों की जिम्मेदारी दे दी गई।

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