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अरविंद केजरीवाल ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिल्ली में लागू किया नाइट कर्फ्यू

नई दिल्ली (मा.स.स.). कोरोना वायरस की चौथी लहर पर काबू पाने के लिए राजधानी दिल्‍ली में नाइट कर्फ्यू लगेगा। दिल्‍ली सरकार ने 30 अप्रैल तक रात 10 बजे से सुबह 5 बजे के बीच, कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया है। इस दौरान जरूरी सेवाओं और इमर्जेंसी मूवमेंट की परमिशन होगी, मगर बाकी लोग तय वक्‍त के बीच नहीं निकल सकेंगे।

मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सत्‍येंद्र जैन बार-बार कह चुके हैं कि लॉकडाउन कोई हल नहीं है। ऐसे में नाइट कर्फ्यू के जरिए मूवमेंट पर थोड़ी रोक लगाने की कोशिश है। सोमवार को दिल्‍ली में कोरोना वायरस का पॉजिटिविटी रेट 5% से ज्‍यादा हो गया जिसके बाद सरकार को तुरंत ऐसा कदम उठाना पड़ा। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अनुसार, 5% से कम पॉजिटिविटी रेट सुरक्षित है।

नाइट कर्फ्यू के दौरान जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों के अलावा बाकी का घूमना-फिरना और सड़कों पर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। सरकार ने इसको लेकर पूरी लिस्ट जारी कर दी है। जिनको नाइट कर्फ्यू से छूट मिली है, उनको कई श्रेणियों में बांटा गया है। अधिकारियों को आईकार्ड दिखाना होगा, वहीं ऐसी श्रेणी भी बनाई गई है, जिनमें लोगों को ई पास लेने होंगे। इंटरस्टेट और इंट्रास्टेट मूवमेंट, ट्रांसपोर्टेशन (गुड्स) पर रोक नहीं होगी। इसके लिए अलग से मंजूरी या ई पास की जरूरत नहीं होगी। नाइट कर्फ्यू तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और 30 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगा रहेगा। मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि दिल्ली के लोगों की सुरक्षा को लेकर हुए यह कदम उठाया गया है क्योंकि दिल्ली में कोरोना के मामलों में काफी उछाल आया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना को काबू में करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर टीके के लिए उम्र सीमा खत्म करने की मांग की है। केजरीवाल ने लिखा कि जितने ज्यादा लोगों को टीका लगेगा, उतना ही कोरोना के फैलने की रफ्तार कम होगी।अगर नए केंद्र खोलने के नियमों को सरल किया जाता है और सभी को टीका लगाने की इजाजत दी जाती है तो दिल्ली सरकार तीन महीने में सभी दिल्ली वासियों को टीका लगा सकती है। दरअसल नियमों के मुताबिक अभी टीकाकरण केंद्र केवल अस्पतालों या डिस्पेंसरी में ही बनाए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने पीएम को लिखा कि तीन महीने से टीकाकरण चल रहा है और साफ हो गया है कि वैक्सीन सुरक्षित है। ऐसे में अब इस शर्त को हटाकर स्कूलों, सामुदायिक भवनों और अन्य स्थानों पर बड़े स्तर पर टीकाकरण केंद्र बनाने की इजाजत देनी चाहिए। देश में पहली बार कोरोना के नए केस एक लाख से ज्यादा आए। ऐक्टिव केस भी 7 लाख को पार कर गए हैं। कोरोना की बेकाबू रफ्तार को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अप्रैल को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे। विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाली इस बैठक में साझा रणनीति पर कुछ फैसले हो सकते हैं।

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