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बिना वैज्ञानिक आधार के सबको नहीं लगा सकते कोरोना वैक्सीन : स्वास्थ्य मंत्रालय

नई दिल्ली (मा.स.स.). देश में एकबार फिर कोरोना की लहर के बीच सबको वैक्सीन लगाने की राज्यों की मांग पर स्वास्थ्य मंत्रालय का जवाब आया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वैक्सीनेशन अभियान का उद्देश्य ऐसे लोगों को टीका उपलब्ध कराने का है, जिन्हें इसकी जरूरत है। सभी देश ऐसा ही कर रहे हैं।

कोरोना को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, ‘कई लोग पूछते हैं कि वैक्सीनेशन को सभी बालिग लोगों के लिए क्यों नहीं खोला जाना चाहिए? ऐसे टीकाकरण अभियान के 2 लक्ष्य होते हैं- मौतों को रोकना और हेल्थकेयर सिस्टम को बचाना। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को वैक्सीन देना नहीं है, जो वैक्सीन लेना चाहते हैं, बल्कि ऐसे लोगों को वैक्सीन देना है, जिन्हें इसकी जरूरत है।’

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि दुनिया के अन्य देशों में भी कोरोना टीकाकरण का उद्देश्य यही है। बड़े देशों में भी हर किसी को टीका नहीं लगाया जा रहा है। किसी देश ने बिना योजना, बिना वैज्ञानिक आधार के जोश में नहीं कहा कि हम हर किसी को वैक्सीन लगाने जा रहे हैं। चाहे अमेरिका हो, ब्रिटेन हो, फ्रांस हो, स्वीडन हो या ऑस्ट्रेलिया, सभी जगह अलग-अलग उम्र वर्ग के लोगों को चरणबद्ध तरीके से टीका लगाया जा रहा है।

भूषण ने कहा कि देश में कुछ राज्यों में वैक्सीनेशन का काम अच्छा हो रहा है। उन्होंने ऐसे राज्यों की जानकारी देते हुए बताया कि महाराष्ट्र में 81 लाख लोगों को पहली डोज दी जा चुकी है, गुजरात में 76 लाख से ज्यादा लोगों को पहली डोज दी गई है। राजस्थान में भी 72 लाख लोगों को और उत्तर प्रदेश में 71 लाख लोगों को पहली डोज दी जा चुकी है।

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि कोरोना के सर्वाधिक ऐक्टिव मामलों वाले 10 जिलों में से 7 महाराष्ट्र के, 1 कर्नाटक, 1 छत्तीसगढ़ और 1 दिल्ली का है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि पंजाब और छत्तीसगढ़ में कोरोना से हो रही मौंते चिंताजनक हैं। स्वास्थ्य सचिव ने आगे कहा, देश में कोरोना के कुल ऐक्टिव मामलों का 58 फीसदी अकेल महाराष्ट्र में हैं, जबकि अब तक के कुल मौतों का 34 फीसदी महाराष्ट्र में रिपोर्ट हुई हैं।’

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में राज्यों को आरटी-पीसीआर टेस्ट बढ़ाने को कहा गया है। राज्यों से अपील की गई है कि कुल टेस्ट का 70 फीसदी से ज्यादा आरटी-पीसीआर से करें। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पंजाब में 15 उच्चस्तरीय टीमों की तैनाती की गई है। ये टीमें महाराष्ट्र के 30 पंजाब के 9 और छत्तीसगढ़ के 11 जिलों का दौरा करेगी। ये टीमें राज्यों के स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन आदि को कोरोना से जुड़े सर्विलांस, कंट्रोल और कंटेनमेंट में मदद करेगीं। हर दिन ये टीमें राज्य सरकार और केंद्र सरकार को कोरोना के हालात की रिपोर्ट देंगी।

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