बुधवार , अक्टूबर 27 2021 | 12:32:59 PM
Breaking News
Home / राज्य / उत्तरप्रदेश / शरीयत नहीं देती हिन्दुओं से शादी को मान्यता : मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

शरीयत नहीं देती हिन्दुओं से शादी को मान्यता : मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

लखनऊ (मा.स.स.). ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) का कहना है कि मुस्लिम और गैर मुस्लिमों के बीच निकाह को शरीयत के खिलाफ बताया है। संगठन का कहना है कि ऐसी शादियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं। एआईएमपीएलबी की ओर से इस संबंध में मुस्लिम परिवारों से अपील की गई है। एआईएमपीएलबी के कार्यकारी महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी की ओर से दस्तावेज जारी किया गया है। इसमें माता-पिता, अभिभावकों, मस्जिदों और मदरसों के नुमाइंदों से ऐसी अंतरधार्मिक शादियों को रोकने के लिए कदम उठाने की नसीहत दी गई है। मौलाना रहमानी का कहना है, ‘इस्लाम मुस्लिम और बहुईश्वरवादी गैर मुस्लिमों (हिन्दुओं) के बीच शादी की इजाजत नहीं देता है। भले ही यह समाज की नजरों में वैध दिखता हो लेकिन शरिया की नजरों में इसे जायज नहीं ठहराया जा सकता।’

मौलाना रहमानी ने पर्सनल लॉ बोर्ड के निर्देशों का जिक्र करते हुए आगे कहा, ‘एक साथ काम करने, धार्मिक शिक्षा का अभाव और माता-पिता के पालन-पोषण की वजह से गैर मुस्लिमों के साथ बहुत सी अंतरधार्मिक शादियां हो रही हैं। ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं, जब गैर मुस्लिमों से शादी के बाद मुस्लिम लड़कियों को बहुत कठिनाइयां झेलनी पड़ीं। यहां तक कि कई को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसी वजह से हमने माता-पिता, अभिभावकों और समाज के जिम्मेदार लोगों से सतर्क रहते हुए युवकों और युवतियों की मदद करने की अपील की है।’ मुस्लिम समुदाय से 7 बिंदुओं के जरिए अपील करते हुए बोर्ड ने कहा है कि माता-पिता अपने बच्चों के इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन पर नजर रखें। साथ ही बच्चों खास तौर से लड़कियों का को-एजुकेशन वाले स्कूलों में ऐडमिशन ना कराएं। इसके साथ ही मस्जिदों के इमाम से कहा गया है कि मुस्लिम समुदाय के अंदर शादियों के बारे में धार्मिक शिक्षा देने के लिए सामूहिक आयोजन करें। साथ ही इससे होने वाले कथित नुकसान के बारे में भी समझाने को कहा गया है।

एआईएमपीएलबी के दस्तावेज में लिखा है, ‘आम तौर पर जब ऐसी शादियां होती हैं तो मैरिज रजिस्ट्रेशन ऑफिस के बाहर नाम के साथ नोटिस चस्पा की जाती है। धार्मिक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ता, मदरसा शिक्षकों और दूसरे जिम्मेदार नागरिकों से अपील है कि ऐसे युवाओं के घर जाकर इस तरह के प्रचलन के खिलाफ प्रेरित करें।’

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

राकेश टिकैत ने की गाजीपुर बॉर्डर से आंदोलन जारी रखने की घोषणा

लखनऊ (मा.स.स.). कई महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सुप्रीम …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *