मंगलवार , अक्टूबर 19 2021 | 02:37:30 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / कोरोना ने बाधित की साक्षरता की राह

कोरोना ने बाधित की साक्षरता की राह

– बाल मुकुन्द ओझा

आठ सितम्बर को देश और दुनिया में 55वां अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस ऐसे समय में मनाया जा रहा है जब कोरोना महामारी ने साक्षरता के साथ पठन और पाठन पर ताला जड़ रखा है। साक्षरता के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों विशेषकर एनजीओ के लिए साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करना बहुत बड़ी चुनौती है। यूनेस्को की ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग रिपोर्ट के अनुसार भारत वर्ष 2050 में प्राइमरी शिक्षा, 2060 में माध्यमिक शिक्षा और 2085 में उच्च माध्यमिक शिक्षा का वैश्विक लक्ष्य हासिल करने में कामयाब होगा। ये आंकड़े बेहद डरावने और चैंकाने वाले है। कोरोना संकट ने देश और समाज की हर गतिविधि को बाधित किया है जिसमें साक्षरता भी शामिल है।

इससे बच्चों, युवाओं और वयस्कों की शिक्षा निसंदेह बाधित हुई है। जिसे प्राप्त करने के लिए काफी समय लग जायेगा। समाज की बेहतरी के लिए साक्षरता या शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए हर साल 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यदि हम यह कहें की साक्षरता और विकास का निकट का सम्बन्ध है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होंगी। विश्व में साक्षरता की बात करें तो नार्वे, स्वीडन और फिनलैंड की साक्षरता की बात करें तक ये देश शीर्ष स्थान पर है। इन देशों का विकास भी काफी अच्छा है। 8 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाने की घोषणा 17 नवम्बर 1965 को सयुक्त राष्ट्र संघ के शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन द्वारा की गई। हर साल साक्षरता दिवस को एक नई थीम और लक्ष्य निर्धारित कर मनाया जाता हैं।

अगर हम विश्व की साक्षरता की बात करें तो विश्व की साक्षरता 57 प्रतिशत के आस-पास है। विश्व में सबसे ज्यादा साक्षरता नार्वे, स्वीडन, अमेरिका जैसे देश की साक्षरता 95 से 100 प्रतिशत तक है। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2021 की थीम “मानव-केंद्रित पुनप्राप्ति के लिए साक्षरताः डिजिटल विभाजन को कम करना। देश की कुल आबादी का एक चैथाई तक़रीबन 30 करोड़ लोग आज भी अशिक्षित हैं। भारत की कुल साक्षरता 74.4 प्रतिशत है। जिसमें सबसे ज्यादा साक्षरता वाला राज्य केरल है जहां 93 प्रतिशत जनसंख्या साक्षर है। जिसमें पुरुष साक्षरता 96 प्रतिशत और महिला साक्षरता 92 प्रतिशत है। सबसे कम साक्षरता वाला राज्य बिहार है जिसकी साक्षरता 63.82 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश भी पाँच सबसे कम राज्यों में शामिल है। इसी कारण विकास की दौड़ में ये प्रदेश अन्य राज्यों के मुकाबले पिछड़े हुए है। शिक्षा सभी का जन्मसिद्ध अधिकार है। साक्षरता  विकास का एक ढांचा है। यह लोकतंत्रीकरण का एक मंच है और  मानव प्रगति का आखरी रास्ता है। साक्षरता पढ़ने और लिखने के लिए भाषा का उपयोग करने की एक क्षमता है।

देश-दुनिया से गरीबी को जड़मूल से हटाने, आबादी के विस्फोट को रोकने के साथ जन जन तक लोक कल्याणकारी कार्यों को पहुँचाने के लिए यह बहुत जरूरी है की प्रत्येक व्यक्ति साक्षर हो। साक्षरता केवल शिक्षा का उजाला ही नहीं फैलाता अपितु मानव के सुखमय जीवन का मार्ग भी प्रशस्ति करता है। शिक्षा मानव के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाता है। यह किसी देश को तरक्की और विकास के रास्ते पर ले जाने की बुनियाद है। साक्षरता के साथ ज्ञान एवं कौशल विकास भी जरूरी है। साक्षरता और कौशल विकास का चोली दामन का साथ है। साक्षरता की सफलता रोजगार से जुडी है। हम साक्षर व्यक्ति को रोजी रोटी की सुविधा सुलभ करा कर देश से निरक्षरता के अँधेरे को भगा सकते है। हालाँकि केंद्र और राज्य सरकारें विभिन्न स्तरों पर कौशल विकास के कार्यक्रम संचालित कर रही है मगर जब तक ऐसे व्यक्ति अपने पैरों पर खड़े नहीं होंगे तब तक साक्षरता अभियान को पूर्ण रूप से सफल नहीं माना जा सकता।

साक्षरता का मतलब केवल पढ़ना-लिखना या शिक्षित होना ही नहीं है। यह लोगों में उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता लाकर सामाजिक विकास का आधार बन सकती है। इसका सामाजिक एवं आर्थिक विकास से गहरा संबंध है। साक्षरता का कौशल मानव में आत्मविश्वास का संचार करता हैै। गरीबी उन्मूलन में इसका महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। महिलाओं एवं पुरुषों के बीच समानता के लिए जरूरी है कि महिलाएं भी साक्षर बनें। जीने के लिये खाने की तरह ही साक्षरता भी महत्वपूर्णं है। साक्षरता में वो क्षमता है जो परिवार और देश की प्रतिष्ठा को बढ़ा सकता है। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाने का उद्देश्य व्यक्ति, समुदाय तथा समाज के हर वर्ग को साक्षरता का महत्व बताकर उन्हें साक्षर करना है।

वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार

नोट : लेख में लेखक द्वारा व्यक्त विचारों से मातृभूमि समाचार का सहमत होना आवश्यक नहीं है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

भारत ने फिर की सर्जिकल स्ट्राइक को देंगे करारा जवाब : पाकिस्तान

इस्‍लामाबाद (मा.स.स.). जम्‍मू-कश्‍मीर में सक्रिय आतंकियों की कमर तोड़ने वाले भारत के ‘सर्जिकल स्‍ट्राइक’ का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *