शुक्रवार , मई 14 2021 | 11:50:04 AM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / फिलहाल रेलवे लॉकडाउन की तरह नहीं रोकेगा ट्रेनों का परिचालन

फिलहाल रेलवे लॉकडाउन की तरह नहीं रोकेगा ट्रेनों का परिचालन

नई दिल्ली (मा.स.स.). देशभर में कोरोना के बढ़ते केसों और पाबंदियों के बीच लोगों के मन में आशंका है कि क्या पिछले साल की तरह इस बार भी ट्रेनें बंद कर दी जाएंगी? रेलवे बोर्ड ने इसका सीधा और राहतभरा जवाब दिया है। रेलवे बोर्ड के सीईओ और चेयरमैन सुनीत शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि ट्रेन सर्विस रोकने का कोई प्लान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि डिमांड के हिसाब से ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

सुनीत शर्मा ने कहा, ”मांग के हिसाब से ट्रेन सेवा मिलती रहेगी। ट्रेन सर्विस में कोई कमी नहीं है और ट्रेन सेवा रोकने का भी कोई प्लान नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि अधिक मांग वाले स्थानों के लिए ट्रेनें बढ़ाई गईं हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि सेंट्रेल रेलवे में 58 तो वेस्टर्न रेलवे में 60 ट्रेनों की घोषणा की गई है।

चेयरमैन ने कहा, ”भीड़ को कम रखने के लिए हम अप्रैल-मई 2021 में अधिक ट्रेनें चला रहे हैं। हमने मध्य रेलवे के लिए 58 और पश्चिम रेलवे के लिए 60 ट्रेनों की घोषणा की है।” उन्होंने कहा कि अधिक मांग वाले स्थानों जैसे गोरखपुर, पटना, दरभंगा, वाराणसी, गुवाहाटी, बरौनी, प्रयागराज, रांची, लखनऊ के लिए ये ट्रेनें दी गईं हैं।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ ने कहा, ”हम 1400 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चला रहे हैं। 5,300 उपनगरीय सेवाएं चल रही हैं। हम 800 पैसेंजर ट्रेनें चला रहे हैं, जो कुछ कम हैं, क्योंकि ये अनरिजर्व्ड ट्रेनें हैं और इनमें अधिक भीड़ होती है। राज्यों के फैसले के बाद हम उनकी संख्या बढ़ा सकते हैं।”

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

कोरोना के कारण जेलों में बंद कैदियों को दे जमानत या पैरोल : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली (मा.स.स.). देश में कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *