शुक्रवार , मई 14 2021 | 01:48:44 PM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / कांग्रेस की स्थिति विधानसभा चुनाव के बाद होगी और खराब

कांग्रेस की स्थिति विधानसभा चुनाव के बाद होगी और खराब

– सारांश कनौजिया

पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल व पुडुचेरी में चुनाव के बाद की क्या स्थिति होगी? अब चर्चा इसी बात की है। पश्चिम बंगाल में अभी कुछ चरणों का मतदान शेष है, लेकिन अन्य चारों राज्यों में वोट पड़ चुके हैं। इन विधानसभा चुनावों के बाद दो राष्ट्रीय पार्टियों कांग्रेस और भाजपा की स्थिति क्या होगी, यह जानना जरुरी है। क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर जहां भाजपा और मजबूत होगी या नहीं, क्या कांग्रेस अपना अस्तित्व बचा पायेगी या नहीं? ऐसे बहुत से प्रश्नों का उत्तर ही अगले लोकसभा चुनाव में भारत की राजनीति का निर्णय कर सकते हैं। अभी तक जो भी जानकारी मिल रही है, उससे तो ऐसा लगता है कि कांग्रेस अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है और उसकी स्थिति अधिक खराब होने वाली है।

जिन पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, उनमें पुडुचेरी कांग्रेस साशित था। यद्यपि चुनाव से कुछ पहले ही उसकी सरकार गिर गयी थी। पुडुचेरी में कांग्रेस के कई बड़े स्थानीय नेता पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि यहां भाजपा गठबंधन की सरकार बन जायेगी। भाजपा के पास असम में सत्ता थी। यहां कांग्रेस के पास प्रदेश स्तर का कोई ऐसा नेता अब दिखायी नहीं देता, जिसके नाम पर पार्टी वोट मांग सके। यहां भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रख सकती है। केरल में एलडीएफ से कांग्रेस सत्ता छीन पायेगी, इसकी उम्मीद कम ही है। राहुल गांधी ने दक्षिण भारत पर विशेष जोर दिया है, लेकिन उनमें नरेंद्र मोदी जैसा करिश्मा कर पाने की क्षमता नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने वाले अधिकांश मतदाता कह रहे हैं कि उन्हें राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की उम्मीद थी, इसलिये वोट दिया था। केरल विधानसभा चुनाव में ऐसा कुछ नहीं है। इसलिये एलडीएफ का साथ देंगे।

तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस का गठबंधन है। यहां डीएमके भाजपा और एआईएडीएमके गठबंधन को चुनौती देती हुई दिखायी दे रही है, लेकिन कांग्रेस को उतना समर्थन नहीं मिल रहा है। प्रमुख लड़ाई डीएमके और एआईएडीएमके के बीच ही नजर आ रही है। इस कारण कांग्रेस तमिलनाडु में कोई बहुत बड़ा चमत्कार कर पायेगी, इसकी उम्मीद नहीं है। पश्चिम बंगाल में अभी कुछ चरणों का मतदान बाकी है। शेष चार राज्यों में मतदान होने के बाद कांग्रेस के दोनों स्टार प्रचारक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा लगभग गायब हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा के पति को कोरोना होने के कारण वो प्रचार अभियान से दूर हैं। राहुल गांधी भी ऐसा लगता है कि अब चुनाव प्रचार करके थक चुके हैं, इसलिये छुट्टी मना रहे हैं। ऐसे में मतलब साफ है कि स्वयं कांग्रेस को पश्चिम बंगाल से कोई उम्मीद नहीं है। फिर हम यहां किसी चमत्कार की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?

इन पांचों राज्यों में कांग्रेस को सिर्फ असम से थोड़ी बहुत उम्मीद है, बाकी कहीं कांग्रेस को थोड़ा भी फायदा होगा, ऐसा नहीं लगता। कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है, उसे इस स्थिति में बने रहने के लिये भी इन पांचों राज्यों में अच्छा प्रदर्शन करने की जरुरत थी। राहुल गांधी को अब कोई गंभीरता से नहीं लेता। प्रियंका को इंदिरा गांधी का रुप बताया जाता था, लेकिन उन्हें भी अभी तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। इस बार प्रियंका की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी, ऐसे में वो कांग्रेस का प्रचार करती रहती तो भी कोई दिक्कत नहीं थी। फिर वो प्रचार अभियान से दूर क्यों हो गई? क्या उन्हें भी कांग्रेस के असफल होने की संभावना दिख गयी थी? इसीलिए हार का ढीकरा प्रियंका पर न फूटे, इसी को ध्यान में रखकर ऐसा किया गया है।

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि कांग्रेस को भी इन पांच राज्यों में चुनावों से कोई बहुत अधिक उम्मीद नहीं है। फिलहाल उसके राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे पर खतरा नहीं है, लेकिन यदि इसी तरह एक-एक करके उसके हाथ से राज्यों की सत्ता चली गयी, तो सिर्फ अगले 10 सालों में कांग्रेस का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा जाने का खतरा पैदा हो जायेगा।

लेखक मातृभूमि समाचार के संपादक हैं।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

कोरोना के कारण जेलों में बंद कैदियों को दे जमानत या पैरोल : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली (मा.स.स.). देश में कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *