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चीन के 25 लड़ाकू विमानों ने ताइवान की सीमा में की घुसपैठ

ताइपे (मा.स.स.). चीन ने अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी से चिढ़ते हुए ताइवानी एयरस्पेस में अबतक की सबसे बड़ी घुसपैठ को अंजाम दिया है। चीनी वायु सेना के 25 लड़ाकू विमानों ने एक साथ ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में प्रवेश किया। चीन के परमाणु बॉम्‍बर H-6K समेत 25 लड़ाकू विमानों के घुसने से ताइवानी वायु सेना भी हरकत में आ गई। ऐक्शन में आए ताइवान ने भी अपनी मिसाइलों का मुंह चीन के लड़ाकू विमानों की तरफ मोड़ दिया। तनाव बढ़ता देख चीन ने विमान तुरंत ही ताइवान की वायुसीमा के बाहर भाग गए।

ताइवानी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह चीन के लड़ाकू विमानों की सबसे बड़ी घुसपैठ है। इससे पहले 27 मार्च को चीनी वायुसेना के 20 लड़ाकू विमानों ने एक साथ ताइवानी वायुसीमा में घुसपैठ की थी। चीन की वायुसेना पिछले कुछ महीने से लगातार ताइवान के इलाके में घुसपैठ कर रही है। चीन की कम्युनिस्ट सरकार ताइवान को अपने देश का अभिन्न अंग मानती है। चीनी विमानों की बढ़ती घुसपैठ को देखते हुए ताइवान ने भी अपने लड़ाकू विमानों को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है।

ताइवान ने रिपोर्ट जारी कर बताया कि चीन के जिन विमानों ने घुसपैठ की उसमें 2 वाई-8 एंटी सबमरीन एयरक्राफ्ट, 1 केजे-500 अवाक्स, 4 जे-10 लड़ाकू विमान, 14 जे-16 लड़ाकू विमान और चार की संख्या में एच-6के परमाणु बॉम्बर्स शामिल रहे। ये विमान ताइवान की वायुसीमा में अक्सर घुसते रहते हैं। इस क्षेत्र की रक्षा की जिम्मेदारी चीनी सेना के दक्षिणी कमांड की है। जिसने कुछ दिन पहले ही ताइवान के नजदीक युद्धाभ्यास भी किया था।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने ताइवान पर हमला करने की सोचने को लेकर चीन को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि चीन की आक्रामक कार्रवाई हमारे लिए वास्तविक चिंता का विषय है। ब्लिंकेन ने जोर देकर कहा कि ताइवान के पास चीन को जबाव देने के लिए पूरी क्षमता मौजूद है। अमेरिका भी पश्चिमी प्रशांत में शांति और सुरक्षा कायम करने के लिए प्रतिबद्ध है। ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा था कि हम बिना किसी सवाल के खुद का बचाव करने के लिए तैयार हैं और अगर हमें युद्ध लड़ने की जरूरत है तो हम आखिरी सांस तक लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आखिरी तक हमें खुद के लोगों की रक्षा करनी पड़ी तो हम उससे भी पीछे नहीं हटेंगे। ताइवानी विदेश मंत्री के इसी बयान से चीन चिढ़ा हुआ है।

ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, घुसपैठ करने वाले चीन के जहाजों में वाई-8 एंटी सबमरीन प्लेन सबसे ज्यादा बार शामिल रहा है। ये विमान समुद्र में सतह के ऊपर और पानी के नीचे की गतिविधियों को ट्रैक करने में माहिर हैं। हालांकि, अमेरिका के पास कई ऐसी पनडुब्बियां हैं जिनका पता चीन का कोई भी एंटी सबमरीन वारफेयर सिस्टम नहीं लगा सकता है। रविवार सुबह को भी चीन के एक विमान ने ताइवान में घुसपैठ की थी।

चीन का H-6K विमान बेहद खतरनाक है। यह विमान परमाणु हमला करने में भी सक्षम है। इसमें तेजी से उड़ने वाले ड्रोन से लेकर एंटी शिप मिसाइलों को ले जाने के लिए बनाया गया है। यह विमान क्रूज मिसाइलें भी दागने में सक्षम है। चीन ने इस बमवर्षक विमान का उन्‍नत संस्‍करण H-6N को भी विकसित किया है। H-6K सोवियत संघ के Tu-16 बमवर्षक विमान पर आधारित है। चीन ने अब अपने H-6N विमान के लिए हवा से दागे जाने में सक्षम हाइपरसोनिक मिसाइलें बना रहा है।

चीन का चेंगदू जे-10CE पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स के J-10 फाइटर जेट का निर्यात संस्करण है। यह एक मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट है, जो किसी भी मौसम में उड़ान भर सकता है। वजन में हल्का होने के कारण इस फाइटर जेट को ऊंचाई वाले इलाकों में भी आसानी से ऑपरेट किया जा सकता है। एक बार में यह विमान 1,850 किलोमीटर उड़ान भर सकता है। इसकी अधिकतम स्पीड मैक 1.8 है।

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