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कहीं सपा में सुल्तान अंसारी को कमजोर करने के लिए तो नहीं खड़ा किया गया अयोध्या विवाद

लखनऊ (मा.स.स.). श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर के प्रकल्पों के लिए खरीदी गई जमीन पर घोटाले के आरोप से देश में सियासत गर्म हो गई है। लेकिन इस धंधे में जिसे सबसे ज्यादा कैपिटल गेन हुई वह सुल्तान अंसारी समाजवादी पार्टी का नेता है। वह समाजवादी पार्टी से पार्षद का चुनाव भी लड़ चुका है। मामला चर्चा में आने के बाद अखिलेश के साथ उसकी फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

रामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट द्वारा बाग बिजैसी इलाके में क्रय की गई जमीन का एक विक्रेता सुल्तान अंसारी सपा का नेता है। उसने वर्ष 2017 में ह़ुए नगर निगम चुनाव में विभीषण कुंड वार्ड से सपा से पार्षद का चुनाव भी लड़ा था, इस चुनाव में वह महज कुछ मतों से भाजपा के वरिष्ठ नेता घनश्याम दास से चुनाव हार गया था। सोशल मीडिया पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ उसकी फोटो भी शेयर हुई है। अगले साल विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में सुल्तान अंसारी भी समाजवादी पार्टी से टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकता था। एक हिन्दू संस्था के साथ मिलकर घोटाला करने का आरोप लगने के बाद अब उसकी दावेदारी कमजोर हो गई है। इस कारण दूसरे सपा नेताओं के पास सुल्तान अंसारी को राजनितिक रूप से किनारे करने का कारण मिल गया है।

कटरा मोहल्ले के सुतहटी इलाके में रहने वाले सुल्तान के पिता नन्हें मियां जिले के सबसे बड़े प्रॉपर्टी डीलर के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने जमीन की खरीद फरोख्त में बेहिसाब संपत्ति अर्जित की है। उनके इस धंधे में सुल्तान भी शामिल था। वहीं, रवि मोहन तिवारी उर्फ चिंटू का निवास अयोध्या महापौर के घर के पास ही में ही है। वह महापौर के काफी करीबी भी माने जाते हैं। रवि व सुल्तान एक साथ मिलकर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट को जमीन का एग्रीमेंट करने वाले सुल्तान अंसारी ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत करते हुए कहा कि सपा के पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय व आप नेता संजय सिंह का आरोप सरासर गलत है। जिस जमीन को लेकर सवाल उठाया गया है, उसका वर्ष 2011 से एग्रीमेंट चलता आ रहा है। तब से अब तक चार बार एग्रीमेंट का रिन्यूवल हुआ है। रामजन्मभूमि में हमारी आस्था है, राम के काम के लिए जमीन दी है। जमीन का सर्किल रेट देखें तो यह जमीन वर्तमान में 24 करोड़ रुपये की है। सारे आरोप गलत हैं, मेरे पास साक्ष्य हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ फोटो वायरल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सही है कि पहले मैं समाजवादी पार्टी में था, लेकिन अब नहीं हूं। वायरल फोटो काफी पुरानी है।

20 नवंबर 2017-महफूज आलम, जावेद आलम, नूर आलम व फिरोज पुत्रगण मो. आलम निवासी बरवारी टोला थाना रामजन्मभूमि अयोध्या ने गाटा संख्या 242, 242/1, 242/2, 243, 244, 246 रकबा 2.334 हेक्टेयर जमीन कुसुम पाठक पत्नी हरीश पाठक उर्फ स्वामी हरिदास व हरीश पाठक उर्फ स्वामी हरिदास पुत्र स्व हौसिला प्रसाद पाठक निवासी पठकापुर थाना छावनी बस्ती को रजिस्ट्री की। 21 नवंबर 2017–कुसुम पाठक व हरीश पाठक उर्फ स्वामी हरिदास ने इस गाटा की कुल 2.334 हेक्टेयर भूमि का बिना कब्जा एंग्रीमेंट इच्छाराम सिंह व उनके पुत्र बसपा नेता जितेंद्र कुमार सिंह उर्फ बबलू व राकेश कुमार के नाम किया। 07 दिसंबर 2017-उपरोक्त विक्रय विलय अनुबंध का निरस्तीकरण हुआ।

2019-इस भूमि का नया एंग्रीमेंट सुल्तान अंसारी व रविमोहन तिवारी ने हरीश पाठक उर्फ स्वामी हरिदास व कुमुस पाठक से अपने नाम कराया। 18 मार्च 2021-कुसुम पाठक व हरीश पाठक के साथ सुल्तान अंसारी व रवि मोहन तिवारी ने गाटा संख्या 243, 244, 246 रकबा 12080 वर्ग मीटर की रजिस्टी करा ली। 18 मार्च 2021-सुल्तान अंसारी व रवि मोहन तिवारी ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र टष्ट को जरिए चंपत राय पुत्र स्व रामेश्वर प्रसाद निवासी राम कचेहरी रामकोट जिला अयोध्या के नाम कब्जा सहित विक्रय अनुबंध कर दिया।

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