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विकास दुबे की पत्‍नी ने पति की बायोपिक बनाने वालों को भेजा नोटिस

कानपुर (मा.स.स.). बिकरू कांड पर बायोपिक बना रहे निर्माता और निर्देशक मोहन नागर को कुख्‍यात अपराधी रहे विकास दुबे की पत्‍नी ने कानूनी नोटिस भेजा है। रिचा दुबे ने नोटिस में बायोपिक को भारतीय संविधान के अनुच्‍छेद-21 का उल्‍लंघन बताया है। मिली जानकारी के अनुसार यह बायोपिक ‘हनक’ नाम से बन रही थी।

हाईकोर्ट बार एसासिएशन के महासचिव प्रभा शंकर मिश्र और सह अधिवक्‍ता ऋषभ राज ने मोहन नागर को नोटिस भेज इसे तत्‍काल रोके जाने की मांग की है। उन्‍होंने आरोप लगाया है कि पीड़ित परिवार से बिना अनुमति लिए ही फिल्म का निर्माण किया जा रहा है और यह अफवाह फैलाई गई कि विकास दुबे की पत्नी रिचा ने 50 लाख रुपये में फिल्म के प्रसारण व पुस्तक के प्रकाशन का अधिकार बेचे हैं।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 कहता है कि “किसी भी व्यक्ति को विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अतिरिक्त उसके जीवन और वैयक्तिक स्वतंत्रता के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है”। … उल्लेखनीय है कि प्राथमिक स्तर पर शिक्षा के अधिकार को 2002 के 86वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 21ए के तहत मौलिक अधिकार बना दिया गया है।

कानपुर एनकाउंटर केस और विकास दुबे पर बायोपिक बनने की खबर पिछले साल दिसम्‍बर में आई थी। तब पता चला था कि ‘हनक’ की शूटिंग मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पास मंडीदीप में चल रही है। यह बायोपिक मुंबई के ‘द प्रोडक्शन हेडक्वॉर्टर्स’ के बैनर तले बन रही है। विकास दुबे को नौ जुलाई 2020 को उज्जैन से एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत गिरफ्तार किया गया था। इसके अलगे ही दिन यानी 10 जुलाई 2020 को यूपी पुलिस ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया था।

विकास दुबे केस काफी चर्चित रहा। सोशल मीडिया महीनों छाया रहा। इस प्रकरण की कहानी को वेब सीरिज के जरिए लोगों के सामने लाने की कवायद अब ग्रहण लगता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि यह बायो‍पिक किताब ‘मैं कानपुर वाला’ पर आधारित है। इस किताब को मुदुल कपिल ने लिखा है।

अधिवक्ता प्रभाशंकर मिश्र ने कहा कि उत्पादन मुख्यालय लिमिटेड (यूके ) सरकार प्रोडक्शन इंडिया एलएलपी के साथ मिलकर हनक नाम की एक फिल्म व वेब सीरीज बन रही है। इसके लेखक मृदुल कपिल हैं। उनकी प्रकाशित होने वाली पुस्तक मैं कानपुर वाला पर यह फिल्म आधारित है। यह पुस्तक 10 जुलाई 2020 को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए विकास दुबे की कहानी पर आधारित है। इस मुठभेड़ की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर न्यायमूर्ति बीएस चौहान की अध्यक्षता में एक जांच आयोग की स्थापना की गई थी।

प्रभाशंकर मिश्र ने बताया कि मैं कानपुर वाला पुस्तक के लेखक मृदुल कपिल और वेब सीरीज बनाने वाले इस बायोपिक को झूठे और मनगढ़ंत तथ्यों को पेश कर उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा बदनाम करेंगे। उन्होंने हनक फिल्म के प्रोड्यूसर मोहन नदार, डायरेक्टर मनीष वात्सल्य, लेखक मृदुल कपिल समेत एक दर्जन से लोगों को लीगल नोटिस भेजा है। साथ ही गृह मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी नोटिस की कॉपी भेजी है। कहा कि अगर इसके प्रकाशन और प्रसारण पर रोक नहीं लगी तो वह कोर्ट का सहारा लेंगे।

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