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ओसामा के पिता और चाचा ने आईएसआई के इशारे पर रची थी आतंकी साजिश

नई दिल्ली (मा.स.स.). दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा छह संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी की कड़ी में किसी ‘कर्नल गाजी’ का नाम सामने आया है। वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का हैंडलर है। वो अपने दो जूनियरों के जरिए एक भारतीय मोहम्मद उसैदुर रहमान को निर्देश दे रहा था। सूत्रों के मुताबिक, रहमान संभवतः किसी दूसरे में छिपा है। उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया है।

बड़ी
बात यह है कि गिरफ्तार छह आतंकियों में एक मोहम्मद ओसामा ऊर्फ समी, उसी उसैदुर रहमान का बेटा है। रहमान का भाई उमैदुर भी इस ग्रुप से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि अभी वह भी भागा हुआ है। 22 वर्षीय ओसामा दिल्ली में जामिया नगर इलाके के अबुल फजल एन्क्लेव में रहता था। कुछ समय पहले तक उसका बाप उसैदुर मध्य पूर्व के किसी देश में रहता था। हालांकि, वह अभी कहां है, पुलिस के पास इसकी कोई सुराग नहीं है।

उसैदुर
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के कम-से-कम दो लोगों के संपर्क में था। पुलिस को पता चला है कि आईएसआई के दोनों हैंडलर किसी ‘कर्नल गाजी’ का संदेश उसैदुर रहमान तक पहुंचाया करते थे। पुलिस मान रही है कि गाजी ही आतंक का रास्ता चुनने वाले भारतीयों की ट्रेनिंग की जिम्मेदारी निभाता है। वही पाकिस्तानी मिलिट्री के अपने दो जूनियर ऑफिसरों को गाइड किया करता है जिनकी पहचान अब जब्बार और हमजा के रूप में हुई है।

कर्नल गाजी के निर्देशों पर ही रहमान ने अपने बेटे ओसामा को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजा था। उसने अपने भाई उमैदुर को आंतकी खेमे में भर्तियों को जिम्मेदारी दे रखी थी। अपने भाई के निर्देश पर ही उमैदुर ने प्रयागराज के जीशान को कट्टरता का पाठ पढ़ाते-पढ़ाते आतंकी समूह में शामिल करने में सफलता पाई। उसैदुर रहमान का बेटा ओसामा ने 22 अप्रैल, 2021 को लखनऊ से सलाम एयर की फ्लाइट पकड़ी और ओमान की राजधानी मस्कट चला गया। वहां उसे एक फ्लैट में पहुंचने का निर्देश मिला जहां जीशान पहले से ही मौजूद था। फिर दोनों 15-16 बांग्लाभाषी युवाओं से मिले। वे सभी गुटों में बंटे थे। जीशान और ओसामा को उन्हीं के एक ग्रुप में शामिल कर दिया गया।

अगले कुछ दिनों तक, इन नवसिखुए आतंकियों को छोटी-छोटी समुद्री यात्राओं पर भेजा गया। दिल्ली पुलिस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने अपनी समुद्री यात्राओं में कई बोट बदले। फिर उन्हें पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह के पास जिवानी नाम के एक शहर में पहुंचा दिया गया। वहां एक पाकिस्तानी ने उनकी अगुवानी की और सभी को थट्टा के एक फार्म हाउस ले गया। थट्टा पाकिस्तान के सिंध प्रांत का एक शहर है जहां मुंबई हमले में एकमात्र जिंदा पकड़े गए आतंकी अजमल आमिर कसाब की ट्रेनिंग दी गई थी।

ओसामा और जीशान ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि फार्म हाउस में तीन पाकिस्तानी थे। उनमें दो अपने नाम जब्बार और हमजा बताते थे। उन्हीं दोनों ने उन्हें ट्रेनिंग दी। दोनों पाकिस्तान आर्मी से थे और मिलिट्री यूनिफॉर्म ही पहना करते थे। ओसामा और जीशान ने बताया कि उन्हें कराची भी ले जाया गया था।

दोनों ने बताया कि उन्हें 15 दिनों की ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान उन्हें आईईडी असेंबल करने और बम बनाने के साथ-साथ रोजमर्रा के सामानों में छिपाकर हथियारों को एक-जगह से दूसरे जगह सावधानी से ले जाने की सीख दी गई। उन्हें एक-47 और छोटे-छोटे हथियार चलाने की भी ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग के बाद दोनों को मस्कट के रास्ते ही भारत भेज दिया गया। उधर, भारत का भगोड़ा आतंकवादी दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस आरडीएक्स, ग्रीनेड और हथियार मुहैया कराता रहा। उन्हें अलग-अलग चरण में भारत भेजा जाना था।

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