बुधवार , अप्रेल 14 2021 | 04:25:20 PM
Breaking News
Home / राज्य / राजस्थान / कुतिया भी मर जाती है तो नेता शोक मनाते हैं : सत्यपाल मलिक

कुतिया भी मर जाती है तो नेता शोक मनाते हैं : सत्यपाल मलिक

झुंझुनूं (मा.स.स.). देश में जहां किसानों और सरकार की आपसी सहमति नहीं बन पा रही है। वहीं इसी बीच एक बार फिर कृषि कानूनों को लेकर मेघालय के राज्यपाल सतपाल मलिक ने एक बड़ा बयान दिया है। झुंझुनूं में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे मलिक ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किसान आंदोलन का इतना लंबा चलना किसी के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि कुतिया भी मर जाती है तो उसके लिए हमारे नेताओं का शोक संदेश आता है, लेकिन 250 किसान मर गए, कोई बोला तक नहीं। मेरी आत्मा को दर्द देता है। उन्होंने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है, जो हल ना हो सके। बहुत दूरी नहीं है, मामला निपट सकता है

मलिक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एमएसपी ही मुद्दा है। यदि एमएसपी को लीगलाइज कर देंगे, तो आसानी से यह मुद्दा हल हो जाएगा। उन्होंने कि देशभर के किसानों के बीच यह मुद्दा बन चुका है। ऐसे में इसे जल्द हल करना चाहिए। एक सवाल पर मलिक ने कहा कि मैं संवैधानिक पद पर हैं। बिचौलिया बन कर काम नहीं कर सकता। उन्होंने कहा मैं सिर्फ सलाह दे सकता हूं, किसान नेताओं को और सरकार के नुमाइंदों को , मेरा सिर्फ इतना सा ही रोल है।

किसान आंदोलन पर बात करते हुए मलिक ने कहा कि किसानों के उचित मूल्य ना मिलने का मुद्दा आज का नहीं है। उन्होंने ब्रिटिश शासन के दौरान मंत्री रहे छोटूराम और वायसराय के किस्सा भी शेयर करते हुए कहा कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान वायसराय मंत्री छोटूराम से मिले और उनसे अनाज की मांग की, तब छोटूराम ने कहा कि दाम मैं तय करूंगा कि आपको अनाज कितने में देना है। तब वायसराय ने छोटूराम से कहा कि मैं सेना को भेजकर अनाज ले लूंगा, तो छोटूराम ने जबाब दिया कि मैं किसानों को कह दूंगा कि खड़ी फसल में आग लगा दे , लेकिन आपको कम कीमत पर गेहूं ना दें।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

बदलती जीवनशैली से प्रभावित हो रही सुनने की क्षमता, ईएनटी चिकित्सकों ने जताई चिंता

जयपुर (मा.स.स.). बदलते दौर में कोरोना, लॉकडाउन और बदलती जीवनशैली में सामान्य से अधिक लोगों …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *