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सचिन वाझे अंबानी के घर पीपीई किट नहीं कुर्ता-पजामा पहन पहुंचे थे

मुंबई (मा.स.स.). नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास विस्फटकों से भरी कार रखने की गुत्थी सुलझाने के काफी करीब है। मुंबई पुलिस के अधिकारी रहे सचिन वाझे की गिरफ्तारी के बाद एनआईए ताबड़तोड़ छापेमारी कर इस रहस्य को सुलझा रही है। अब एनआईए ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज में जो शख्स दिख रहा है, वह सचिन वाझे हैं, जो लंबे रूमाल से सिर को बांधे दिख रहे हैं।

साथ ही एजेंसी ने कहा है कि वाझे का जो लैपटॉप सीज किया गया है, उसके सारे डेटा डिलीट कर दिए गए हैं। बता दें कि एनआईए की टीम ने सचिन वाझे के दफ्तर की तलाशी के दौरान वहां से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जैसे लैपटॉप, आई-पैड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एनआईए ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में सचिन वाझे को अपने सिर को बड़े रूमाल से ढंकते हुए देखा जा सकता है, ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। उन्होंने अपनी बॉडी लैंग्वेज और चेहरे को ढकने के प्रयास में एक ओवर साइज़्ड कुर्ता-पायजामा (पजामा) पहना था। एजेंसी ने कहा कि वह पीपीई किट नहीं था। ऐसा इसलिए किया ताकि उनके चाल-चलन और हा-भाव से कोई पहचान न सके।

एजेंसी ने कहा कि सचिन वाझे के केबिन से जो लैपटॉप जब्त किया गया था, उसमें मौजूद सभी डेटा पहले ही डिलीट कर दिए गए थे। वाझे से उनका सेलफोन मांगा गया था मगर उन्होंने कहा था कि उनका मोबाइल कहीं रखा गया है। मगर हकीकत यह है कि सचिन वाझे ने जानबूझकर इसे फेंक दिया था। बता दें कि निलंबित और इस मामले में 13 मार्च को गिरफ्तार किए गए पुलिस अधिकारी सचिन वाझे शहर पुलिस की अपराध शाखा के सीआईयू से संबंद्ध थे। शाखा का दफ्तर दक्षिण मुंबई में पुलिस आयुक्त कार्यालय के परिसर में स्थित है।

अधिकारी ने बताया कि एनआईए की टीम ने वाजे के दफ्तर की तलाशी के दौरान वहां से कुछ ‘आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जैसे लैपटॉप, आई-पैड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। उन्होंने कहा कि तलाशी सोमवार शाम करीब आठ बजे शुरू हुई और सुबह चार बजे तक चलती रही। अधिकारी ने बताया कि एनआईए ने अभी तक सहायक पुलिस आयुक्त सहित अपराध शाखा के सात अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं।

गौरतलब है कि अंबानी के मकान के पास कार्मिचेल रोड पर विस्फोटक लदी एसयूवी बरामद होने के दो दिन बाद 27 फरवरी को काजी ने ठाणे जिले के साकेत इलाके में रहने वाले वाजे की हाउसिंग सोसायटी के सीसीटीवी की फुटेज ली थी। अधिकारी ने बताया कि इस वीडियो (डीवीआर) का जिक्र बरामद सामान की सूची में नहीं था और जांच एजेंसी को संदेह है कि यह फुटेज साक्ष्य को नष्ट करने के लिए लिया गया था जिससे वाजे मामले में फंस सकते थे।

व्यावसायी मनसुख हिरन की पत्नी का आरोप है कि एसयूवी का कुछ समय तक वाजे ने इस्तेमाल किया था। गौरतलब है कि हिरन ने दावा किया था कि स्कॉर्पियो उनके पास से चोरी हुई थी। हिरन की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई है। पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि काजी ने कथित रूप से फर्जीनंबर प्लेट खरीदी थी, जो एसयूवी से मिली। अधिकारी ने बताया कि अपराध से जुड़े विभिन्न जगहों पर काजी की मौजूदगी के कारण ही वह एनआई की राडार पर हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।

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