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सांसद रामस्वरुप शर्मा की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत

शिमला (मा.स.स.). सांसद रामस्वरूप शर्मा की मौत के पीछे उनकी खराब तबीयत को बताया जा रहा है। कुछ लोगों के अनुसार वे कई दिनों से तनाव में थे। यद्यपि उन्हें किस कारण से तनाव था, इसका कारण अभी पता नहीं चल सका है। ऐसे में उनकी मौत कैसे हुई यह कहना मुश्किल है। मृतक सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी निकट थे।

अरे भाई रामस्वरूप तुमने मंडी सीट कैसे जीत ली। मोदी जी आपके आशीर्वाद से विजय मिल गई। बहुत खूब…। यह कहते हुए नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय सीट के भाजपा सांसद राम स्वरूप से गले मिले थे और उनकी पीठ थपथपाई थी। 2014 में मंडी सीट को लेकर भाजपा भी आशान्वित नहीं थी। शुरू में भाजपा नेता भी प्रदेश में तीन लोकसभा सीटों पर जीत मानकर चल रहे थे, लेकिन चुनाव नतीजों में चारों सीटें भाजपा के खाते में आईं थीं।

पार्टी की ओर से भी नरेंद्र मोदी को कुछ ऐसा ही फीडबैक दिया गया था। इसलिए पीएम मोदी भरोसा नहीं कर पाए थे कि रामस्वरूप ने भी अपनी सीट जीत ली। 2014 में नरेंद्र मोदी की लहर के बीच रामस्वरूप शर्मा ने पहली बार चुनाव लड़ा था और कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह को 39,796 वोटों से हराया था। भाजपा सांसद रामस्वरूप शर्मा का जन्म 10 जून 1958 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में हुआ था। वह मंडी जिला भाजपा और बाद में हिमाचल प्रदेश राज्य भाजपा के आयोजन सचिव भी रहे। उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य और नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।

रामस्वरूप शर्मा आरएसएस के सक्रिय सदस्य थे। 12 सितम्बर 2014 को विदेश मामलों पर स्थायी समिति के सदस्य चुने गए। पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के तहत परामर्श समिति के सदस्य भी रहे। मंडी के शिवरात्रि महोत्सव के शुभारंभ पर 12 मार्च को जब लोगों ने उनकी हालत देखी तो हर कोई स्तब्ध था। उसी दिन शाम को सांस्कृतिक संध्या में भी उनके स्वास्थ्य को लेकर नेताओं में चर्चा बनी हुई थी। रामस्वरूप शर्मा खुद को मोदी का सुदामा बताते थे, उन्होंने मंडी का नाम छोटी काशी के रूप में उभारा। रामस्वरूप शर्मा ने 1985 तक एनएचपीसी में नौकरी की थी व कबड्डी के खिलाड़ी भी रहे। चंबा में इसी दौरान आरएसएस से जुड़ गए व प्रचारक बन गए। उसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें भाजपा का टिकट मिला।

शर्मा इस बार मंडी संसदीय क्षेत्र से दूसरी बार सांसद बने थे। संगठन के कार्यों में भी वह सक्रिय रहते थे। जिला मंडी के भाजपा अध्यक्ष रणवीर सिंह ने बताया कि सांसद के निधन की सूचना मिली है। पार्टी पदाधिकारी व कुछ उनके करीबी लोग दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि नरेंद्र मोदी जब हिमाचल के प्रभारी थे तो रामस्वरूप शर्मा को संगठन महामंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। वे अनेक पदों पर काम करते रहे। मंच पर जाने से भी संकोच करते थे। संगठन मंत्री के नाते पीछे ही रहते थे, पर संगठन के लिए समर्पित थे।

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