बुधवार , दिसम्बर 08 2021 | 01:14:50 PM
Home / राष्ट्रीय / केरल में भारी बारिश से 21 की मौत, सेना को राहत कार्यों के लिए बुलाया गया

केरल में भारी बारिश से 21 की मौत, सेना को राहत कार्यों के लिए बुलाया गया

तिरुवनंतपुरम (मा.स.स.). देशभर में कई जगह मूसलाधार बारिश ने कोहराम मचा दिया है। सबसे ज्‍यादा प्रभावित केरल है। राज्य में शाम से भारी बारिश हो रही है। दक्षिणी राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 21 लोग जान गंवा चुके हैं। कई लापता हैं। वहीं, रविवार को उत्‍तर प्रदेश, उत्‍तराखंड, दिल्‍ली-एनसीआर सहित कई राज्‍यों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 से ज्‍यादा राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अभी भारी बारिश जारी रहेगी। उत्‍तराखंड ने भारी बारिश को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। केंद्र सरकार भी स्थितियों पर नजर रख रही है।

केरल में हालात बहुत ज्‍यादा बिगड़ गए हैं। राज्य में शाम से भारी बारिश जारी है। इससे कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया है। सामान्य यातायात प्रभावित है। बारिश से संबंधित घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। तमाम गांवों और छोटे शहरों के पहाड़ी इलाकों में अभूतपूर्व बारिश के कारण कई भूस्खलन होने के बाद राज्य सरकार ने सशस्त्र बलों की सहायता मांगी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) सघन बचाव अभियान चला रहा है।

केरल में रविवार को बाढ़ राहत अभियान चलाने के लिए सेना, नौसेना और वायु सेना को लगाया गया है। बारिश के कारण नदियों में पानी का बहाव तेज हो गया है। राज्य के कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। केरल के पांच जिलों में रेड अलर्ट के मद्देनजर दक्षिणी नौसेना कमान मुख्यालय को स्थानीय प्रशासन के साथ बचाव कार्यों में सहायता प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। इस बीच केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कोट्टायम जिले के सबसे बुरी तरह प्रभावित गांव कूट्टिकल में फंसे परिवारों को हवाई जहाज से रेस्क्यू करने के लिए कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान से सहायता मांगी है।

अधिकारियों के अनुसार, सेना, नौसेना और वायु सेना के जवान कोट्टिकल और पड़ोसी पेरूवंथनम गांव की ओर जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना ने एक ट्वीट में कहा, ‘भारी बारिश के कारण बाढ़ में डूबे केरल के जिलों में बाढ़ राहत प्रयासों के लिए भारतीय वायु सेना के मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टरों को शामिल किया गया है।’ सेना ने कहा कि उसकी दो टुकड़ी पहले से ही वायनाड और कोट्टायम में इंजीनियरिंग और चिकित्सा घटकों के साथ तैनात है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि केंद्र भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित केरल के लोगों को हर संभव सहायता मुहैया कराएगा। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि सरकार ‘भारी बारिश और बाढ़ के मद्देनजर केरल के कुछ हिस्सों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।’ शाह ने कहा, ‘केंद्र सरकार जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हर संभव सहायता मुहैया कराएगी। एनडीआरएफ की टीम पहले ही बचाव अभियान में मदद के लिए भेजी जा चुकी है। सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं।’ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने तलाश, बचाव और राहत अभियान के लिए राज्य में 11 टीमों को तैनात किया है। भारी बारिश और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 21 हो गई।

रविवार दोपहर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश के बाद कई स्थानों पर बादल छाए रहे। दोपहर 12.30 बजे के बाद दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में काले बादल छा गए। दोपहर 1 बजे तक नोएडा, पूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली और गुरुग्राम में गरज के साथ बौछारें शुरू हुईं। भारत मौसम विज्ञान विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी से परे लोनी (ग्रामीण), हिंडन वायु सेना स्टेशन, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला, नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मानेसर और बल्लभगढ़ में बारिश हुई।

आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और पूर्वी राजस्थान के अलावा हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रविवार और सोमवार को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की भविष्यवाणी की थी। लखनऊ समेत यूपी में भी कई इलाकों में बारिश हुई। आंधी-पानी में कई जगह पेड़ उखड़ गए। उत्तराखंड के ज्यादातर स्थानों पर रविवार तड़के शुरू हुई बारिश और ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी से सर्दी ने दस्तक दे दी। वहीं, मौसम विभाग के अगले दो दिनों तक भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सतर्क रहने और पर्यटकों व चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से विशेष ध्यान रखने की अपील की है।

धामी ने प्रदेश में हो रही भारी बारिश को लेकर मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु से स्थिति की जानकारी ली और पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारियों को संवेदनशील स्थानों पर हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कहीं भी कोई घटना होती है तो प्रतिक्रिया समय कम से कम होना चाहिए। जरूरत होने पर प्रभावितों को तत्काल राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने चार धाम यात्रा मार्ग पर भी विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की जाए। गढ़वाल और कुमाऊं से मिली सूचना के अनुसार, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में सुबह से ही बारिश हो रही है। हालांकि, सरोवर नगरी नैनीताल में बारिश दोपहर बाद शुरू हुई।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

प्रियंका गांधी वाड्रा का सियासी जुआ

-प्रो. रसाल सिंह फरवरी 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधान-सभा चुनाव में जीत के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *