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राहुल गांधी पश्चिम बंगाल में सिर्फ एक बार प्रचार करने पहुंचे, बाकी रैलियां भी की रद्द

कोलकाता (मा.स.स.). कोरोना के बिगड़ते हालात देखते हुए राहुल गांधी ने बंगाल में सभी चुनावी रैलियां रद्द कर दी हैं। अब तक हुए 54 दिन के चुनाव प्रचार में राहुल केवल एक बार रैली करने बंगाल गए, वो भी चौथे चरण के बाद। राहुल ने कहा, ‘कोरोना की स्थिति को देखते हुए मैं पश्चिम बंगाल में अपनी सभी सार्वजनिक रैलियों को स्थगित कर रहा हूं। मैं सभी राजनीतिक नेताओं को सलाह दूंगा कि मौजूदा परिस्थितियों में बड़ी सार्वजनिक रैलियों के आयोजन के परिणामों पर गहराई से विचार करें।’

ऐसा लगता है कि राहुल को पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के तीसरे स्थान पर आने की उम्मीद भी नहीं है। यदि कारण है कि उन्होंने पहले ही अपना बचाव तैयार कर लिया है। पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला टीएमसी और भाजपा के बीच है, इसलिए तीसरे और चौथे स्थान के लिए कांग्रेस को अपने ही सहयोगी वामदलों से मुकाबला करना पड़ रहा है। इसमें भी वामदलों को अधिक सफलता मिलने की उम्मीद है। रही सही कसर प्रियंका गांधी के चुनाव प्रचार से दूर होने के बाद राहुल के द्वारा चुनाव रैली न करने के निर्णय ने पूरी कर दी है।

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से अपील है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बचे हुए 3 चरणों के चुनाव एक साथ कराए जाएं। उन्होंने कहा कि हमने हमेशा 8 चरणों में विधानसभा चुनाव का विरोध किया है। हम नहीं चाहते थे कि कोरोना के बीच राज्य में इतने लंबे समय तक चुनाव चले। अब जब हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं, हम चुनाव आयोग से अपील करते है कि वो इस पर विचार करे। ममता बनर्जी को लगता है कि वो केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में अपने अनुसार चुनाव का रुख नहीं मोड़ सकती हैं। इसलिए यदि चुनाव एक साथ होगा, तो केंद्रीय सुरक्षाबलों की एक पोलिंग स्टेशन पर कम संख्या होगी। इसके आलावा टीएमसी की एक मात्र स्टार प्रचारक होने के कारण उन्हें ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।

5 राज्यों में अब केवल पश्चिम बंगाल ही बचा है जहां तीन चरणों का चुनाव बाकी है। प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रैलियां कर रहीं हैं। इन रैलियों में लाखों की भीड़ आती है। 90% लोग बगैर मास्क के होते हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का तो जिक्र तक नहीं होता। यहां शनिवार को 7,713 नए केस मिले हैं। यह राज्य में एक दिन में मिले मरीजों की सबसे बड़ी संख्या है। इसके बावजूद रैलियों में लापरवाही की जा रही है।

प्रदेश में अगले 8 दिनों के अंदर मोदी की 6, अमित शाह की 10 और ममता बनर्जी की 17 रैलियां होनी हैं। इसके अलावा अन्य नेताओं की सभा और बैठकों की कोई गिनती ही नहीं है। अब कोरोना का ग्राफ देख लें। 26 फरवरी को चुनाव तारीखों का ऐलान हुआ। उस दिन से लेकर आज तक कोरोना की रफ्तार 2663% बढ़ गई है।

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