बुधवार , अक्टूबर 20 2021 | 03:09:33 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / 31 अगस्त के बाद भी अफगानिस्तान में बने रहेंगे अमेरिकी सैनिक : जो बाइडेन

31 अगस्त के बाद भी अफगानिस्तान में बने रहेंगे अमेरिकी सैनिक : जो बाइडेन

वाशिंगटन (मा.स.स.). अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद अपने नागरिकों को निकालने में जुटा अमेरिका फिलहाल अपनी सेना को पूरी तरह से वापस नहीं बुलाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अफगानिस्तान में सैनिकों की वापसी की 31 अगस्त की समयसीमा के बाद भी अमेरिकी सैनिक बने रह सकते हैं। एबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में जो बाइडन ने बुधवार को कहा कि वह अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों को तब तक रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जब तक कि वहां से हर अमेरिकी को नहीं निकाल लिया जाता, भले ही उन्हें वापसी के लिए उनकी 31 अगस्त की समय सीमा के बाद भी वहां सैन्य उपस्थिति बनाए रखना हो।

उन्होंने उन आलोचनाओं का भी जवाब दिया कि अमेरिका को नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने और सैनिकों की वापसी के लिए और काम करना चाहिए था। जो बाइडेन ने कहा कि समय सीमा से पहले अफगानिस्तान से अमेरिकियों और अमेरिकी सहयोगियों को निकालने के लिए अमेरिका अपनी पूरी ताकत झोंक देगा। 31 अगस्त के बाद अफगानिस्तान में अमेरिकियों को छोड़ने में तालिबान कैसे मदद करेगा, इस पर जो बाइडन ने कहा कि 31 अगस्त के बाद भी अगर अमेरिकी नागरिक बचे वहां बचे रहते हैं, तो उन सभी को बाहर निकालने तक हमारी सेना वहां रहेगी।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिकी सैनिकों के वहां रहने की यह समय सीमा किस तरह से बढ़ेगी, इस बात को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। बता दें कि बीते दिनों तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर पूर्ण नियंत्रण करने के बाद से 15,000 अमेरिकी अफगानिस्तान में बचे हुए हैं। बाइडन ने अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने के लिए 31 अगस्त की समयसीमा तय की थी। यह पूछे जाने पर कि 31 अगस्त के बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को बाहर निकालने में प्रशासन कैसे मदद करेगा, इस पर राष्ट्रपति ने कहा, ”अगर कोई अमेरिकी नागरिक वहां रह जाता है तो हम तब तक वहां रुकेंगे जबकि उन्हें बाहर न निकाल लें। रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी सेना के पास काबुल हवाईअड्डे को सुरक्षित करने और राजधानी में बाकी जगहों पर जोखिम परिस्थितियों में रह रहे अफगान नागरिकों को बाहर निकालने के अपने मौजूदा अभियान का विस्तार करने के लिए अफगानिस्तान में बल और हथियार नहीं हैं।

तालिबान की जांच चौकियों पर देश से बाहर जाने वाले कुछ लोगों को रोके जाने की खबरों के बीच यह पूछे जाने पर कि 31 अगस्त से पहले जो लोग देश छोड़ना चाहते हैं क्या उन्हें बाहर निकाला जाएगा। इस पर ऑस्टिन ने कहा, ‘मेरे पास अभी काबुल जाने और अभियानों का विस्तार करने की क्षमता नहीं है।’ उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज करने के लिए दूतावास संबंधी मामलों के और अधिकारियों को भेज रहा है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य ध्यान हवाईअड्डे पर है जो कई खतरों का सामना कर रहा है और उसकी निगरानी की जानी चाहिए। रक्षा मंत्री ने बताया कि लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तालिबान से बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि हवाईअड्डे पर करीब 4,500 अमेरिकी सैनिक हैं जो विदेश मंत्रालय के लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान के लिए सुरक्षा दे रहे हैं।

अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारी काबुल में जांच चौकियों और कर्फ्यू को लेकर तालिबानी कमांडरों से बात कर रहे हैं जिसके कारण कई अमेरिकी और अफगान नागरिक हवाईअड्डे में प्रवेश नहीं कर पाए। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बताया कि 24 घंटों में 325 अमेरिकी नागरिकों समेत करीब 2,000 लोग अमेरिकी वायु सेना के सी-17 विमानों की 18 उड़ानों से विदेश रवाना हो गए।  किर्बी ने बताया कि अमेरिका के कई सैकड़ों और सैनिकों के बृहस्पतिवार तक हवाईअड्डे पर पहुंचने की संभावना है।  विदेश मंत्रालय ने बताया कि वह काबुल में लोगों को बाहर निकालने के अभियान के लिए अफगानिस्तान में अमेरिका पूर्व राजदूत जॉन बास को भेज रहा है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

भारत ने फिर की सर्जिकल स्ट्राइक को देंगे करारा जवाब : पाकिस्तान

इस्‍लामाबाद (मा.स.स.). जम्‍मू-कश्‍मीर में सक्रिय आतंकियों की कमर तोड़ने वाले भारत के ‘सर्जिकल स्‍ट्राइक’ का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *