बुधवार , अक्टूबर 27 2021 | 11:51:07 AM
Breaking News
Home / राज्य / महाराष्ट्र / उद्धव ठाकरे ने कटाक्ष कर ठुकराई राज्यपाल कोश्यारी की विधानसभा सत्र बुलाने की मांग

उद्धव ठाकरे ने कटाक्ष कर ठुकराई राज्यपाल कोश्यारी की विधानसभा सत्र बुलाने की मांग

मुंबई (मा.स.स.). महाराष्ट्र में एक बार फिर से ठाकरे सरकार और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी महिला सुरक्षा के मुद्दे को लेकर आमने सामने आ चुके हैं। मुंबई के साकीनाका रेप केस के बाद महाराष्ट्र में महिलाओं की सुरक्षा को राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को एक चिट्ठी लिखकर विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। राज्यपाल ने कहा कि महाराष्ट्र बीजेपी की महिला विधायकों ने यह मांग की है।

हालांकि गवर्नर के पत्र के जवाब में मुख्यमंत्री ने भी उन्हें चार पन्नों का लम्बा चौड़ा खत भेजा है। जिसमें खुद सीएम ने आग्रह किया है कि रेप सिर्फ मुंबई, महाराष्ट्र की समस्या नहीं है बल्कि पूरे देश की समस्या है। ऐसे वे पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में संसद का चार दिवसीय सत्र बुलवाने की मांग करें। उसी समय साकीनाका रेप केस पर भी चर्चा हो जाएगी। यह टकराव कोई पहली बार नहीं हुआ है, इसके पहले भी उद्धव ठाकरे और राज्यपाल मंदिर और 12 विधायकों की सूची के मुद्दे पर आमने- सामने आ चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राज्यपाल इस तरह से सीएम को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के लिए कह सकते हैं? आखिर क्या हैं राज्यपाल की संवैधानिक शक्तियां?

राज्यपाल की संवैधानिक शक्तियों के बारे जानने की एनबीटी ऑनलाइन की टीम ने संविधान के जानकार डॉ. सुरेश माने से बातचीत की। जिस पर माने ने स्पष्ट रूप से कहा कि विधानसभा का सत्र मंत्रिमंडल और विधानसभा अध्यक्ष की सहमति और मांग पर बुलाया जाता है। राज्यपाल किसी सीएम को इस तरह से विशेष सत्र बुलाने के लिए नहीं कह सकते हैं। यह अधिकार राज्य मंत्रिमंडल का होता है। विधानसभा सत्र के बीच में 6 महीने का अंतर होना जरूरी होता है। हाल में महाराष्ट्र सरकार का दो दिवसीय मानसून सत्र आयोजित हुआ था। कोरोना महामारी की वजह से यह सत्र सिर्फ दो दिन का रखा गया था।

संविधान के अनुसार राज्यपाल राज्य में किसी भी जनसामान्य के मुद्दे पर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं और पत्र भी लिख सकते हैं। हालांकि वे मुख्यमंत्री या राज्य सरकार को विशेष सत्र बुलाने का आदेश नहीं दे सकते हैं। संविधान ने किसी भी राज्य के गवर्नर को कुछ विशेषाधिकार दिए हैं। जैसे विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद किस दल को सरकार बनाने के लिए पहले आमंत्रित करना है। राज्य के विकास मंडल पर टिप्पणी का अधिकार, राज्य की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करने का अधिकार आदि।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

कांग्रेस ने देवेंद्र फडणवीस से किया अनुरोध और भाजपा प्रत्याशी ने वापस लिया नाम

मुंबई (मा.स.स.). महाराष्ट्र में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी संजय उपाध्याय ने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *