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भारत में भरोसा देती है कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या

– सारांश कनौजिया

भारत में कोरोना की स्थिति हर गुजरते दिन के साथ खराब हो रही है। यह हम सभी के लिये चिंताजनक है। किंतु जिस तरह हर सिक्के के दो पहलु होते हैं। उसी तरह कोरोना पर भारत का एक अच्छा पहलु भी है, जो हमें भरोसा दिलाता है कि यह वक्त भी गुजर जायेगा। हम बड़ी संख्या में लोगों को खो चुके हैं और शायद आगे कुछ दिनों तक ऐसा ही चलता रहेगा, लेकिन फिर भी यह दर बहुत कम है। इसका एक कारण कोरोना से तेजी के साथ ठीक होते लोग भी हैं।

भारत में अभी तक 1.66 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। जबकि 25.44 लाख के लगभग कोरोना के एक्टिव केस हैं। इससे स्पष्ट है कि जहां एक ओर प्रतिदिन कोरोना से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 3 लाख से ऊपर पहुंच चुकी है, वहीं दूसरी ओर हर दिन 1.5 लाख से अधिक लोग ठीक हो रहे हैं। यदि कल ही बात करें, तो पूरे देश में 2.20 लाख लोगों ने कोरोना को मात दी। देश का सबसे अधिक कोरोना प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है, वहां कुल संक्रमित मामले 41.61 लाख लोग हैं, तो वहीं 34.04 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। इसके बाद केरल का नंबर आता है। यहां कुल संक्रमित 13.50 लाख हैं, जिनमें फिलहाल एक्टिव केस 1.79 लाख हैं। यही हाल देश के अन्य सबसे अधिक प्रभावित प्रदेशों का भी है।

जब हम बात अच्छी खबर की कर रहे हैं, तो देश के सबसे कम प्रभावित कोरोना प्रदेशों पर भी नजर डालना जरुरी है। देश के सबसे कम कोरोना प्रभावित प्रदेशों में अधिकांश पूर्वोत्तर भारत से हैं। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा व सिक्किम में कोरोना के सक्रिय मामले 1000 से भी कम हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यदि भारत में इसी प्रकार कोरोना के मामले बढ़ते रहे, तो हम अमेरिका को भी पीछे छोड़ देंगे। मुझे उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा। इसके पीछे का कारण भारत में कोरोना से जुड़े कुछ अन्य आकड़े हैं ।

भारत भले ही कुल कोरोना संक्रमितों के मामले में दूसरे स्थान पर हो, लेकिन मृत्यु के मामले में हम चौथे स्थान पर हैं। हमसे आगे अमेरिका, ब्राजील और मैक्सिको हैं। प्रति 10 लाख कोरोना संक्रमितों के मामले में भारत 119वें स्थान पर आता है अर्थात विश्व के 118 देशों में प्रति दस लाख की आबादी में भारत से अधिक कोरोना के मामले हैं। यही हाल मौतों के मामले में भी हैं। कुछ लोग कह सकते हैं कि भारत में टेस्ट नहीं हो रहे, इसलिये आंकड़ा कम है। तो मैं आपको बताना चाहता है कि कोरोना टेस्ट के मामले में भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है। इसलिये अधिक टेस्ट करने के बाद भी हमारे पास कम सक्रिय कोरोना के मामले हैं। कोरोना को हराकर घर जाने वाले लोगों की संख्या के अनुसार भी हम विश्व में दूसरे स्थान पर हैं।

उपरोक्त आंकड़े हमें यह बताते हैं कि हमारी स्थिति विश्व के 100 से भी अधिक देशों से अच्छी है। आने वाले दिनों में स्थिति और बेहतर होगी। उसका कारण यह है कि एक मरीज को ठीक होने में 7 दिन से एक माह तक का समय भी लग जाता है। भारत में कोरोना के मामले पिछले लगभग 10 दिनों में तेजी से बढ़े हैं। ऐसी स्थिति में इस कालखंड के संक्रमित हुये लोगों के ठीक होने का सिलसिला अभी शुरु ही हुआ है। अप्रैल अंत तक वास्तविक स्थिति सामने आयेगी। हो सकता है उस समय पूरे देश में ठीक होने वालों की संख्या, प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या से भी अधिक हो जाये। इसलिये कम से कम अगले एक सप्ताह तक हमें बेहतर कल की उम्मीद में इसी प्रकार संघर्ष करना है। हम इतनी अच्छी स्थिति में क्यों हैं, इसकी चर्चा मैं अपने अगले लेख में करुंगा। यह लेख इसलिये आवश्यक था क्योंकि इस अच्छे पहलू की चर्चा मीडिया व अन्य माध्यमों से कम ही हो रही है। यदि ऐसी बातें ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे, तो हम सबमें  व भरोसा बढ़ेगा।

लेखक मातृभूमि समाचार के संपादक हैं।

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