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अमेरिका का रहा है म्यांमार की सेना से जुड़ी दो कंपनियों पर प्रतिबंध की तैयारी

वाशिंगटन (मा.स.स.). तख्तापलट और प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई के मद्देनजर म्यांमार की सेना से द्वारा नियंत्रित दो कंपनियों पर अमेरिका प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है। मामले से परिचित दो सूत्रों ने समाचार एजेंसी रायटर को यह जानकारी दी। जानकारी के अनुसार अमेरिकी ट्रेजरी, म्यांमार इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन (MEC) और म्यांमार इकोनॉमिक होल्डिंग्स लिमिटेड (MEHL) को ब्लैकलिस्ट करने और अमेरिका में उनकी संपत्ति को फ्रीज करने का कदम उठा सकता है। अमेरिका म्यांमार की सेना को आर्थिक चोट पहुंचाने तैयारी में है।

इससे पहले अमेरिका और ब्रिटेन, साथ ही यूरोपीय संघ और कनाडा ने पहले ही म्यांमार के के सैन्य जनरलों पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। लेकिन अभी सेना के व्यापारिक हित निशाना नहीं बनाया गया था। म्यांमार की अर्थव्यवस्था पर सेना का काफी नियंत्रण है। इसमें शराब और सिगरेट से लेकर दूरसंचार,खनन और रियल एस्टेट शामिल हैं। म्यांमार में गत एक फरवरी को सेना ने तख्तापलट कर दिया था। नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) की सरकार को अपदस्थ करके सेना सत्ता पर काबिज हो गई। इस दौरान देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू की समेत कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। सेना के इस कदम के खिलाफ पूरे देश में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। प्रदर्शनकारियों पर बर्बर कार्रवाई हुई है।

तख्तापलट के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को शांत करने के लिए सेना ने 628 सैक़़डों प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया। इन सभी को पिछले महीने हुए तख्तापलट का विरोध करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। म्यांमार के सरकारी टेलीविजन के मुताबिक यंगून की इनसिन जेल के बाहर रिहा किए गए प्रदर्शनकारियों से भरी बसों को देखा गया। रिहा किए गए लोगों में से अधिकांश युवा थे और वे खुश दिखाई दे रहे थे। प्रदर्शनकारियों में से कुछ ने तीन उंगलियों का चिह्न दिखाया जो सैन्य शासन के खिलाफ विरोध का प्रतीक बन गया है।

एक फरवरी को आंग सान सू की चुनी हुई सरकार का तख्तापलट होने के बाद मार्च के शुरआत में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। एक महिला वकील ने पहचान गोपनीय रखते हुए बताया कि जिन लोगों को रिहा किया गया है उन्हें तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि अब प्रदर्शनों की वजह से गिरफ्तार केवल 55 लोग जेल में हैं और संभवत: उनके खिलाफ दंड संहिता की धारा 505 (ए) के तहत आरोप लगाए जाएंगे। इसमें तीन वषर्ष तक कैद का प्रावधान है। उधर, ‘म्यांमार असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रीजनर्स’ (एमएएपीपी) ने तख्तापलट के बाद कार्रवाई में 275 लोगों के अब तक मारे जाने की पुष्टि की है। वहीं 2,812 लोगों के गिरफ्तार किए जाने की बात कही है। एमएएपीपी ने कहा कि 2,418 लोग अभी भी हिरासत में हैं, जिन पर विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।

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