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काबुल एयरपोर्ट पर धमाकों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 40 हुई, 80 गंभीर, सभी भारतीय सुरक्षित

काबुल (मा.स.स.). अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर लगातार दो धमाकों की सूचना है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि, गुरुवार को हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जोरदार विस्फोट हुआ है। इसके कुछ देर बाद ही दूसरा विस्फोट हुआ। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने दोनों धमाकों की पुष्टि की है। अब तक 40 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। इसमें कुछ अमेरिकी भी हैं। एयरपोर्ट के पास बैरन होटल के पास धमाका हुआ है। सुरक्षा के लिए काबुल एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। सभी विमानों को नाटो की सेना ने अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया है।

सूत्रों के अनुसार 80 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अभी मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। इस बीच राहत की खबर यह है कि सभी भारतीय पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके अलावा भारत आने के लिए प्रतीक्षा कर रहे अफगान सिख और हिन्दू भी सुरक्षित हैं। धमाके के कुछ समय पहले ही तालिबान ने इन लोगों को एयरपोर्ट से यह कहते हुए वापस कर दिया था कि कोई भी अफगानी नागरिक देश नहीं छोड़ सकता। तालिबान का यह हुक्म ही इन अफगानियों के लिए वरदान साबित हुआ। उधर दूसरी ओर अमेरिकी खुफिया विभाग के अनुसार एयरपोर्ट को आईएसआईएस के आतंवादियों ने घेर रखा है। तालिबान ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अपने लड़ाकों को एयरपोर्ट के लिए भेज दिया है। आने वाले दिनों में इन दोनों के मध्य भी जंग छिड़ सकती है।

CNN के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को हमले की जानकारी दे दी गई है। अब तक तीन अमेरिकी सैनिकों के जख्मी होने की खबर है। एयरपोर्ट पर लगातार फायरिंग की भी सूचना मिल रही है। एक अधिकारी ने कहा कि इस घटना में कई अफगानी मारे गए हैं। कई घायल भी हैं। पेंटागन ने भी फिदायीन हमले की पुष्टि की है। इससे पहले तालिबान ने अमेरिका को चेताया था कि 31 अगस्त तक वह किसी भी हाल में वह देश छोड़ दे। अमेरिका ने भी तय समय सीमा में देश से सेना हटाने की बात कही थी। हालांकि आज ही व्हाइट हाउस ने 31 के बाद भी जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जाने का ऐलान किया था।

काबुल एयरपोर्ट पर अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। इस बीच अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन ने आज ही काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमले का बड़ा खतरा बताते हुए अपने नागरिकों से कहा है कि फिलहाल काबुल एयरपोर्ट पर नहीं जाएं और जो लोग एयरपोर्ट के बाहर मौजूद हैं वहां से तुरंत हट जाएं। काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि जो अमेरिकी काबुल एयरपोर्ट के अब्बे गेट, ईस्ट गेट या नॉर्थ गेट पर मौजूद हैं, वे फौरन वहां से हट जाएं और अगले निर्देश का इंतजार करें। वहीं ब्रिटेन ने आशंका जताई है कि ISIS काबुल एयरपोर्ट पर हमला कर सकता है।

तालिबान ने पाकिस्तान से अपनी नजदीकियों की बात कबूल की है। तालिबानी प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तानी चैनल ARY न्यूज से बातचीत में कहा है कि पाकिस्तान उनके संगठन (तालिबान) के लिए दूसरे घर जैसा है। जबीउल्लाह ने ये भी कहा है कि अफगानिस्तान की सीमा पाकिस्तान से लगती है और धार्मिक आधार पर भी दोनों देशों के लोग एक-दूसरे से घुले-मिले हुए हैं। इसलिए हम पाकिस्तान से रिश्ते और मजबूत करना चाहते हैं। जबीउल्लाह ने भारत के साथ भी अच्छे रिश्ते की बता कही है। उसने कहा कि हमारी बस ये इच्छा है कि भारत अफगानियों के हितों के हिसाब से ही अपनी नीतियां तय करे। तालिबान प्रवक्ता ने कश्मीर को लेकर भारत को सकारात्मक रुख अपनाने की नसीहत दी। उसने कहा कि दोनों देशों के हित एक-दूसरे से जुडे हुए हैं, इसलिए हर विवादित मसलों को उन्हें मिल बैठकर सुलझाना चाहिए।

अमेरिका, ब्रिटेन और भारत समेत कई देश काबुल से लोगों को निकालने में जुटे हैं। इस बीच फ्रांस ने फैसला लिया है कि वह 31 अगस्त की डेडलाइन से चार दिन पहले ही यानी शुक्रवार से अपनी उड़ानें बंद कर देगा। रूसी न्यूज एजेंसी स्पूतनिक के मुताबिक फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कास्टेक्स ने कहा है कि शुक्रवार रात के बाद काबुल एयरपोर्ट से इवैक्युएशन फ्लाइट ऑपरेट नहीं कर पाएंगे। दूसरी तरफ अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि अमेरिकी सेना का मिशन पूरा करने की 31 अगस्त की डेडलाइन के बाद भी काबुल एयरपोर्ट को खुला रखा जा सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा है काबुल एयरपोर्ट से ऑपरेशन जारी रखने को लेकर कोशिशें जारी हैं और देखना है कि दूसरे देश इसमें भूमिका निभा पाते हैं या नहीं।

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