शुक्रवार , सितम्बर 24 2021 | 03:27:26 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / बलूच विद्रोहियों ने गोली मार चीनी इंजीनियर को किया घायल

बलूच विद्रोहियों ने गोली मार चीनी इंजीनियर को किया घायल

इस्लामाबाद (मा.स.स.). चीन के आयरन ब्रदर पाकिस्‍तान में चीनी नागरिकों के खिलाफ हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। दासू बम धमाके का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा था कि कराची में बलूच विद्रोहियों ने एक चीनी नागरिक को उसकी कार के अंदर गोली मार दी। इस हमले में चीनी नागरिक बुरी तरह से घायल हो गया है। यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब पाकिस्‍तान ने दावा किया है कि वह सभी चीनी नगरिकों को अपने देश में सुरक्षा प्रदान करेगा।

पिछले साल दिसंबर महीने में कराची में चीनी नागरिक पर हुए हमले के बाद यह चौथा हमला हुआ है। इंजीनियर की हालत स्थिर बताई जा रही है। इस बीच चीन ने इसे छिटपुट घटना बताकर मामले को ठंडा करने की कोशिश की है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के सबसे बड़े कराची शहर में बुधवार को बंदूकधारियों ने कार से जा रहे दो चीनी फैक्टरी श्रमिकों पर गोलियां चलायीं, जिससे उनमें से एक घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि हमलावर मोटरसाइकिल से आये थे और अपराध करने के बाद वे भाग गये।

पुलिस के अनुसार इस गोलीबारी में एक चीनी नागरिक घायल हो गया जबकि दूसरे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पाकिस्‍तानी मीडिया के मुताबिक बलूच‍िस्‍तान लिबरेशन फ्रंट ने इस हमले की जिम्‍मेदारी ली है। यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब कुछ दिन पहले ही खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उपरी कोहिस्तान जिले के दासू क्षेत्र में एक धमाके से बस के नौ चीनी यात्रियों की मौत हो गयी थी एवं 27 अन्य घायल हो गये। इस घटना में कुल 13 लोगों की जान चली गयी थी। इस बीच कराची में हुए ताजा हमले को चीन ने ‘छिटपुट मामला’ बताया।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजान ने कहा, ‘चीन इस मामले पर करीब से नजर बनाये हुए है और संबंधित मामले की जांच चल रही है। वैसे यह घटना छिटपुट मामला है। ’ उन्होंने कहा, ‘हमें पूरा विश्वास है कि पाकिस्तानी पक्ष चीनी नागरिकों एवं संपत्तियों की सुरक्षा करेगा। ’ चौदह जुलाई को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पाकिस्तानी एवं चीनी श्रमिकों को लेकर जा रही बस एक धमाके के बाद नाले में गिर गयी थी। चीन ने तब एक विशेष जांच दल भेजा जब पाकिस्तान से भ्रम में डालने वाले संकेत आने लगे कि यह गैस धमाका हो सकता है।

पाकिस्तान 24 जुलाई को अपने इस पिछले रूख से पीछे हट गया कि तकनीकी समस्या की वजह से धमाका हुआ। दोनों पक्षों ने चेंगडू में पाकिस्तान-चीन विदेश मंत्री रणनीतिक वार्ता के तीसरे सत्र के समापन पर जारी एक संयुक्त विज्ञप्ति में माना कि यह घटना आतंकवादी हमला था। दासू बम धमाके से चीन की चिंता बढ़ गयी क्योंकि हजारों चीन श्रमिक 60 अरब डालर के चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा के तत्वाधान में कार्यरत प्रतिष्ठानों एवं परियोजनाओं में काम कर रहे हैं। बलूच विद्रोही इन चीनी परियोजनाओं का विरोध कर रहे हैं।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

पाकिस्तान के तालिबान से लगाव की भेंट चढ़ी सार्क की बैठक

काठमांडू (मा.स.स.). पाकिस्तान के तालिबान प्रेम के कारण दक्षिण एशियाई देशों के समूह सार्क देशों …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *