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ईडी ने नवाब मलिक के बेटे को अंडरवर्ल्ड कनेक्शन मामले में दिया समन

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मुंबई (मा.स.स.). दाऊद इब्राहिम मनी लॉन्ड्रिंग केस में नवाब मलिक की गिरफ्तारी के बाद अब उनके बेटे की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, ईडी ने उनके बेटे फराज मलिक को समन भेजकर तलब किया है। बताया जा रहा है कि फराज को ईडी की तरफ से समन कल ही भेजा गया था लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। बता दें कि इससे पहले ईडी ने एनसीपी नेता नवाब मलिक को भी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण मलिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, अब उन्हें छुट्टी मिल गई है और वे फिर से ईडी की हिरासत में हैं।

महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अपने खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले को रद्द करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मलिक ने अपनी याचिका में कहा है कि उनकी गिरफ्तारी अवैध है और उन्होंने तुरंत रिहा करने की मांग की है। बीते बुधवार को एनसीपी नेता को ईडी ने गिरफ्तार किया था। उन पर दाऊद इब्राहिम के करीबी से संपत्ति खरीदने का आरोप है। इसके अलावा मनी लांड्रिंग से जुड़े मामले में भी ईडी जांच कर रही है। ईडी की टीम ने बुधवार सुबह करीब सात बजे उनके घर पर छापेमारी की थी। इसके बाद ईडी उन्हें अपने साथ ले आई थी। करीब छह घंटे पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मलिक की गिरफ्तारी के बाद पूरी कहानी का पर्दाफाश किया था। ईडी ने कोर्ट में बताया था कि, मंत्री नवाब मलिक ने कथित रूप से मुनिरा प्लंबर से 300 करोड़ रुपये का प्लाट कुछ लाख रुपये में एक कंपनी के जरिये हड़पा था। इस कंपनी का नाम सॉलिड्स इन्वेस्टमेंट प्रा.लि. है और कंपनी का मालिक मलिक परिवार है। ईडी ने आरोप लगाया कि मलिक यह कंपनी भगोड़े डॉन दाउद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर और डी गैंग के अन्य सदस्यों के सहयोग से चलाते रहे हैं। इस संबंध में मुनिरा प्लंबर ने ईडी को दिए बयान में बताया कि कुर्ला में गोवाला कंपाउंड में उनका 3 एकड़ का प्लॉट था। इस जमीन पर अवैध कब्जे को खाली कराने और विवादों को निपटाने के लिए सलीम पटेल ने उससे पांच लाख रुपये लिए थे, लेकिन उसने यह जमीन थर्ड पार्टी को बेच दी जबकि सलीम को कभी प्रापर्टी को बेचने के लिए नहीं कहा था। यही नहीं, 18 जुलाई 2003 को जमीन के मालिकाना हक ट्रांसफर करने से संबंधित कागज पर ही हस्ताक्षर नहीं किया था। उन्हें इस बात की भनक नहीं थी कि सलीम पटेल ने यह जमीन किसी दूसरे को बेच दी है।

वहीं, इस जमीन से जुड़े कागजातों को खंगालने के बाद ईडी को पता चला कि इसके पीछे सरदार शाहवली खान है जो 1993 के मुंबई बम धमाके का आरोपी है। वह डाटा और मकोका के तहत औरंगाबाद की जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा है। शाहवली खान ने ईडी को बताया था कि सलीम पटेल भगोड़े डॉन दाउद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर का करीबी था। हसीना के निर्देश पर ही सलीम ने मुनिरा की जमीन के बारे में सभी फैसले लिए थे। उस्मानाबाद जिला भाजपा अध्यक्ष नितिन काले का कहना है कि उस्मानाबाद के जवला में 150 एकड़ जमीन मलिक परिवार के नाम पर है। उन्होंने कहा, इतनी जमीन खरीदने का पैसा मलिक के पास कहां से आया। ईडी को इसकी जांच करनी चाहिए। काले ने आरोप लगाया,  20 दिसंबर, 2013 को यह जमीन नवाब मलिक की पत्नी महजबीन, बच्चों सना, नीलोफर, अमीर, फराज और बुशरा के नाम पर खरीदी गई थी। यह जमीन सीलिंग की थी, लेकिन इसकी खरीद के लिए मलिक परिवार ने किसी प्रकार की मंजूरी नहीं ली। भाजपा नेता का कहना है, इस कृषि योग्य जमीन को बंजर बताकर सरकार को भी चूना लगाया गया है। इस जमीन पर एक बंगला भी बना हुआ है।

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