शुक्रवार , मई 20 2022 | 07:24:07 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / कोरोना का नया वैरिएंट और तेजी से फैलता है : डब्ल्यूएचओ

कोरोना का नया वैरिएंट और तेजी से फैलता है : डब्ल्यूएचओ

Follow us on:

अंतरराष्ट्रीय डेस्क (मा.स.स.). कोरोना वायरस महामारी का खतरा अभी टला नहीं है। एशिया और यूरोप के कई देशों में कोरोना के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि दुनिया को एक बार कोरोना की नई लहर देखने को मिल सकती है। इस बार सबसे ज्यादा बुरा हाल ओमीक्रोन के सबवेरिएंट बीए.2 ने किये हुए हैं जोकि कोरोना का अब तक का सबसे तेज फैलने वाला वायरस है।
कोरोना की चौथी लहर के खतरे के बीच एक बुरी खबर यह सामने आई है कि कोरोना के एक नए घातक और तेजी से फैलने वाले म्युटेशन के पता चला है। बताया जा रहा है कि इसमें ओमीक्रोन के मुकाबले दस गुना अधिक फैलने की क्षमता है। इधर डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि कोरोना फिलहाल खत्म होते नहीं दिख रहा है और आगे अधिक घातक वेरिएंट आ सकते हैं, जिसके लिए सभी देशों को तैयार रहना चाहिए।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, कोरोना वायरस का एक नया वेरिएंट सामने आया है जिसे ‘XE’ के नाम से जाना जाता है। सबसे चिंता की बात यह है कि कोरोना के अब तक सबसे तेज फैलने वाले ओमीक्रोन के सबवेरिएंट बीए,2 (BA.2) की तुलना में लगभग दस प्रतिशत अधिक संक्रमणीय हो सकता है। बताया जा रहा है कि कोरोना का नया वेरिएंट XE ओमीक्रोन के दो वेरिएंट बीए1. (BA.1) जोकि मुख्य ओमीक्रोन है और इसके सबवेरिएंट यानी बीए.2 (BA.2) से मिलकर बना एक हाइब्रिड वेरिएंट है। यह इस समय दुनिया भर में केवल कुछ ही मामलों के लिए जिम्मेदार है। डब्ल्यूएचओ ने इसी हफ्ते एक रिपोर्ट में बताया है कि XE recombinant का पहली बार यूनाइटेड किंगडम में 19 जनवरी को पता चला था और तब से लेकर अब तक इसके 600 से कम सिक्वेसिंग में इसकी पुष्टि की गई है।

संगठन ने कहा है कि शुरुआती संकेतों के अनुसार इस वेरिएंट में बीए.2 की तुलना में 10 प्रतिशत तेजी से फैलने की क्षमता है। हालांकि इसके बारे में और अधिक अध्ययन की जरूरत है। संगठन ने यह भी कहा है कि जब तक इसकी गंभीरता और संचरण आदि के बारे में सही जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक इसे डब्ल्यूएचओ के अनुसार ओमीक्रोन वेरिएंट का हिस्सा नहीं माना जाएगा। इस बीच डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कोरोना महामारी को लेकर चेतावनी देते हुए कहा है कि समय के साथ कोरोना की गंभीरता कम हो जाएगी, लेकिन कोरोना के उभरते नए-नए वेरिएंट को लेकर हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया है कि इस साल महामारी कैसे प्रभावित कर सकती है और इससे निपटने के लिए किन उपायों को अमल में लाया जाना चाहिए।

डब्ल्यूएच ओ प्रमुख ने कहा है कि कोरोना के नए-नए वेरिएंट आ रहे हैं, इससे पता चलता है कि यह वायरस बढ़ रहा है लेकिन इनके कारण होने वाली बीमारी की गंभीरता एक समय के बाद कम हो जाती है। इसका कारण यह है कि इन्फेक्शन और वैक्सीन की वजह से इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाता है। इम्यूनिटी कम होने से कोरोना के मामले और मौत की संख्या बढ़ने का खतरा होता है। ऐसे में कमजोर आबादी में बढ़ावा देने की जरूरत हो सकती है। बेहतर स्थिति में हम देख सकते हैं कि कम गंभीर रूप सामने आ रहे हैं और बूस्टर वैक्सीन या नए फॉर्मूलेशन आवश्यक नहीं होंगे।

सबसे खराब स्थिति में एक अधिक विषाणुजनित और अत्यधिक संक्रामक कोविड वायरस का रूप सामने आता है। उन्होंने कहा कि इस नए खतरे के खिलाफ, पहले टीकाकरण या संक्रमण से गंभीर बीमारी और मृत्यु से लोगों की सुरक्षा तेजी से कम हो जाएगी।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

मोदी ने समकक्ष शेर बहादुर के साथ नेपाल में रखी बौद्ध संस्कृति और विरासत केंद्र की आधारशिला

काठमांडू (मा.स.स.). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने नेपाली समकक्ष शेर बहादुर देउबा के …