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मुस्लिम पक्ष के भारी विरोध के साथ शुरू हुआ ज्ञानवापी का सर्वे

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लखनऊ (मा.स.स.). काशी विश्वनाथ कॉरिडोर तैयार होने के बाद वर्षों से लंबित ज्ञानवापी मस्जिद विवाद का समाधान ढूंढने के प्रयास फिर से शुरू हुए हैं। अदालत के आदेश के बाद मस्जिद का सर्वेक्षण शुरू हुआ लेकिन स्थानीय विरोध के चलते आज सर्वेक्षण के काम में काफी बाधा आई। ज्ञानवापी परिसर में वीडियोग्राफी को लेकर शुक्रवार सुबह से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है। परिसर को होर्डिंग आदि से ढक दिया गया है। सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गयी है। परिसर स्थित मां शृंगार गौरी के दर्शन-पूजन को लेकर दायर याचिका पर जिला अदालत ने कमीशन बैठाकर वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया है। इसके लिए छह व सात मई की तिथि तय की है। सर्वे की कार्रवाई के लिए कोर्ट कमिश्नर सहित हिंदू और मुस्लिम पक्ष के वादी और वकीलों ने अंदर प्रवेश किया। इस दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर मुस्लिम समुदाय के युवाओं की ओर से जमकर नारेबाजी की गई।

वाराणसी में मामूली बवाल और नारेबाजी के बीच श्रीकाशी विश्वनाथ धाम-ज्ञानवापी मस्जिद में पहले दिन वीडियोग्राफी और सर्वे का काम खत्म हो गया है। सर्वे का काम कल यानी शनिवार को भी होगा। इधर, हिंदू पक्ष के अधिवक्ताओं ने कहा कि आज ज्ञानवापी परिसर के कुछ हिस्से की वीडियोग्राफी हुई है। परिसर के अंदर जाने का प्रयास किया गया तो प्रतिवादी पक्ष ने विरोध किया और कहा कि आप नहीं जा सकते हैं। शनिवार को 3 बजे फिर एडवोकेट कमिश्नर सर्वे की कार्रवाई शुरू करेंगे। एडवोकेट कमिश्नर ने जिला मजिस्ट्रेट से कहा है कि कल हम बैरिकेडिंग के अंदर जाएंगे और सर्वे का काम होगा। एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र, वादी पक्ष के 18 लोग और प्रतिवादी पक्ष शाम 4 बजे ज्ञानवापी पहुंचे थे। इससे पहले टीम जब पहुंची तभी कुछ युवाओं ने हर-हर महादेव का उद्घोष किया। इस पर कुछ मुस्लिम युवकों ने भी अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाए। कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। दुकानें भी बंद हो गईं। फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

नई दिल्ली की राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास व रेखा पाठक की ओर से 18 अगस्त 2021 को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में वाद दाखिल किया गया था। वाद में कहा गया है कि भक्तों को मां शृंगार गौरी के दैनिक दर्शन-पूजन एवं अन्य अनुष्ठान करने की अनुमति देने के साथ ही परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं के विग्रहों को सुरक्षित रखा जाए। वाद में प्रदेश सरकार के अलावा जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को पक्षकार बनाया गया है। इस वाद पर मौके की वस्तुस्थिति जानने के लिए सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने कमीशन कार्यवाही का आदेश दिया है।

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