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खोले जाएं ताजमहल के बंद दरवाजे, दायर हुई इलाहबाद उच्च न्यायालय में याचिका

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लखनऊ (मा.स.स.). इलाहबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ताजमहल से जुड़ी एक याचिका दायर की गई है। जिसमें यह मांग की गई है कि ताजमहल के अंदर हिंदू मूर्तियों का पता लगाने के लिए उसके बंद दरवाजे खोले जाएं। याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से ताजमहल के सभी 20 कमरों को खोलने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसके लिए एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाने भी कहा गया है।ताजमहल को लंबे समय से हिंदूवादी संगठन तेजोमहल होने का दावा कर रहे हैं। कई हिंदूवादी संगठनों की ओर से सावन में ताजमहल में शिव आरती करने का प्रयास भी किया गया है। पिछले दिनों जगतगुरु परमहंसाचार्य भी ताजमहल को तेजोमहल होने का दावा करते हुए अंदर शिव पूजा करने की बात पर अड़ गए थे।

ताजमहल को लंबे समय से हिंदूवादी संगठन तेजोमहल होने का दावा कर रहे हैं। कई हिंदूवादी संगठनों की ओर से सावन में ताजमहल में शिव आरती करने का प्रयास भी किया गया है। पिछले दिनों जगतगुरु परमहंसाचार्य भी ताजमहल को तेजोमहल होने का दावा करते हुए अंदर शिव पूजा करने की बात पर अड़ गए थे। ताजमहल को तेजो महल बताने वाले की संख्या अब दिनों दिन बढ़ती जा रही है। बीते दिनों अयोध्या के परमहंस दास ने ताजमहल में भगवान शिव की पिंडी होने का दावा किया था।

अयोध्या की बीजेपी इकाई के मीडिया प्रभारी डॉ. रजनीश कुमार सिंह ने अधिवक्ता रूद्र विक्रम सिंह के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक याचिका दाखिल की है। इसमें उन्होंने दावा किया है कि ताजमहल में एक पुराना शिव मंदिर है। शिव मंदिर की मूर्तियां और शिलालेख मुगल सम्राट शाहजहां ने ताजमहल के अंदर छिपा दिए हैं। ये महत्वपूर्ण ऐतिहासिक साक्ष्य आज भी ताजमहल में मौजूद हैं। इन्हें खोजा जाए तो मिल जाएंगे। उन्होंने कोर्ट से इन साक्ष्यों को तलाश करने का निर्देश देने की मांग की है।

याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि ताजमहल की चार मंजिला इमारत के ऊपरी हिस्से में 22 कमरे हैं। जो कि अस्थाई तौर पर बंद किए गए हैं। याची ने एएसआई से ताजमहल परिसर के बंद कमरों के दरवाजे खोलने की मांग की है। उनका दावा है कि इन कमरों के भीतर भगवान शिव की मूर्तियां शिलालेख और महत्वपूर्ण साक्ष्य है। जो कि बताते हैं कि ताजमहल से पहले यहां भगवान शिव का मंदिर था। उन्होंने दावा किया है कि इतिहासकारों ने भी भगवान शिव का मंदिर होने की बात स्वीकारी है।

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