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लेफ्ट के छात्रों ने पहले ही कहा था, ‘जेएनयू में नहीं होने देंगे पूजा, नहीं चलेगी एबीवीपी की विचारधारा’

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नई दिल्ली (मा.स.स.). जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के बाहर भीड़ है और मीडिया वालों को कैंपस के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। पुलिस का सख्त पहरा भी है। अक्सर विवादों में रहने वाले JNU में एक दिन पहले ही यानी 10 अप्रैल को कावेरी हॉस्टल में हिंसक झड़प और पत्थरबाजी हुई। पुलिस के मुताबिक घटना में 6 लोगों को चोट लगी है। वहीं लेफ्ट के छात्रों का दावा है कि 50-60 छात्र घायल हुए हैं, जबकि ABVP का दावा है कि 15-20 छात्रों को चोट आई है, जिसमें से 8-10 छात्र ABVP के हैं।

JNU में हिंसा की ये वारदात का केंद्र बना- कावेरी हॉस्टल। 10 अप्रैल रविवार का दिन और इसी दिन थी राम नवमी। राम नवमी के दिन ABVP के कुछ छात्रों ने कावेरी हॉस्टल में हवन और पूजा का कार्यक्रम रखा। मुद्दा बना- राम नवमी के दिन हॉस्टल में नॉनवेज पकेगा या नहीं। ABVP के कुछ छात्रों की मांग थी कि राम नवमी की पूजा मेस के पास ही हो रही थी, इसलिए नॉनवेज नहीं पकाया जाना चाहिए। वहीं लेफ्ट के छात्रों की मांग थी कि हॉस्टल मेन्यू जो पहले से तय है उसी के मुताबिक खाना बनेगा। हॉस्टल मेन्यू के हिसाब से रविवार को चिकन बनाया जाता है।

JNU ABVP के अध्यक्ष ने कहा ‘जब से हमने पूजा का कार्यक्रम तय किया, तब से ही लेफ्ट वाले धमकी दे रहे थे कि हम पूजा नहीं होने देंगे और हड्डियां बिखेर देंगे। मुद्दा वेज नॉनवेज का नहीं है। मुद्दा ये है कि लेफ्ट वाले राम नवमी की पूजा नहीं होने देना चाहते थे।’ ABVP का दावा है कि उनके करीब 8-10 छात्र घायल हुए हैं। ABVP का कहना है कि ‘लेफ्ट के छात्रों को समस्या हवन, पूजन और भक्तिमय माहौल से थी। समस्या ABVP के बढ़ते जनाधार से थी।’ ABVP से जुड़े छात्र चिराग को भी इस घटना के दौरान हल्की चोटें आई हैं। चिराग ने बताया कि ‘कावेरी हॉस्टल में राम नवमी की पूजा की जाएगी ये बहुत पहले से ही तय था, वहीं साथ में इफ्तार पार्टी भी चल रही।

शाम के बाद लेफ्ट के छात्रों ने हिंसा शुरू कर दी। लेफ्ट के छात्रों ने हम पर पथराव किया, ट्यूबलाइट से हाथ काट दिया। पूजा को रोकने के लिए एक साथ 200 लोग आए, ये पूरी तरह से संगठित षड्यंत्र था।’ ABVP की कुछ छात्राएं में हिंसा की शिकार हुईं। जर्मन सेंटर में थर्ड ईयर की छात्रा दिव्या के हाथ पर प्लास्टर लगा हुआ है। ABVP की सदस्य दिव्या ने बताया कि ‘रामनवमी की पूजा में हम आम छात्र की तरह उसमें शामिल होने गए थे। हमारी पूजा मेस के एकदम बगल में ही हो रही थी।

हमने छात्रों से निवेदन किया कि आज नॉनवेज नहीं बनना चाहिए। फिर वहां 7 बजे के आसपास वामपंथी लोग हाथ में डंडे, पत्थर और कांच की बोतलें लेकर आते हैं और हमला करना शुरू कर देते हैं।मैं अपना रामनवमी का व्रत तोड़ने के लिए हॉस्टल जा रही थी। उसी समय मुझे घेरा गया और मारपीट की गई।’ जब हमने दिव्या से पूछा कि कई सारे लेफ्ट छात्रों को भी चोट आई है, ये कैसे हुआ? इस पर दिव्या ने कहा कि करीब 250 लेफ्ट छात्र आए थे। हो सकता है कि लेफ्ट वालों की आपस में ही लड़ाई हो गई हो।

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