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राष्ट्रगान के फैसले पर ओवैसी ने योगी सरकार पर कसा तंज, कहा देशभक्ति हमें न सिखाए

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लखनऊ (मा.स.स.). उत्तर प्रदेश में पहले बुलडोजर, लाउडस्पीकर, ज्ञानवापी मस्जिद, ताजमहल, श्रीकृष्म जन्मभूमि और अब राष्ट्रगान का मुद्दा सियासी रुप लेता जा रहा है. राष्ट्रगान से जुड़े मुद्दे पर एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी भी कूद पड़े है. उन्होंने एक मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ और बीजेपी देशभक्ति का सर्टिफिकेट हमें न दे. क्योंकि जब देश की आजादी की लड़ाई लड़ी जा रही थी उस समय संघ परिवार नही था. ओवैसी ने आगे कहा कि आप शक की नजर से मदरसों को देखते है. इसलिए ऐसे कानूनों को लागू कर रहे है. ओवैसी की इस बयान के बाद सियासत और गरमा गई है.

राज्यमंत्री दानिश आजाद का बयान
असदुद्दीन ओवैसी के इस बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद ने कहा कि पिछले 5 सालों मे हमारी सरकार ने मदरसों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया है. मदरसों में अब स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है. इसके साथ ही सुबह की प्रार्थना के समय राष्ट्रगान गाना इसलिए अनिवार्य किया गया है, ताकि मदरसों ने पढ़ने वाले बच्चे समाज और देश के निर्माण में अपना योगदान दे सके.

मदरसों मे नए सत्र की शुरुवात
आपको बताते चलें कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड के रजिस्ट्रार एस.एन. पांडे ने विगत 9 मई को प्रदेश के सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को आदेश जारी कर यह कहा था कि 24 मार्च 2022 को बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर नये शैक्षणिक सत्र से सभी मदरसों में सुबह की प्रार्थना के समय राष्ट्रगान अनिवार्य कर दिया गया है. आदेश में आगे यह भी बताया गया है कि 12 मई 2022 से दोबारा खुल रहे मदरसों में सुबह की प्रार्थना के साथ तेज स्वर में राष्ट्रगान गाना अनिवार्य कर दिया गया है. आपको बता दें कि रमजान महीने के दौरान मदरसों में 30 मार्च से 11 मई तक अवकाश चल रहा था.

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