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4 अप्रैल को हो सकती है इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग

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इस्लामाबाद (मा.स.स.). पाकिस्तान से लगातार ऐसी रिपोर्ट्स आ रही हैं कि पीएम इमरान खान की सरकार कभी भी गिर सकती है। बता दें कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं है। ऐसे में पार्टी गठबंधन की सरकार चला रही है। अब पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख रशीद ने बताया है कि इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान 3 या 4 अप्रैल को होने की संभावना है।

इस्लामाबाद में मीडिया से बातचीत करते हुए रशीद ने कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव लाकर विपक्ष ने असल में इमरान खान की मदद की है। अविश्वास प्रस्ताव के कारण इमरान खान की लोकप्रियता और बढ़ गई है। रशीद ने कहा है कि मैंने इमरान खान से जल्द चुनाव करवाने की अपील की है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा है कि जल्द चुनाव का विचार उनकी अपनी राय थी और इसे पकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के रुख के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

विपक्ष को ‘मूर्खतापूर्ण’ करार देते हुए राशिद ने कहा कि उनके अविश्वास प्रस्ताव वाले कदम ने पीएम इमरान खान को लोकप्रियता के उस स्तर पर पहुंचा दिया है जहां जल्दी चुनाव कराने का यह सही समय है। उन्होंने आगे कहा है कि मैं एक शानदार बजट पेश करने के बाद जल्द चुनाव की मांग कर रहा हूं क्योंकि इस अक्षम विपक्ष ने हमें फिर से जीतने का रास्ता आसान कर दिया है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में 342 सदस्य होते हैं। माने सरकार में बने रहने के लिए इमरान खान को 172 सीटें चाहिए होगी। इमरान खान को मौजूदा वक्त में 176 सांसदों का सपोर्ट हासिल है। इसमें इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के 155 सदस्य हैं।

इमरान सरकार को मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (MQM-P) के 7, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद (PML-Q) के 5, बलूचिस्तान आवामी पार्टी (BAP) के 5, ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस के 3 और आवामी मुस्लिम लीग पाकिस्तान के 1 सांसद का समर्थन प्राप्त है। ये कुल नंबर बनता है 176। जम्हूरी वतन पार्टी के 1 और दो निर्दलीय सांसदों ने भी इमरान खान को बाहर से समर्थन दिया हुआ है। MQM-P के 7 और PML-Q और BAP के 5-5 सदस्यों के समर्थन वापस लेने के केस में इमरान सरकार के पास सिर्फ 159 सांसदों का समर्थन रह जाएगा। इसके साथ ही अगर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के 24 नाराज सांसद सरकार से सपोर्ट वापस ले लें तो कुल नंबर बनता है 135। ऐसे में इमरान खान की सरकार अल्पमत में आ जाएगी। ऐसे में बाहरी समर्थन को जोड़ने के बाद में इमरान खान बहुमत से 34 सीट दूर रह जाएंगे।

MQM-P, PML-Q और BAP लगातार बैठक कर रही हैं। ऐसे में जल्द ही इस बात का फैसला हो जाएगा कि ये पार्टियां अब इमरान सरकार का समर्थन करेंगी या नहीं। इससे यह भी साफ हो जाएगा कि इमरान सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी या उससे पहले ही गिर जाएगी। बता दें कि इमरान खान की पार्टी 2018 में सत्ता में आई थी और पाकिस्तान में अगला आम चुनाव अक्टूबर 2023 में होना है।

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