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कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट में उद्धव ठाकरे पर लगाया आचार संहिता तोड़ने का आरोप

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मुंबई (मा.स.स.). पूर्व मंत्री और महाराष्ट्र कांग्रेस के कार्याध्यक्ष नसीम खान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और शिवसेना विधायक दिलीप लांडे के खिलाफ नोटिस जारी किया है और 6 हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। नसीम खान ने मुख्यमंत्री और दिलीप लांडे के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के केस में याचिका दर्ज कराई है। नसीम खान का आरोप है कि 2019 के विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिवसेना प्रत्याशी दिलीप लांडे के पक्ष में प्रचार की समय सीमा खत्म होने के बाद भी चुनाव प्रचार किया था। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे नसीम खान शिवसेना प्रत्याशी दिलीप लांडे से 409 वोट के मामूली वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे।

चुनाव हारने के बाद नसीम खान ने इसी मामले में मुंबई हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन मुंबई हाई कोर्ट द्वारा उनकी याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती दी है। नसीम खान ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट में उनकी याचिका एकतरफा और अन्यायपूर्ण तरीके से रद्द की गई है। नसीम खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेस की खंडपीठ में उनकी याचिका पर सुनवाई हुई। नसीम खान ने बताया कि उनके वकीलों सीए सुंदरम और चिराग श्रॉफ ने अदालत को बताया कि 2019 के विधानसभा चुनावों में 20 अक्टूबर को प्रचार आखिरी दिन था। उस दिन चुनाव प्रचार की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे जो अब राज्य के मुख्यमंत्री हैं अपने करीबी अनिल परब जो इस समय महाराष्ट्र सरकार में परिवहन मंत्री हैं और फिल्म एक्टर मिलिंद गुनाजी के साथ उनके चुनाव क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे थे। जबकि 21 तारीख को मतदान होना था।

नसीम खान ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ चुनाव प्रचार में एक फर्जी वीडियो भी प्रचारित किया गया जिसमें उन्हें पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाते हुए दिखाया गया। खान के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि इस बारे में सारी शिकायत तत्कालीन चुनाव रिटर्निंग अधिकारी के पास दर्ज कराई गई थी लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। 2019 के विधानसभा चुनावों के समय शिवसेना और कांग्रेस एक दसरे के विरोधी थे, लेकिन चुनाव के बाद शिवसेना और कांग्रेस महा विकास आघाडी सरकार में एक साथ हैं।

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