कराची. पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव की आग अब दक्षिण एशिया तक पहुँच गई है। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के कथित हमले में मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के व्यापारिक केंद्र कराची में जबरदस्त हिंसा भड़क उठी है। रविवार को अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) के बाहर प्रदर्शन कर रही भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़प में अब तक 9 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है, जबकि 32 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी लाठी-डंडों के साथ ‘माई कोलाची’ स्थित अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़े। देखते ही देखते शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। उग्र भीड़ ने दूतावास के सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की और पथराव शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारियों को दूतावास के प्रवेश द्वार पर तोड़फोड़ करते और परिसर के कुछ हिस्सों में आगजनी करते हुए देखा जा सकता है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई
हालात को बेकाबू होते देख सिंध पुलिस और अर्धसैनिक बल (रेंजर्स) ने मोर्चा संभाला। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए:
-
भारी मात्रा में आंसु गैस के गोले दागे गए।
-
चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग की गई।
-
दूतावास की ओर जाने वाले सभी रास्तों को कंटेनर लगाकर सील कर दिया गया है।
शहर की रफ्तार थमी, ट्रैफिक डायवर्ट
तनावपूर्ण स्थिति के कारण प्रशासन ने रेड जोन की सुरक्षा बढ़ा दी है और यातायात के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
-
सुल्तानाबाद से माई कोलाची को जोड़ने वाली सड़कें पूरी तरह बंद हैं।
-
जिन्ना ब्रिज से आने वाले ट्रैफिक को I.I. चुंदरीगर रोड की ओर मोड़ दिया गया है।
-
मेट्रोपोल और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।
अस्पताल में आपात स्थिति
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, कई घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतक संख्या बढ़ने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे विरोध प्रदर्शन वाले क्षेत्रों से दूर रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के सुप्रीम लीडर की कथित हत्या ने पूरे क्षेत्र में अमेरिका विरोधी भावनाओं को हवा दी है। कराची की यह घटना वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर दिखाती है।
Matribhumisamachar


