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भारत के ‘बिस्मार्क’ गांधी के ‘सरदार’

– डॉ0 घनश्याम बादल 2014 व फिर 2019 में केंद्र में भाजपा सरकार के आने के बाद से ही लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की महत्ता बढ़ने लगी थी । अब इससे पहले उन्हे न मिल पाने वाला सम्मान कहें या नेहरु व खानदान की उनके प्रति उपेक्षा का राजनैतिक …

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नये भारत के निर्माता थे सरदार पटेल

– रमेश सर्राफ धमोरा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ वर्ष पूर्व गुजरात के नर्मदा जिले में सरदार पटेल के स्मारक का उद्घाटन किया था। इसका नाम एकता की मूर्ति (स्टैच्यू ऑफ  यूनिटी) रखा गया है। यह मूर्ति स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दुगनी ऊंचाई 182 मीटर ऊंची बनाई गयी है। इस …

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‘कोरोना – रावण’ को मारो प्रभु राम !

– डॉ० घनश्याम बादल शौर्य, वीरता, मर्यादा  व अच्छाई  के आराधक रहे हैं भारतीय।  वें हिंसा और रक्तपात में यकीन नहीं करते  पर , शोषण के खिलाफ हम चुप भी नहीं रहते । ऐसा आज से नहीं युगों से होता रहा है । हम अच्छाई के प्रतीक राम को भगवान …

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संयुक्त राष्ट्र संघ : कब तक प्रतीक्षा करे हिंदुस्तान ?

– डॉ0 घनश्याम बादल दुनियाभर में संघर्षों व तनावों के बीच संवादहीनता खत्म करने  व विश्व शांति के उद्देष्य के साथ 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्तराष्ट्रसंघ की स्थापना हुई थी मगर, आज की परिस्थितियों में यह उद्देश्य  पूरा होता नहीं दिख रहा है । असलियत तो यह है कि आज …

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क्या भारतवासियों को धोखा दे रही हैं फ्लिपकार्ट और अमेजन

– सारांश कनौजिया क्या फ्लिपकार्ट और अमेजन भारतियों और भारतीय कंपनियों के साथ धोखा कर रही हैं. फ्लिपकार्ट और अमेजन के साथ ही ऑनलाइन प्रोडक्ट बेचने वाली सभी कंपनियों के लिए मोदी सरकार ने अनिवार्य किया था कि उन्हें अपने उत्पाद के निर्माता देश की जानकारी देनी होगी, किन्तु फ्लिपकार्ट …

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लालू और पासवान के बिना फीकी है चुनावी रंगत

– रमेश सर्राफ धमोरा बिहार विधानसभा चुनाव का प्रचार पूरे शबाब पर है। वहां आगामी 28 अक्टूबर, 3 व 7 नवंबर को 3 चरणों में वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी। कोरोना के दौर में बिहार में विधानसभा चुनाव करवाना चुनाव आयोग व राज्य सरकार के …

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देशवासियों के दिलों से जुड़ा है डाक विभाग

– रमेश सर्राफ धमोरा 9 अक्टूबर को पूरी दुनिया में विश्व डाक दिवस के तौर पर मनाया जाता है। वर्ष 1874 में इसी दिन यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन का गठन करने के लिए स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में 22 देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था। 1969 में जापान के …

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आज़ादी की अलख जगा, कुंजा बना ‘कुंजा बहादुरपुर’

– डॉ० घनश्याम बादल बहादुरी विरासत में मिलती है और शेर का बच्चा शेर ही होता है । भले ही समय की मार के चलते सर्कस में उसे नाचना भी पड़ता है पर मौका आते ही वह अपनी ताकत दिखा ही देता है। ऐसा ही भारतीयों के साथ भी हुआ …

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गांधी जी : जिन्हें इतिहास ने महान बनाया

– सारांश कनौजिया दे दी हमे आजादी बिना बरछी, बिना ढाल, सागरमति के संत तूने कर दिया कमाल। गांधी जी के लिए, उनकी प्रशंसा में उपरोक्त शब्द कहे गए हैं। भारत के इतिहास में, बचपन से विद्यार्थियों को यही पढ़ाया जाता रहा है कि हमें आजादी गांधी जी के प्रयासों …

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लव जिहाद : प्रेम या साजिश

– सारांश कनौजिया आज कल अक्सर समाचारों में हम लव जिहाद के बारे में पढ़ते हैं। लगभग सभी मामलों में हिन्दू युवती के परिवार का आरोप होता है कि मुस्लिम युवक ने बहला-फुसलाकर हमारी पुत्री का धर्मांतरण कर उससे विवाह कर लिया। कुछ मामलों में युवती स्वयं सामने आकर उसके …

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