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15 अगस्त 1947 से पहले का भारत – प्रथम संस्करण

15 अगस्त 1947 से पहले का भारत – प्रथम संस्करण     – सारांश कनौजिया  जब हम भारत की स्वतंत्रता के इतिहास की बात करते हैं, तो हमारा ध्यान अंग्रेजों की गुलामी के काल पर जा कर रूक जाता है। किन्तु भारत इससे पहले भी गुलाम रहा है। विभिन्न इस्लामिक …

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Government Jobs – सरकारी नौकरियां (26 मार्च 2021)

मातृभूमि समाचार सदैव से ही यह विश्वास करता है कि सब साथ मिलकर आगे बढ़ें. इसी क्रम में हम आपके लिए सरकारी नौकरियों से जुड़ी जानकारी लेकर आये हैं. इस समाचार के शीर्षक में दी गई तिथि इन नौकरियों को अपडेट करने की अंतिम तिथि है. हम समय-समय पर इस …

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कोरोना नियंत्रण के लिये सरकार को लॉकडाउन के लिये मजबूर मत करो

– सारांश कनौजिया भारत में कोरोना के कारण लॉकडाउन की जो श्रृंखला शुरु हुई थी। उसे एक वर्ष हो चुका है। एक बार फिर स्थितियां पिछले वर्ष की तरह ही बनती चली जा रही हैं। लॉकडाउन के कारण वर्ष 2020 सभी के लिये परेशानी भरा रहा। अब एक बार फिर …

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जल बचाएं ,जीवन बचेगा, जीना है तो जल बचाना ही पड़ेगा !

– डा0 घनश्याम बादल आज, जल संरक्षण दिवस है । जल जहां आसानी से उपलब्ध है वहां  इसकी महत्ता का भान कम ही हो पाता है । पर, जानकार जानते हैं कि जल कितना महत्वपूर्ण है और मानव जीवन के लिए जल का कितना महत्व है । कहा जाता है …

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यदि जल संरक्षण पर नहीं दिया ध्यान तो तीसरा विश्व युद्ध जल के लिए होगा

– सारांश कनौजिया आज विश्व जल संरक्षण दिवस है। जल ही जीवन है। विश्व के एक बड़े भाग पर सिर्फ जल है। इसके बाद भी यह जल रुपी जीवन आज खतरे में है। इसी कारण हमें जल संरक्षण दिवस मनाना पड़ रहा है। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी …

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गुम होती कठपुतली कला

– रमेश सर्राफ धमोरा एक समय था जब कठपुतली को सिर्फ मनोरंजन का माध्यम समझा जाता था लेकिन आज कठपुतली कला मनोरंजन के साथ ही लोगों को जागरुक भी कर रही है। प्राचीनकाल से ही जादू टोनों एवं कुदरती प्रकोपों से बचने के लिए मानव जीवन में पुतलों का प्रयोग …

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पश्चिम बंगाल : सत्ता के लिए घमासान

– सुरेश हिन्दुस्थानी पश्चिम बंगाल सहित देश के पांच राज्यों में चुनावी घमासान चरम पर है। एक तरफ राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ताल ठोककर अपने पुराने अंदाज में दिखाई दे रही हैं तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज राजनेता बंगाल में नए अवसरों की तलाश कर रही …

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मन में छुपा है खुशियों का खजाना!

– डॉ० घनश्याम बादल  एक था  राजा की  उसे धन से बहुत अधिक प्यार था और वह हर खुशी धन में ही तलाशता था इसी के चलते उसने भगवान वरदान मांग लिया था कि वह जिस चीज को भी छू ले वह  सोने की हो जाए । उसे लगता था …

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अब वझे बना महाविकास अघाड़ी में कलह की वजह

– सारांश कनौजिया भाजपा को महाराष्ट्र की सत्ता में आने से रोकने के लिये तीन अलग-अलग विचारधारा के दल एक साथ आये और उन्होंने महाविकास अघाडी के नाम से गठबंधन बनाकर प्रदेश की सत्ता हासिल की। मैं शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस तीनों को अलग-अलग विचारधारा का मानता हूं क्योंकि राकांपा …

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मस्जिदों और गिरजाघरों में जाने के लिये नियम, तो हिन्दू मंदिरों के नियमों पर आपत्ति क्यों?

– सारांश कनौजिया भारत में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मान्यता के अनुसार पूजा पद्धति के चयन का अधिकार है। इन्हीं मान्यताओं के अनुसार यह तय किया जाता है कि धार्मिक स्थलों पर कौन और कैसे जायेगा?  उदाहरण के लिये मस्जिदों व गुरुद्वारों में प्रवेश के लिये सिर पर कोई कपड़ा …

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