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व्यापार : इस हफ्ते TATA और Toyota लांच करेगी अपनी बेहतरीन कारें

मुंबई (मा.स.स.). भारत में इस सप्ताह कई नई ऑटो निर्माता अपने प्रोडक्ट लॉन्च करने जा रही हैं. जो हर सेगमेंट में ग्राहकों की जरूरतों को पूरी करती नजर आएंगी. लॉन्च होने वाली गाड़ियों में हैंचबैक, सेडान, एसयूपी और पिकअप व्हीकल शामिल हैं.

Tata Motors अपने एक और पॉपुलर मॉडल का डार्क एडिशन लॉन्च करने जा रही है. कंपनी ने सफारी के डार्क एडिशन का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. कंपनी इसे सोमवार यानी 17 जनवरी को लॉन्च करेगी. डार्क एडिशन में आने वाली Tata Safari कंपनी का चौथा मॉडल है. पिछले साल की शुरुआत में टाटा मोटर्स ने हैरियर एसयूवी, नेक्सॉन सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी और अल्ट्रोज़ प्रीमियम हैचबैक के डार्क एडिशन वेरिएंट लॉन्च किए थे. टाटा मोटर्स की ओर से शेयर किए गए टीजर में सफारी की तीन-रो वाली 7-सीटर एसयूवी की ग्रिल डार्क कलर में दिखाई गई है.

कंपनी भारतीय बाजार में अपनी दो कारों के सीएनजी वेरिएंट उतारने जा रही है. कंपनी Tata Tiago CNG और Tata Tigor CNG के मॉडल लेकर आ रही है. टाटा डीलरशिप पर दोनों कारों की बुकिंग शुरू हो चुकी है. हाल में ही कंपनी ने बताया कि दोनों कारों की ऑफिशियल लॉन्चिंग 19 जनवरी को होगी. अभी मारुति सुजुकी और हुंडई अकेली दो कंपनियां हैं, जो सीएनजी पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में एक दूसरे को टक्कर दे रही हैं. ग्राहक 5 हजार से 20 हजार रुपए में इनकी बुकिंग करा सकते हैं.

टोयोटा हिलक्स को ऑफिशियली 20 जनवरी को भारत में लॉन्च किया जाएगा. 2022 में टोयोटा की ओर से लॉन्च होने जा रहा यह दूसरा व्हीकल होगा. इस सप्ताह की शुरुआत में कंपनी ने कैमरी हाइब्रिड को लॉन्च किया था. भारत में हिलक्स की लॉन्चिंग को कंपनी का बहुत बड़ा जुआ माना जा रहा है, क्योंकि देश में पिकअप ट्रक की मांग लगभग न के बराबर है. ऐसे में हिलक्स केवल एक खास खरीदार वर्ग को ही अपनी ओर आकर्षित करेगा. लाइफस्टाइल पिकअप Toyota Hilux दुनिया के कई देशों में काफी पॉपुलर है. अब तक इसकी हजारों यूनिट्स बिक चुकी हैं. हालांकि, भारत में यह पहली बार है कि कोई कंपनी इस तरह का पिकअप उतारने जा रही है.

 

ग्लोबल मार्केट के कारण हुई Paytm की खराब लिस्टिंग : विजय शेखर शर्मा

मुंबई (मा.स.स.). पेटीएम के को-फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने कंपनी के शेयरो की खराब लिस्टिंग के लिए ग्लोबल मार्केट की स्थितियों को जिम्मेदार ठहराया है। विजय शेखर शर्मा ने कहा कि कि पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड का आईपीओ ऐसे समय में आया, जब ग्लोबल मार्केट पहले से ही कई सारे पहलुओं के चलते जोखिम के खिलाफ था, जिसने कंपनी के आईपीओ के परफॉर्मेंस पर असर डाला। विजय शेखर शर्मा ने इंजिया डिजिटल समिट 2022 के दौरान सिकोइया कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर रंजन आनंदन से बात करते हुए कहा, “ग्लोबल लेवल पर देखें, तो हम ऐसे समय में पैर रखने गए थे, जब बाजार QE, फ्री मनी और कई अन्य पैरामीटर के कारण पहले से सहमा हुआ था। साउथ अमेरिकी कंपनियां 70 प्रतिशत से अधिक नीचे गिर गई थीं। पूरी तरह से यही कारण नहीं है। लेकिन फिर भी यह एक बड़ा कारण था।”

शर्मा ने कहा कि पेटीएम के बिजनेस प्रदर्शन में सुधार हो रहा है और हमारे पास ग्रोथ की मजबूत संभावना है। खासतौर से पेमेंट सर्विस से होने वाली आमदनी और क्रेडिट बिजनेस के ग्रोथ में। उन्होंने कहा, “पेटीएम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि हम वित्तीय सेवाओं का किस तरह से मॉनेटाइजेशन करते हैं। रेवेन्यू के लिहाज से पेमेंट एक आइटम है, जो बड़े पैमाने पर बढ़ रहा है। इस तिमाही में हम सिर्फ पेमेंट से 10 करोड़ डॉलर आमदनी हासिल करने की तरफ बढ़ रहे हैं, जो एक बड़ी आमदनी है।” पेटीएम के कारोबार में पेमेंट्स सर्विसेज का योगदान दोहरे अंकों में बने रहने की उम्मीद है। शर्मा ने कहा कि अगर इसमें मर्चेंट सर्विसेज को भी जोड़ दिया जाए तो मौजूदा तिमाही में पेमेंट्स से होने वाली आमदनी के 14 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान है, जो सालाना आधारा पर 50 से 60 पर्सेंट की ग्रोथ होगी।

विजय ने यह भी दावा किया पेटीएम अब बजाज फाइनेंस से अधिक लोन प्रोसेस कर रहा है, जिसकी गिनती इस सेगमेंट के मार्केट लीडर में होती है। उन्होंने कहा, “हमारे क्रेडिट बिजनेस के लिए, हमें सिर्फ एक कंपनी के खिलाफ बेंचमार्क किया जाना चाहिए और वह है बजाज फाइनेंस।” हालांकि विजय शेखर शर्मा के बयानों के बावजूद पेटीएम के शेयरों में लगातार गिरावट जारी है। गुरुवार 13 जनवरी को पेटीएम के शेयर 1,027.70 रुपये पर बंद हुए, जो इसका नया निचला स्तर है। पेटीएम के शेयर इस समय अपने 2,150 रुपये के इश्यू प्राइस से करीब 51 फीसदी की गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं। सिर्फ पिछले एक महीने में इसमें 33.77 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी है।

ब्रोकरेज फर्म Macquarie के एनालिस्टों ने जहां पेटीएम के शेयर के लिए 900 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। वहीं मॉर्गन स्टेनली , जेपी मॉर्गन और गोल्डमैन सैक्स जैसे दूसरे ब्रोकरेजों ने इसकी कीमतों में तेजी आने की उम्मीद जताते हुए 1,600-1,900 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

 

 

बिना आयात शुल्क कम किये एलन मस्क भारत में नहीं उतरेंगे टेस्ला की कारें

व्यापार डेस्क (मा.स.स.). टेस्ला के संस्थापक और सीईओ एलन मस्क ने गुरुवार को ट्वीट के जरिए जानकारी दी कि टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारों को भारत बाजार में उतारने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। मस्क ने बताया कि इन बाधाओं से निपटने के लिए कंपनी सरकार के साथ काम कर रही है

ट्विटर यूजर प्रणय पाथोले ने अपने ट्वीट में एलन मस्क से पुछते हैं कि भारत में टेस्ला कब लॉन्च होगी इसपर कोई अपडेट है क्या? टेस्ला की गाड़ियां काफी अच्छी होती है और वह दुनिया के हर कोने में रहने के लायक हैं!, इस ट्वीट का जवाब देते हुए एलन मस्क ने कहा कि अभी भी सरकार से कई चुनौतियों को लेकर सामना कर रहे हैं।

टेस्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय से बाजार में प्रवेश करने से पहले इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात करों को कम करने का आग्रह किया है, चार सूत्रों ने रायटर को बताया, कुछ भारतीय वाहन निर्माताओं की आपत्तियों का सामना करने वाली मांगों को खारिज कर दिया। टेस्ला इस साल भारत में आयातित कारों की बिक्री शुरू करना चाहती है, लेकिन उनका कहना है कि देश में टेक्स दुनिया में सबसे ज्यादा हैं। टेक्स कटौती के लिए उसके अनुरोध ने कई स्थानीय प्लेयर्स की आपत्तियों को प्रेरित किया, जो कहते हैं कि इस तरह के कदम से घरेलू विनिर्माण में निवेश बाधित होगा।

मस्क ने उच्च आयात शुल्क के कारण भारत में ईवीएस लॉन्च करने के बारे में भी अपनी आपत्ति जताई थी। मस्क को ‘इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अस्थायी टैरिफ राहत’ की उम्मीद है, क्योंकि टेस्ला भारत में आधिकारिक तौर पर किसी भी कार को लॉन्च करने से पहले करों को कम करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। मस्क ने कहा था कि टेस्ला जल्द ही भारत में अपनी कारों को लॉन्च करना चाहती है, लेकिन भारतीय ‘आयात शुल्क किसी भी बड़े देश के मुकाबले दुनिया में सबसे ज्यादा है!’ उन्होंने यह भी कहा था कि टेस्ला ‘भारत में एक फैक्ट्री की काफी संभावना है’ लेकिन ये तभी संभव होगा, जब उनकी आयातित कारें पहले देश में सफल हों।

भारत वर्तमान में आयातित कारों पर 60 प्रतिशत से 100 प्रतिशत के बीच सीमा शुल्क की मांग करता है। भारत पूरी तरह से आयातित कारों पर 40,000 डालर से अधिक सीआईएफ (लागत, बीमा और माल ढुलाई) मूल्य के साथ 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाता है, जबकि उन कारों पर 60प्रतिशत शुल्क लगाया जाता है जिनकी लागत राशि से कम है।

वोडाफोन आइडिया भारत सरकार को बेचेगी अपनी 36 प्रतिशत हिस्सेदारी

नई दिल्ली (मा.स.स.). टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया में सबसे बड़ी हिस्स्सेदारी अब वोडाफोन पीएलसी या आदित्य बिरला समूह की नहीं बल्कि भारत सरकार के पास होगी. वोडफोन आइडिया के बोर्ड ने भारत सरकार के बकाये स्पेक्ट्रम के भुगतान की किश्तों और बकाया AGR ( Adjusted Gross Revenue)  की पूरी ब्याज राशि को इक्विटी (शेयर) में बदलने पर फैसला लेते हुए इस पर अपनी मुहर लगा दी है. वोडाफोन आइडिया के बोर्ड के इस फैसले के बाद सभी शेयरधारकों की हिस्सेदारी कंपनी में घट जाएगी. इस फैसले के बाद वोडाफोन आइडिया में भारत सरकार की हिस्सेदारी 35.8 फीसदी होगी. वहीं कंपनी के प्रोमोटर वोडाफोन ग्रुप की हिस्सेदारी करीब 28.5 फीसदी और आदित्य बिड़ला की 17.8% रह जाएगी.

वोडाफोन आइडिया ने स्टॉक एक्सचेंजों को उसकी बोर्ड मीटिंग में लिए गए इस फैसले की जानकारी दी है. स्पेक्ट्रम और एजीआर के बकाये पर ब्याज की कुल रकम  यानि नेट प्रेजेंट वैल्यू (NPV)करीब 16,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जिस पर दूरसंचार विभाग की मुहर अभी लेनी बाकी है. वोडाफोन आइडिया भारत सरकार को 10 रुपये के फेस वैल्यू पर भारत सरकार को शेयरों का आवंटन करेगी. इस पर दूरसंचार विभाग के मुहर लगने के बाद भारत सरकार की वोडाफोन आइडिया में हिस्सेदारी 36 फीसदी के करीब होगी जो कंपनी के प्रोमोटर से ज्यादा है. दरअसल टेलीकॉम कंपनियों के वित्तीय संकट से उबारने के लिए सरकार ने उन्हें स्पेक्ट्रम के मद में बकाये रकम के ब्याज को इक्विटी में बदलने का विकल्प दिया था. भारती एयरटेल ने सरकार के इस ऑफर को स्वीकार नहीं किया लेकिन वोडाफोन आइडिया बकाये ब्याज के रकम को इक्विटी में कंवर्ट करने को तैयार हो गई है. माना जा रहा है कि जल्द बड़े हिस्सेदारी होने के चलते सरकार कंपनी में अपना डॉयरेकटर्स नियुक्त करेगी.

कंपनी के बोर्ड के इस फैसले से उसे वित्तीय संकट को टालने में मदद मिलेगी. हालांकि मंगलवार सुबह बाजार में इस खबर के चलते वोडाफोन आइडिया के शेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिली. वोडाफोन आइडिया का शेयर सोमवार के क्लोजिंग के बाद से 14.85 रुपये से सीधे 18 फीसदी लुढ़ककर 12.05 रुपये शेयर तक जा गिरा. शेयर में कारोबार के दौरान दो बार लोअर सर्किट लगा. शेयर में सरकार को इतनी बड़ी हिस्सेदारी के चलते ये गिरावट आई है.

 

लोन न मिलने पर बैंक को किया आग के हवाले

बेंगलुरु (मा.स.स.). कर्नाटक के हावेली जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां, एक शख्स ने इस वजह से पूरे बैंक में आग लगा दी क्योंकि उसका लोन पास नहीं किया गया। घटना को लेकर पुलिस ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और कागिनेली पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा आईसीपी की धारा 436, 477, 435 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बैंक में आग की फोटो भी सामने आई है जिसमें आप देख भी सकते हैं कि आग की लपटें उठ रही हैं। वही, पुलिस भी राहत व बचाव कार्य में लगी हुई नजर आ रही है। पुलिस का कहना है कि कथित तौर पर बैंक ने लोन का अप्रूवल नहीं दिया था जिसकी वजह से शख्स नाराज हो गया था। बता दें कि इस तरह का यह पहला मामला है। फिलहाल पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर ली है।

पुलिस सूत्रों की माने तो रविवार के दिन बैंक बंद था। आरोपी ने इसी का फायदा उठाकर पूरे बैंक में आग लगा दी। हालांकि, घटना में बैंक का कितना नुकसान हुआ है इस संबंध में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

 

100 रुपये से भी अधिक सस्ता हुआ गैस सिलेंडर

नई दिल्ली (मा.स.स.). नये साल पर गैस कंपनियों की तरफ से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई है। यह कटौती 19 किलोग्राम के काॅमर्शियल गैस सिलेंडर पर की गई है। IOCL के अनुसार 1 जनवरी 2022 को दिल्ली में काॅमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 102 घटकर 1998.5 हो गई हैं। बता दें, 31 दिसंबर तक 19 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर के लिए दिल्ली वालों को 2101 रुपये देने होते थे। जहां चेन्नई में अब 19 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर के लिए 2131 रुपये तो वही मुंबई में 1948.50 रुपये देने होंगे। नई कीमतें जारी होने के बाद कोलकाता में काॅमर्शियल गैस सिलेंडर अब आज से 2076 रुपये में खरीदा जा सकता है। नये साल पर घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखने को मिला है। यही वजह है कि राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर बिना सब्सिडी के 900 रुपये में मिलता रहेगा।

व्यापार : दूसरी तिमाही में एयरटेल को हुआ 300 प्रतिशत अधिक लाभ

मुंबई (मा.स.स.). टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर भारती एयरटेल के मुनाफे में वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही के दौरान 300 फीसदी की ताबड़तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है. चालू वित्त वर्ष की सितंबर 2021 तिमाही में कंपनी का मुनाफा 1,134 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. वित्त वर्ष 2022 की पहली यानी अप्रैल-जून 2021 तिमाही में कंपनी का मुनाफा 283 करोड़ रुपये रहा था. वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में कंपनी को 763 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.

एयरटेल की आय तिमाही आधार पर वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में 5.4 फीसदी बढ़कर 28,326 करोड़ रुपये रही है. इसी वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी की आय 26,853 करोड़ रुपये रही थी. दूसरी तिमाही में कंपनी को 540 करोड़ रुपये की एकमुश्त आय हुई है. सालाना आधार पर देखें तो कंपनी की आय पिछले साल की दूसरी तिमाही में 25,060 करोड़ रुपये रही थी, जो अब 13 फीसदी बढ़कर 28,326 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है.

भारतीय एयरटेल का तिमाही आधार पर एबिटडा (EBITDA) 13,189 करोड़ रुपये बढ़कर 13,810 करोड़ रुपये पर आ गया है. वहीं, एबिटडा मार्जिन पिछली तिमाही के 49.1 फीसदी से घटकर 48.7 फीसदी पर आ गया है. दूसरी तिमाही में कंपनी का एआरपीयू 153 रुपये पर रहा है. पिछली तिमाही में कंपनी का एआरपीयू 146 रुपये पर रहा था. दूसरी तिमाही में कंपनी के वायरलेस कारोबार से होने वाली आय 15,191.3 करोड़ रुपये पर रही है. इसमें तिमाही आधार पर 6.2 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है. हालांकि, इसके 14,975 करोड़ रुपये पर रहने का अनुमान जताया गया था. बता दें कि इसी वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी के वायरलेस कारोबार की आय 14,305.6 करोड़ रुपये पर रही थी.