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खेल : भारत के खिलाफ सीरीज से पहले ही दक्षिण अफ्रीका का गेंदबाज कैगिसो रबाडा हुआ बाहर

खेल डेस्क (मा.स.स.). भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज यानी 19 जनवरी को पार्ल में खेला जाएगा. ये मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे से खेला जाएगा. वनडे सीरीज शुरू होने से पहले ही टीम इंडिया के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. ऐसा लग रहा है वनडे सीरीज शुरू होने से पहले ही भारत ये सीरीज जीत चुका है. ऐसा इसलिए, क्योंकि टीम इंडिया का सबसे बड़ा दुश्मन इस वनडे सीरीज में नहीं खेलेगा.

दक्षिण अफ्रीका के खतरनाक तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा भारत के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में नहीं खेलेंगे. कैगिसो रबाडा के काम के बोझ को देखते हुए उन्हें आराम दिया गया है. कैगिसो रबाडा का नहीं खेलना भारत के लिए बड़ा बोनस साबित हो सकता है.  क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (CSA) ने बयान में कहा, ‘तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा को भारत के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज से आराम दिया गया है, क्योंकि पिछले कुछ समय से उन पर काम का बोझ अधिक है और हम उन्हें अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले पूरी तरह तरोताजा चाहते हैं.’

क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (CSA) ने कहा कि कैगिसो रबाडा की जगह किसी को नहीं चुना गया है, लेकिन जार्ज लिंडे को अतिरिक्त स्पिन गेंदबाजी विकल्प के रूप में टीम में रखा गया है.

दक्षिण अफ्रीकी टीम में टेम्बा बावूमा (कप्तान) केशव महाराज (उपकप्तान) क्विंटन डि कॉक (विकेटकीपर), जुबैर हमजा, मार्को जेनसेन, जानेमन मलान, सिसांडा मगला, एडेन मार्कराम, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, वायने पर्नेल, एंडिले फेहलुकवायो, ड्वेन प्रिटोरियस, जॉर्ज लिंडे, तबरेज शम्सी, रासी वान डर डुसेन, काइल वेरेन शामिल हैं.

 

 

केएल राहुल के साथ ऋतुराज गायकवाड़ कर सकते हैं ओपनिंग

नई दिल्ली (मा.स.स.). भारतीय टीम तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के बाद अब केएल राहुल की कप्तानी में तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलेगी. 19 जनवरी को पहला वनडे मैच खेला जाएगा. सबसे बड़ा सवाल ये है कि रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में केएल राहुल के साथ ओपनिंग करने कौन उतरेगा, तो आज हम अपनी रिपोर्ट में बात करेंगे उस खिलाड़ी के बारे में जो राहुल के साथ ओपनिंग करने उतर सकता है. ये खिलाड़ी अपनी धाकड़ बैटिंग के लिए जाना जाता है.

शिखर धवन 35 साल के हो चुके हैं और वह बहुत ही खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं. उनके बल्ले से रन निकलना बहुत ही मुश्किल हो गया है. ऐसे में साउथ अफ्रीका  के खिलाफ पहले वनडे मैच में केएल राहुल के साथ ऋतुराज गायकवाड़ ओपनिंग करने उतर सकते हैं. ऋतुराज अपने बल्ले से कैसा कहर ढा सकते हैं इसका जलवा हम आईपीएल में देख चुके हैं. वह रोहित शर्मा की तरह ही बड़ी पारी खेलने के लिए जाने जाते हैं. उनके तरकश में हर वो तीर मौजूद है, जो किसी भी टीम को धराशाही कर सकता है. अगर ऋतुराज को साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलने का मौका मिलता है तो वह रनों की बरसात कर सकते हैं.

ऋतुराज गायकवाड़ ने आईपीएल 2021 में अपने प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया है. उन्होंने अपने दम पर सीएसके टीम को आईपीएल 2021 की ट्रॉफी जिताई है. ऋतुराज ने आईपीएल 2021 के 16 मैचों में 636 रन बनाए और वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उनकी खतरनाक बल्लेबाज देखकर विपक्षी बल्लेबाजों ने अपने दांतो तले उंगलियां दबा लीं. वह लंबे छक्के लगाने के लिए जाने जाते हैं. काफी हद तक ऋतुराज की बल्लेबाजी रोहित शर्मा से मिलती है. उनके तूफानी खेल को देखते हुए ही चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें रिटेन किया है.

केएल राहुल बहुत ही क्लासिक बल्लेबाज है. अगर वह अपनी लय में हों तो किसी भी गेंदबाजी क्रम की धज्जियां उड़ा सकते हैं. ऋतुराज उनके साथ मिलकर टीम इंडिया को शानदार शुरुआत दिला सकते हैं. ये दोनों ही खिलाड़ी विकेट्स  के बीच में बहुत ही शानदार दौड़ लगाते हैं. अगर इन दोनों ही प्लेयर्स का बल्ला पहले वनडे मैच में चल गया तो साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजों की खैर नहीं. राहुल-ऋतुराज एक मजबूत ओपनिंग साझेदारी निभाना चाहेंगे. ताकि टीम को ठोस शुरुआत मिल सके.

साउथ अफ्रीका दौरे के लिए केएल राहुल को कप्तान और जसप्रीत बुमराह को उपकप्तान बनाया गया है. टीम में कई दिग्गज खिलाड़ियों की वापसी हुई है. रविंचंद्रन अश्विन, शिखर धवन और जयंत यादव की वापसी हुई है. इन खिलाड़ियों की वजह से भारतीय टीम साउथ अफ्रीका में कमाल कर सकती है.

वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में केएल राहुल (कप्तान), शिखर धवन, ऋतुराज गायकवाड़, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, वेंकटेश अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), युजवेंद्र चहल, रविचंद्रन अश्विन, जयंत यादव, जसप्रीत बुमराह ( उपकप्तान) ), भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, प्रसिद्ध कृष्ण, शार्दुल ठाकुर, नवदीप सैनी होंगे.

 

भारत ने अंडर-19 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका को हराया

खेल डेस्क (मा.स.स.). वेस्टइंडीज में खेले जा रहे अंडर-19 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने शानदार शुरुआत की है। विकी ओस्तवाल की कमाल की गेंदबाजी के दम पर भारत के युवाओं ने दक्षिण अफ्रीका को 45 रनों से हरा दिया। मैच में टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करने उतरी और कप्तान यश धुल ने शानदार 82 रन बनाए। उनकी इस पारी के दम पर 46.5 ओवर में टीम इंडिया ने 232 रन बनाए। इसके जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम 45.4 ओवर में 187 रन पर ही सिमट गई।

टीम इंडिया के गेंदबाजों ने मैच में शानदार प्रदर्शन किया। लेफ्ट आर्म स्पिनर विकी ओस्तवाल ने पांच विकेट लिए। वहीं, राज बावा ने चार विकेट हासिल किए। ओस्तवाल ने वेलेंटाइन किटिमे (25), गेरहार्डस मारी (8), माइकल कोपलैंड (1), काडेन सोलोमोंस (0) और मैथ्यू बोस्ट (8) के विकेट लिए। साउथ अफ्रीका की टीम एक समय 3 विकेट खोकर 138 रन बना चुकी थी। यहां से ओस्तवाल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए उसकी पारी को तहस-नहस कर दिया।

भारत की पारी में साउथ अफ्रीका की ओर से मैथ्यू बोस्ट ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। एफिवे मनयांदा और डेवाल्ड ब्रेविस ने दो-दो विकेट लिए। भारतीय बल्लेबाजों में हरनूर सिंह 1, अंगकृष रघुवंश 5, शेख रशीद 31 और निशांत सिंधु 27 रन बनाकर आउट हुए। राज बावा ने 13 रन बनाए। राजवर्धन हंगरगेकर खाता भी नहीं खोल सके।

टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप का शानदार आगाज कर दिया है। बता दें कि भारतीय टीम अंडर-19 विश्व कप के इतिहास की सबसे सफल टीम है। साल 2000, 2008, 2012 और 2018 में टीम इंडिया ने अंडर-19 विश्व कप पर कब्जा जमाया था। इसके बाद भारत साल 2016 और 2020 में न्यूजीलैंड में आयोजित हुए टूर्नामेंट के पिछले संस्करण में उपविजेता रह चुका है। 2022 के वर्ल्ड कप को टीम इंडिया जीतने की दावेदार मानी जा रही है।

टेस्ट सीरीज हार का असर – विराट कोहली ने टेस्ट कप्तानी भी छोड़ी

नई दिल्ली (मा.स.स.). दक्षिण अफ्रीका से टेस्ट सीरीज हारने के बाद विराट कोहली ने शनिवार को अब टेस्ट टीम की कप्तानी भी छोड़ने का फैसला किया है। विराट कोहली ने यह जानकारी ट्विटर पर एक भावुक पोस्ट लिखकर दी है। शुक्रवार को ही भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खत्म हुई। भारत ने यह सीरीज 2-1 से गंवा दी थी। दो मैचों में कप्तान विराट कोहली थे और एक मैच में कप्तानी केएल राहुल ने की थी। वह टी 20 और वनडे टीम की कप्तानी पहले ही छोड़ चुके हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2021 से पहले उन्होंने टी20 कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था और साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले चयनकर्ताओं ने सीमित ओवरों का कप्तान रोहित शर्मा को चुना था। ऐसे में विराट के पास सिर्फ टेस्ट टीम की कप्तानी थी और अब वे कप्तानी की जिम्मेदारी से पूरी तरह हट गए हैं। आईपीएल में भी वे अब रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर यानी आरसीबी की कप्तानी करते नजर नहीं आएंगे।

विराट कोहली ने टेस्ट कप्तानी छोड़ते हुए एक लंबा नोट लिखा। अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि बीते सात सालों से लगातार कड़ी मेहनत और हर रोज टीम को सही दिशा में पहुंचाने की कोशिश रही। मैंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया और कोई भी कसर नहीं छोड़ी। हर चीज को किसी समय रुकना पड़ता है और मेरे लिए भारत की टेस्ट कप्तानी छोड़ने का यह सही समय है। आपको बता दें कि विराट कोहली ने भारतीय टेस्ट टीम के लिए अभी तक 68 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है। इस दौरान भारतीय टीम ने 40 मैच जीते हैं, जबकि 17 मैचों में हार मिली है। विराट कोहली ने 2014 से भारतीय टेस्ट टीम की अगुवाई कर रहे हैं। विराट कोहली ने 16 सितंबर को सोशल मीडिया के जरिए अपनी टी20 कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया था। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले विराट कोहली के इस फैसले से कई दिग्गज काफई हैरान रह गए थे, लेकिन कोहली ने मन बना लिया था और उन्होंने वर्ल्ड कप के बाद कप्तानी छोड़ दी थी, उनकी जगह रोहित शर्मा को नया कप्तान नियुक्त किया गया था।

टी20 कप्तानी छोड़ने के बाद विराट कोहली भारत की वनडे और टेस्ट टीम की कप्तानी करने वाले थे। लेकिन बीसीसीआई चाहता था कि सीमित ओवरों के लिए टीम में सिर्फ एक कप्तान रहे। इस वजह से दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले चयनकर्ताओँ ने बड़ा फैसला करते हुए विराट कोहली से वनडे कप्तानी छीन ली थी और रोहित को टीम का नया वनडे कप्तान चुना था। हालांकि विराट कोहली बीसीसीआई के रवैये से खुश नहीं थे और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीसीसीआई और अध्यक्ष सौरव गांगुली पर अपनी भड़ास निकाली थी। गांगुली ने कहा था कि उन्होंने पर्सनली विराट कोहली से टी20 कप्तानी न छोड़ने के लिए कहा था। हालांकि विराट कोहली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्हें बीसीसीआई की ओर से  टी20 कप्तानी छोड़ने को लेकर कभी रोका नहीं गया और वनडे कप्तानी से हटाने को लेकर उन्हें टीम मीटिंग में पता चला।

ऑस्ट्रेलिया सरकार के वीजा रद्द करने के बाद गिरफ्तार किये गए नोवाक जोकोविच

खेल डेस्क (मा.स.स.). दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को ऑस्ट्रेलिया में दूसरी बार हिरासत में लिया गया है। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने दूसरी बार उनका वीजा रद्द किया था। इसके खिलाफ जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियाई अदालत में अपील की थी और अब सुनवाई से पहले उन्हें फिर से हिरासत में लिया गया है। जोकोविच के वकील ने यह जानकारी दी है। अब ऑस्ट्रेलियाई अदालत यह तय करेगी कि जोकोविच कोरोना का टीका लगवाए बिना ऑस्ट्रेलिया में रह सकते हैं या नहीं। इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन मंत्री एलेक्स हॉक ने दूसरी बार नोवाक जोकोविच का वीजा रद्द करते हुए कहा था कि उन्होंने जनहित में यह कदम उठाया है।

जोकोविच के वकील ने इस मामले पर कहा है कि ऑस्ट्रेलिया सरकार का यह फैसला तर्कहीन है। इसके खिलाफ अदालत में अपील की गई है। शनिवार और रविवार को इस पर सुनवाई होगी। ऑस्ट्रेलियन ओपेन में मुख्य दौर की शुरुआत 17 जनवरी से हो रही है। इसमें भाग लेने के लिए जोकोविच को सोमवार तक टूर्नामेंट के साथ जुड़ना होगा। नोवाक जोकोविच अगर अदालत में यह केस हार जाते हैं तो उनका वीजा तो रद्द होगा और अगले तीन साल के लिए उनका ऑस्ट्रेलिया का वीजा प्रतिबंधित किया जा सकता है।

टेनिस खिलाड़ी ने अब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवाई है। वहीं ऑस्ट्रेलिया में वैक्सीन को लेकर नियम सख्त हैं। जोकोविच ने मेडिकल परेशानी की हवाला देते हुए कहा कि वो फिलहाल वैक्सीन नहीं लगवा सकते। इस आधार पर उन्हें ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलने की छूट मिल गई थी, लेकिन जोकोविच के ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद उनसे मेडिकल परेशानी के सबूत मांगे गए। यहां पर उनकी तरफ से कहा गया कि 16 दिसंबर को ही उन्हें कोरोना हुआ था। ऐसे में वो फिलहाल वैक्सीन नहीं लगवा सकते। इसके बाद उन्हें एयरपोर्ट में ही रोक लिया गया और उनका वीजा रद्द कर दिया गया।

वीजा रद्द होने के बाद जोकोविच चार दिन तक आव्रजन विभाग के होटल में रुके थे और इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के बाद अदालत ने जोकोविच को सही ठहराया। उनके सारे कागज लौटाने का आदेश दिया गया और ऑस्ट्रेलियन ओपेन में उनके खेलने का रास्ता लगभग साफ हो चुका था। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने दूसरी बार इस खिलाड़ी का वीजा रद्द कर दिया और उन्हें फिर से हिरासत में लिया गया। जोकोविच के मामले पर अदालत में सुनवाई होनी है, लेकिन 17 जनवरी से शुरू हो रहे टूर्नामेंट में उनका खेलना लगभग नामुमकिन है।

विक्टोरिया प्रदेश सरकार ने 17 जनवरी से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन में सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों को प्रवेश की अनुमति दी है जिन्हें कोरोना के दोनों टीके लग चुके हैं। 34 साल के जोकोविच फिलहाल पुरुषों की रैंकिंग में पहले स्थान पर हैं। उन्होंने अपने करियर में 20 ग्रैंडस्लैम समेत कुल 84 खिताब जीते हैं। उनके पास कुल 1154 करोड़ रुपये की इनामी राशि है।

दिसंबर 2021 में जोकोविच की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद वो सर्बिया के कई कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। उन्होंने खुद माना था कि वो कोरोना संक्रमित होने के बाद एक पत्रकार से मिले थे। जोकोविच ने ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश के लिए जो इमिग्रेशन फॉर्म भरा था उसमें भी कई गलतियां थी। इसी वजह से ऑस्ट्रेलिया पहुंचते ही उनका वीजा रद्द कर दिया गया था।

इस मामले पर सफाई देते हुए जोकोविच ने कहा था “मैंने रैपिड टेस्ट करवाए थे, जिसके नतीजे निगेटिव आए थे। बाद में एक जांच में मुझे कोरोना पॉजिटिव पाया गया तो मैने सावाधानी बरती थी। मुझे कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। मेरी सहयोगी टीम की भूल के कारण यात्रा दस्तावेजों में गलती हुई थी। मेरा एजेंट गलत बॉक्स में निशान लगाने की गलती के लिए क्षमा चाहता है। यह मानवीय भूल है और निश्चित तौर पर ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया। इस मामले को स्पष्ट करने के लिए टीम ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार को अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराई है।

111वीं रैंक वाली मालविका ने साइना नेहवाल को मात्र 34 मिनट में हराया

नई दिल्ली (मा.स.स.). इंडियन ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में गुरुवार को बड़ा उलटफेर हुआ। नागपुर की रहने वाली 20 साल की मालविका बनसोड ने दिग्गज खिलाड़ी और लंदन ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साइना नेहवाल को हरा दिया। महिला सिंगल्स के दूसरे राउंड के मुकाबले में मालविका ने साइना को लगातार गेम में 21-17, 21-9 से हरा दिया। यह मैच 34 मिनट तक चला। वर्ल्ड रैंकिंग में साइना इस समय 25वें नंबर पर हैं। वहीं मालविका की रैंक 111वीं है।

साइना और मालविका के बीच पहले गेम की शुरुआत में बराबरी का मुकाबला देखने को मिला। एक समय दोनों खिलाड़ी 4-4 की बराबरी पर थीं। इसके बाद मालविका ने बढ़त बना ली और इसे अंत तक कायम रखा। दूसरे गेम में भी दोनों एक समय 2-2 की बराबरी पर थीं। यहां से मालविका ने बढ़त बनाई और इसे गेम और मैच जीतने तक कायम रखा। मालविका महाराष्ट्र की उभरती हुई बैडमिंटन स्टार हैं। वे अंडर-13 और अंडर-17 लेवल पर स्टेट चैंपियनशिप जीत चुकी हैं। 2018 में वे वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम में सिलेक्ट हुईं। 2018 में उन्होंने काडमांडू में साउथ एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीत हासिल की। 2019 में उन्होंने ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट जीता। 2019 में ही मालविका ने मालदीव्स इंटरनेशनल फ्यूचर सीरीज टूर्नामेंट का खिताब जीता।

साइना नेहवाल घुटने और ग्रोइन की चोट से उबरने के बाद पहला टूर्नामेंट खेल रही थीं। मालविका से हार के बाद उन्होंने कहा- पिछले साल अक्टूबर में मैं चोटिल हो गई थी। मैंने 27 दिसंबर से दोबारा खेलना शुरू किया। इस टूर्नामेंट में यह देखने आई थी कि मैं अभी कहां खड़ी हूं और कितने सुधार की और जरूरत है। मुझे खुशी है कि मैं दो मैच खेल पाई। हालांकि, यह स्वीकार करना होगा कि खराब फिटनेस के साथ मालविका, अकाशी और सिंधु जैसी खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना काफी मुश्किल है। मालविका के बारे में साइना ने कहा- वह अच्छा खेल रही है और उसके खेल में लगातार सुधार आ रहा है। रैली खेलने में वह बेहतरीन है। उम्मीद है कि इस टूर्नामेंट में मालविका आगे भी अच्छा परफॉर्म करेगी।

भारत के लक्ष्य सेन ने पुरुष सिंगल्स के तीसरे राउंड में जगह बना ली है। उन्होंने स्वीडन के फेलिक्स बर्स्टेड को 21-12, 21-15 से हराया। महिला सिंगल्स में टॉप सीड पीवी सिंधु ने भारत की ही इरा शर्मा को 21-10, 21-0 से हरा दिया।

 

 

कोरोना संक्रमित नोवाक जोकोविच ने ट्रेवल हिस्ट्री छुपा पत्रकार से की मुलाकात

खेल डेस्क (मा.स.स.). विश्व के नंबर वन टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच बुरी तरह फंसते हुए नजर आ रहे हैं। पिछले सप्ताह मेलबर्न आने पर उनके इमिग्रेशन दस्तावेजों में कोरोना की जानकारी को लेकर कई गलतियां हुई हैं। उनके फॉर्म में जानकारी दी गई थी कि ऑस्ट्रेलिया के लिए फ्लाइट पकड़ने से पहले उन्होंने 14 दिन तक यात्रा नहीं की थी, लेकिन इस खिलाड़ी को फ्लाइट पकड़ने से दो सप्ताह पहले स्पेन और सर्बिया में देखा गया था। इस कारण अब उनके ग्रैंडस्लैम में भाग लेने को लेकर खतरा पैदा हो गया है।

जोकोविच को अदालत ने ऑस्ट्रेलिया में रहने की इजाजत दे रखी है। रिपोर्टों के अनुसार वो कोरोना संक्रमित थे, इसके बावजूद पिछले महीने अपने देश सर्बिया के कई कार्यक्रमों में भाग लिया था। जोकोविच ने खुद माना है कि वो पॉजिटिव रहते हुए भी एक पत्रकार से मुलाकात की थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश करने के लिए इमिग्रेशन फॉर्म में जो गलतियां की हैं इसके कारण अब भी उनका वीजा रद्द हो सकता है। जोकोविच ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर पोस्ट जारी कर इन बातों को आहत करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया में अपनी मौजूदगी पर लोगों में व्यापक चिंता को कम करने के लिए गलत सूचनाओं को लेकर सफाई देना चाहते हैं। मैंने रैपिड टेस्ट करवाए थे, जिसके रिजल्ट निगेटिव आए थे। बाद में एक परीक्षण पॉजिटिव आया तो मैंने सावधानी बरती, जबकि मुझे कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। मेरी यात्रा दस्तावेजों में की गई गलती को मेरे सहयोगी टीम ने पेश किया था।

टेनिस खिलाड़ी जोकोविच ने आगे कहा, ‘मेरा एजेंट गलत बॉक्स में निशान लगाने की प्रशासनिक गलती के लिए क्षमा चाहता है। यह मानवीय गलती है और निश्चित तौर पर ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया। टीम ने इस मामले को स्पष्ट करने के लिये ऑस्ट्रेलियाई सरकार को अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराई है।’ नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलिया सरकार के खिलाफ वीजा से जुड़े मामले का केस जीता था। मेलबर्न कोर्ट ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा जोकोविच के वीजा रद्द करने के फैसले को गलत माना था। अदालत ने आदेश दिया था कि उनका पासपोर्ट और बाकी जो भी सामान सरकार द्वारा जब्त किया गया है, उसे तुरंत वापस किया जाए। इसके बाद उन्होंने अभ्यास भी शुरू कर दिया था।

 

2023 से चीनी कंपनी वीवो की जगह आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सर होगी टाटा

नई दिल्ली (मा.स.स.). चीन की मोबाइल फोन निर्माता कंपनी वीवो अब IPL की टाइटल स्पॉन्सर नहीं रहेगी। उनकी जगह टाटा ग्रुप को IPL का नया टाइटल स्पॉन्सर बनाया गया है। अगले साल यानी 2023 से टूर्नामेंट अब TATA IPLके नाम से जाना जाएगा। पिछले साल चीन और भारत में तनाव के बीच वीवो से टाइटल राइट्स ट्रांसफर नहीं हो पाया था। वीवो 2022 तक ही आईपीएल की स्पॉन्सर रहेगी। IPL चेयरमैन बृजेश पटेल ने समाचार एजेंसी पीटीआई को इसकी जानकारी दी है। मंगलवार को IPL गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में ये फैसला लिया गया।

चीनी कंपनी वीवो IPL की टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए BCCI को हर साल 440 करोड़ रुपए देती है। पिछले साल भारत-चीन के बीच हुए विवाद के कारण जब देश में विरोध हुआ, तब एक साल के लिए वीवो को ब्रेक लेना पड़ा था। इससे पहले IPL 2020 के सीजन में फैंटेसी गेमिंग फर्म ड्रीम-11 टाइटल स्पॉन्सर रही थी। इसके लिए ड्रीम-11 ने BCCI को 222 करोड़ रुपए दिए थे। यह कॉन्ट्रैक्ट 18 अगस्त से 31 दिसंबर 2020 तक के लिए था। यह राशि वीवो के सालाना भुगतान की करीब आधी थी।

वीवो का IPL टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए 2190 करोड़ रुपए के साथ 5 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट हुआ था। कंपनी सालाना 440 करोड़ रुपए देती थी। यह कॉन्ट्रैक्ट 2018 से 2022 तक का था। पहले खबर थी कि वीवो का कॉन्ट्रेक्ट 2023 तक के लिए बढ़ाया जा सकता था, लेकिन अब टाटा ने उनकी जगह ले ली है। IPL के सेंट्रल स्पॉन्सरशिप में देसी कंपनियों का ही बोलबाला है। सेंट्रल और टाइटल स्पॉन्सरशिप दोनों के अधिकार अलग-अलग हैं। आईपीएल में सेंट्रल स्पॉन्सरशिप के तहत जर्सी के अधिकार नहीं आते हैं। यानी जर्सी पर छपे लोगो पर केवल टाइटल स्पॉन्सरशिप का ही अधिकार होता है।

साथ ही कंपनी को अपने ब्रांडिंग के लिए मैच के बाद का प्रजेंटेशन एरिया, डग आउट में बैकड्रॉप और बाउंड्री रोप जैसे बढ़िया स्पेस मिलते हैं। टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से ज्यादा पैसा देना होता है।