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सोनप्रयाग से केदारनाथ तक प्रतिष्ठित रोपवे परियोजना के लिए अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ को मिला एलओए

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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अहमदाबाद, 15 सितम्बर, 2025: अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ लिमिटेड (एईएल) को नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) से सोनप्रयाग को केदारनाथ से जोड़ने वाली प्रतिष्ठित रोपवे परियोजना के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) मिला है। इस परियोजना का कार्यान्वयन एईएल के रोड्स, मेट्रो, रेल और वॉटर (आरएमआरडब्ल्यू) विभाग द्वारा किया जाएगा।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, “केदारनाथ रोपवे सिर्फ एक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह भक्ति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच एक कड़ी है। इस पवित्र यात्रा को सुरक्षित, तेज और सुलभ बनाकर हम लाखों श्रद्धालुओं के विश्वास का सम्मान कर रहे हैं और एनएचएलएमएल और उत्तराखंड सरकार के साथ साझेदारी के माध्यम से उत्तराखंड के लोगों के लिए नए अवसर बना रहे हैं। यह प्रतिष्ठित परियोजना हमारे उस संकल्प को दर्शाती है, जो सिर्फ राष्ट्र की सेवा ही नहीं करती, बल्कि लोगों के जीवन को भी बेहतर बनाती है।”

संचालन शुरू होने के बाद, यह परियोजना 12.9 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना यात्रा का समय कम कर 9 घंटे की कठिन चढ़ाई को सिर्फ 36 मिनट में पूरा कर देगी, जिससे केदारनाथ जाना आसान और सुरक्षित हो जाएगा। यह रोपवे प्रति घंटे प्रति दिशा 1,800 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी, जिससे हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को सुविधा मिलेगी। केदारनाथ में सालाना लगभग 20 लाख तीर्थयात्री आते हैं, जो इस परियोजना की अहमियत को दर्शाता है।

यह राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम-पर्वतमाला परियोजना का हिस्सा है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित इस परियोजना को पूरा होने में छह वर्ष लगेंगे और निर्माण के बाद एईएल इसे 29 वर्षों तक संचालित करेगा। कनेक्टिविटी सुधारने के साथ-साथ यह परियोजना क्षेत्र में रोजगार सृजन और पर्यटन को भी बढ़ावा देने की उम्मीद है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।