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‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ में अपरा मेहता की दमदार एंट्री; निभाएँगी राजश्री बुआ का किरदार

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मध्य प्रदेश ,दिसंबर 2025: ठाकुर परिवार में एक बार फिर परंपराओं की गूँज सुनाई देने वाली है। सन नियो के लोकप्रिय शो ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ में अब एक सशक्त और प्रभावशाली किरदार की एंट्री हो चुकी है। जानी-मानी और वरिष्ठ अभिनेत्री अपरा मेहता शो में राजश्री बुआ की भूमिका में नजर आएँगी। हाल ही में जारी प्रोमो में बुआ सा (अपरा मेहता द्वारा निभाया गया किरदार) को पूजा-पाठ में लीन देखा गया, जहाँ उनके सिर पर सलीके से ओढ़ी गई चुनरी सिर्फ एक परिधान नहीं, बल्कि घर की इज्जत और बड़ों के मान-सम्मान का प्रतीक बनकर उभरती है। वहीं, उनके लिए परंपराएँ और संस्कार किसी भी आधुनिक सोच और शिक्षा से कहीं ऊपर हैं और यही विश्वास ठाकुर परिवार की पहचान और मर्यादा को परिभाषित करता है।

शो से जुड़ने के अपने फैसले पर बात करते हुए अभिनेत्री अपरा मेहता बताती हैं, “मैंने अब तक लगभग पैंतीस डेली शोज़ में काम किया है और शायद ही कोई टीवी चैनल बचा हो, जहाँ मैंने काम न किया हो, इसमें कुछ ऐसे चैनल भी हैं, जो अब अस्तित्व में नहीं हैं। लेकिन, सन नियो एकमात्र ऐसा चैनल था, जिसके साथ मैंने पहले कभी काम नहीं किया था। उस वक्त मुझे कई डेली शोज़ के ऑफर्स मिल रहे थे, लेकिन ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ की कहानी और अपने किरदार के बारे में सुनते ही मुझे एहसास हुआ कि यही वो शो है, जिसे मैं करना चाहती हूँ। छह महीने के ब्रेक के बाद मैंने फिर से डेली शो में वापसी की और सबसे खास बात यह है कि मैं पहली बार राजस्थानी परिधान पहन रही हूँ, जिसे पहनकर मुझे बेहद खुशी मिल रही है।”

अपने किरदार के बारे में बताते हुए वे आगे कहती हैं, “मैं शो में बुआ का किरदार निभा रही हूँ, जो परिवार की सबसे वरिष्ठ सदस्य और मुखिया हैं। उनका व्यक्तित्व ऐसा है कि लोग अपने आप ही उनका सम्मान करते हैं। वे परंपराओं, रीति-रिवाजों और संस्कारों को मानती हैं और आधुनिक सोच के खिलाफ हैं। उनका मानना है कि परिवार को जोड़े रखने का एकमात्र रास्ता सदियों पुरानी परंपराओं का पालन करना है। उनकी सोच पूरी तरह पारंपरिक है। हालाँकि, वह किसी भी तरह से नेगेटिव नहीं हैं। वे इस बात पर विश्वास करती हैं कि जो हमेशा से चलता आया है, वही सही है। बदलाव और आज की सोच को स्वीकार करना उनके लिए आसान नहीं है।”

वहीं, अपनी निजी सोच साझा करते हुए अपरा मेहता कहती हैं, “यदि मेरी व्यक्तिगत राय पूछें, तो मेरी सोच पूरी तरह आधुनिक है। हम 21वीं सदी के 25 साल पूरे कर चुके हैं और अब समय आ गया है कि पुरानी और बेकार हो चुकी व्यवस्थाओं को पीछे छोड़ दिया जाए। महिलाओं को स्वतंत्रता, शिक्षा, हुनर और आत्मनिर्भरता मिलनी चाहिए। उन्हें अपने पैरों पर मजबूती से खड़े होने का हर अवसर मिलना चाहिए।”

प्रोमो के अंत में जब राजश्री बुआ अपने परिवार की ओर देख मुस्कुराती हैं और यह कहती हैं कि ठाकुर परिवार की पहचान और सम्मान परंपराओं से ही जुड़ी है, तो साफ हो जाता है कि अब वे यह सुनिश्चित करेंगी कि हर रस्म और रीति निभाई जाए। उनकी एंट्री के साथ ही ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ शो में परंपरा और आधुनिक सोच के बीच एक दिलचस्प टकराव देखने को मिलेगा।

देखना न भूलें ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’, हर रोज़ रात 9:00 बजे, सिर्फ सन नियो पर।

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