मुंबई | गुरुवार, 3 सितंबर 2026
भारत से विदेश भेजे जाने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। मुंबई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा मारे गए एक छापे के बाद कनाडा के अधिकारियों ने भारतीय खाद्य आयातों से जुड़े संभावित लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा जोखिमों की गहन समीक्षा शुरू कर दी है।
मुंबई गोदाम में छापेमारी और जालसाजी का तरीका
महाराष्ट्र FDA की टीम ने नवी मुंबई स्थित एक बड़े गोदाम पर अचानक छापेमारी कर लगभग ₹76 लाख ($80,000) मूल्य के पैकेज्ड खाद्य उत्पाद, केमिकल सॉल्वेंट्स और हाई-टेक लेबल प्रिंटिंग मशीनें बरामद कीं।
जांच में सामने आया कि इस गोदाम में पुराने और एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पादों की मूल एक्सपायरी डेट (Expiry Date) तथा पोषण संबंधी जानकारी (Nutrition Information) को केमिकल की मदद से मिटाया जा रहा था। इसके बाद उन पर फर्जी तारीखों और बदलावों वाले नए स्टिकर चिपकाए जा रहे थे। इस कार्रवाई के दौरान कई प्रसिद्ध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के पैकेट भी जब्त किए गए, हालांकि इन ब्रांडेड कंपनियों पर किसी तरह का गलत काम करने का आरोप नहीं है।
कनाडा कनेक्शन और CFIA की प्रतिक्रिया
जब्त किए गए सामानों में ऐसे उत्पाद भी शामिल थे जिन पर अंग्रेजी और फ्रेंच (English-French) द्विभाषी न्यूट्रिशन लेबल लगे हुए थे। इस तरह के लेबल विशेष रूप से कनाडाई बाजार के मानकों के अनुरूप तैयार किए जाते हैं।
इस खबर के सामने आते ही कनाडाई खाद्य निरीक्षण एजेंसी (CFIA) तुरंत हरकत में आ गई। CFIA ने स्पष्ट किया है कि वे भारतीय खाद्य आयात से जुड़ी स्थिति और जोखिमों का मूल्यांकन कर रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि कनाडाई प्राधिकारियों के अनुसार अब तक ऐसे किसी फर्जी लेबल वाले उत्पाद के कनाडा पहुँचने की पुष्टि नहीं हुई है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| कार्रवाई स्थल | नवी मुंबई, महाराष्ट्र |
| बरामदगी | ₹76 लाख के खाद्य उत्पाद, केमिकल व प्रिंटिंग मशीनें |
| मुख्य आरोप | एक्सपायरी डेट और न्यूट्रिशन फैकट्स में फर्जीवाड़ा |
| संबंधित एजेंसी | महाराष्ट्र FDA (भारत) एवं CFIA (कनाडा) |
| वर्तमान स्थिति | जांच एवं जोखिम मूल्यांकन जारी (कोई प्रतिबंध नहीं) |
भारतीय निर्यातकों पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
इस घटनाक्रम से भारतीय खाद्य निर्यात पूरी तरह ठप नहीं हुआ है, लेकिन इसके दूरगामी असर देखने को मिल सकते हैं:
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सख्त जांच व कस्टम क्लीयरेंस: कनाडा के बंदरगाहों पर अब भारत से आने वाले खाद्य कंटेनरों की रैंडम चेकिंग और सैंपल लैब टेस्ट की संख्या बढ़ सकती है।
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दस्तावेजीकरण और अनुपालन (Compliance): निर्यातकों को अपनी सप्लाई चेन, पैकेजिंग और प्रामाणिकता से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज और प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे।
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ब्रांड प्रतिष्ठा पर असर: वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रोसेस्ड फूड की साख बनाए रखने के लिए घरेलू स्तर पर FSSAI और FDA को ऐसे असमाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
महत्वपूर्ण नोट: फिलहाल इसे कनाडाई सरकार द्वारा भारतीय खाद्य उत्पादों पर लगाया गया कोई व्यापक प्रतिबंध या बैन नहीं माना जाना चाहिए। यह विशुद्ध रूप से एक सुरक्षा समीक्षा और जोखिम आकलन प्रक्रिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या कनाडा ने भारतीय खाद्य पदार्थों के आयात पर बैन लगा दिया है?
Ans: नहीं, कनाडा ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। कनाडाई खाद्य निरीक्षण एजेंसी (CFIA) केवल संभावित जोखिमों का आकलन और निगरानी कर रही है।
Q2: इस रैकेट में किस प्रकार का फर्जीवाड़ा किया जा रहा था?
Ans: इस रैकेट में एक्सपायरी डेट पार कर चुके उत्पादों की पुरानी तारीखों को केमिकल से मिटाकर उन पर नई तारीखों के फर्जी प्रिंट और स्टिकर लगाए जा रहे थे।
Q3: कनाडाई बाजार के लिए किस तरह की लेबलिंग आवश्यक होती है?
Ans: कनाडाई नियमों के अनुसार खाद्य पदार्थों के पैकेज पर अंग्रेजी और फ्रेंच (Bilingual) भाषा में पोषण संबंधी जानकारी होना अनिवार्य है।
Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी प्राथमिक जांच रिपोर्टों और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। किसी भी व्यापारिक या कानूनी निर्णय से पूर्व संबंधित नियामक संस्थाओं (FSSAI/CFIA) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों का अवलोकन करें।
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