चंडीगढ़ । शुक्रवार, 14 अगस्त 2026
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2026) के परिणाम और OMR शीट मूल्यांकन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 19 वर्षीय अभ्यर्थी की याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
मामला गुरदासपुर की रहने वाली अभ्यर्थी दीक्षा देवी से जुड़ा है, जिन्होंने NTA द्वारा जारी OMR रिकॉर्ड और आधिकारिक स्कोर कार्ड में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
1. क्या है पूरा मामला? (Key Allegations)
याचिकाकर्ता के अनुसार, NEET UG 2026 की परीक्षा के बाद जब NTA ने आधिकारिक वेबसाइट पर OMR शीट की स्कैन कॉपी अपलोड की, तब उन्होंने अपने उत्तरों का सही आंसर-की से मिलान किया था।
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सम्भावित स्कोर: उत्तरों के मिलान के आधार पर उम्मीदवार का अनुमानित स्कोर 520 अंक होना चाहिए था।
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अंतिम परिणाम: जब NTA ने आधिकारिक रिजल्ट घोषित किया, तो स्कोर कार्ड में उनके अंक घटकर मात्र 85 रह गए।
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OMR विसंगति का आरोप: याचिका में दावा किया गया है कि डाउनलोड की गई OMR शीट और NTA के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्शाए गए रिस्पॉन्स में गंभीर विसंगतियां (Discrepancies) हैं।
2. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का सख्त रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने NTA और केंद्र सरकार को बिना किसी देरी के निम्नलिखित दस्तावेज सीलबंद लिफाफे (Sealed Cover) में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया है:
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अभ्यर्थी की मूल OMR शीट (Original Physical OMR Sheet)
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दोनों स्कोर कार्ड / OMR रिकॉर्ड्स
कोर्ट की टिप्पणी: अदालत ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में NTA की ओर से किसी प्रकार की धांधली या OMR बदलने का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। यह कदम केवल आरोपों की निष्पक्षता और उपलब्ध रिकॉर्ड्स की सत्यता जांचने के लिए उठाया गया है।
3. NEET UG मूल्यांकन प्रक्रिया में OMR का महत्व
NEET UG परीक्षा में OMR उत्तर पुस्तिका ही अभ्यर्थी के मूल्यांकन का मुख्य जरिया होती है। नियम के अनुसार:
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परीक्षा संपन्न होने के बाद NTA उम्मीदवारों को उनकी Scan की गई OMR शीट और Recorded Responses उपलब्ध कराता है।
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अभ्यर्थियों को निर्धारित शुल्क के साथ OMR grading और Answer Key पर आपत्ति (Challenge) दर्ज कराने का अवसर भी दिया जाता है।
4. आगे क्या होगा?
मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को तय की गई है। यदि मूल OMR शीट और NTA द्वारा डिजिटल रूप से जारी किए गए रिकॉर्ड में अंतर पाया जाता है, तो हाई कोर्ट इस मामले में NTA के खिलाफ कड़ी कार्रवाई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच के आदेश दे सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: NEET UG 2026 OMR विवाद में हाई कोर्ट ने क्या आदेश दिया है?
Ans: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने NTA को निर्देश दिया है कि वह अभ्यर्थी की Original OMR शीट और संबंधित दोनों स्कोर कार्ड सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश करे।
Q2: याचिकाकर्ता अभ्यर्थी का क्या आरोप है?
Ans: अभ्यर्थी का आरोप है कि OMR से मिलान करने पर उनके 520 अंक बन रहे थे, लेकिन आधिकारिक परिणाम में उन्हें केवल 85 अंक दिए गए।
Q3: क्या कोर्ट ने NTA को दोषी माना है?
Ans: नहीं, अदालत ने अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। यह प्रक्रिया केवल रिकॉर्ड्स की असलियत जांचने के लिए अपनाई जा रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख उपलब्ध अदालती याचिकाओं, मीडिया रिपोर्ट्स और NTA की आधिकारिक प्रक्रियाओं के आधार पर केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। मामला वर्तमान में sub-judice (न्यायाधीन) है और अंतिम निर्णय अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।
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