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उमर अब्दुल्ला ने जम्मू व कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए जारी किया घोषणापत्र

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में अपना घोषणा पत्र जारी किए। इस दौरान उन्होंने विधानसभा चुनाव को लेकर कई घोषणाएं कीं। बता दें कि ये घोषणा पत्र पार्टी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने एक प्रेस वार्ता के दौरान घोषणापत्र समिति के सदस्यों सहित वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में जारी किया। बता दें कि जम्मू-कश्मीर की 90 सीटों पर चुनाव की घोषणा की जा चुकी है। चुनाव आयोग के अनुसार जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों के तहत मतदान होगा। इसमें 18 सितंबर को पहले चरण, 25 सितंबर को दूसरे चरण और 1 अक्टूबर को तीसरे चरण का मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

अनुच्छेद 370 को लाएंगे वापस

घोषणा पत्र जारी करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अनुच्छेद 370 की बहाली और जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे के साथ-साथ 2000 में तत्कालीन विधानसभा द्वारा पारित स्वायत्तता प्रस्ताव का कार्यान्वयन नेशनल कॉन्फ्रेंस के आगामी चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में घोषित 12 गारंटियों में से एक है। दरअसल, जून 2000 में फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने राज्य में 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति को बहाल करने की मांग करते हुए विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया। हालांकि, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अध्यक्षता वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे अस्वीकार कर दिया था। इसके अलावा मोदी सरकार ने 2019 में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया और पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया।

200 यूनिट बिजली मुफ्त

घोषणा पत्र जारी करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, ”हमारा घोषणापत्र कार्यालय में बैठकर नहीं बल्कि लोगों की राय को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी की स्थिति हम सभी जानते हैं, भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी हुई और युवाओं को नौकरी नहीं मिली। हम युवाओं से व्यापक वादे कर रहे हैं और बेरोजगारी के मुद्दे पर काम करेंगे। हम पानी और बिजली के मुद्दे पर भी काम करेंगे और 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त देंगे। कुछ लोग अधिक वादे करेंगे, लेकिन ये वादे किसी फायदे के नहीं हैं, क्योंकि वे भविष्य में सत्ता में नहीं रहने वाले हैं।”

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।