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एलओसी के पास पुंछ में दिखी संदिग्ध आतंकवादी गतिविधि, तलाश जारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में गुरुवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जवानों ने फायरिंग भी की। घुसपैठ के संभावित रास्तों पर घात लगाकर तैनात जवानों ने बुधवार देर रात बग्यालदारा गांव के पास संदिग्ध गतिविधियां देखीं और कुछ राउंड फायरिंग की। अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही संदिग्ध स्थान के आसपास की घेराबंदी मजबूत कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इस दौरान कोई हताहत नहीं हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह सबसे पहले तलाशी अभियान शुरू किया गया था और आखिरी रिपोर्ट मिलने तक यह जारी था।

इससे पहले आतंकियों ने दागे थे ग्रेनेड

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुंछ की सुरनकोट तहसील में मंगलवार देर रात को आतंकियों ने कायराना हररत करते हुए सेना की एक चौकी पर दो ग्रेनेड दाग दिए। इनमें से एक ग्रेनेड में धमाका हुआ और दूसरा फटा ही नहीं। गनीमत है कि कोई नुकसान नहीं हुआ। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया और व्यापर तलाशी अभियान चलाया। धमाके के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। लोगों में दहशत फैल गई। आतंकियों ने चौकी को निशाना बनाया था।

नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहे आतंकी

बता दें कि पुंछ में आतंकियों की संदिग्ध गतिविधि बढ़ गई है। अपनी कायराना और नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। कभी ग्राम सुरक्षा गार्ड को निशाना बना रहा है तो कभी चोरी-छिपे आम लोगों पर निशाना बनाकर हमला कर रहा है। आतंकियों ने टेरिटोरियल के एक जवान को अपना शिकार बनाया। दक्षिण कश्मीर के त्राल मे आतंकियों ने अवकाश पर घर आए टेरिटोरियल आर्मी के एक जवान मुश्ताक अहमद सोफी को गोली मार दी। इसके बाद इलाके में डर का माहौल हो गया।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।