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निराशाजनक प्रदर्शन के कारण श्रीलंका सरकार ने क्रिकेट बोर्ड को किया बर्खास्त

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

कोलंबो. वर्ल्ड कप 2023 में श्रीलंका का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है. फिलहाल, श्रीलंकाई टीम प्वॉइंट्स टेबल में सातवें नंबर पर काबिज है. अब तक श्रीलंका ने 7 मुकाबले खेले हैं, जिसमें महज 2 जीत मिली है, जबकि 5 मैचों में शिकस्त का सामना करना पड़ा है. वहीं, इस खराब प्रदर्शन के बाद श्रीलंका की सरकार ने अपने क्रिकेट बोर्ड पर बड़ा एक्शन लिया है. दरअसल, श्रीलंका की सरकार ने अपने क्रिकेट बोर्ड को बर्खास्त कर दिया है. इसके बाद 7 सदस्यों की अंतरिम कमेटी का गठन किया गया है.

श्रीलंका सरकार में खेल मंत्री रोशन रानासिंघे ने लिया बड़ा फैसला

श्रीलंका की सरकार ने पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा को 7 सदस्यीय अंतरिम कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया है. दरअसल, पिछले दिनों श्रीलंका क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन के बाद फैंस ने क्रिकेट बोर्ड के ऑफिस के सामने अपना विरोध जताया था. जिसके बाद सोमवार को श्रीलंका सरकार में खेल मंत्री रोशन रानासिंघे ने बोर्ड को भंग करने का आदेश जारी कर दिया. इसके अलावा 7 सदस्यों की अंतरिम कमेटी का एलान किया गया.

अर्जुन रणतुंगा होंगे अंतरिम कमिटी के अध्यक्ष

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इस अंतरिम कमिटी के अध्यक्ष अर्जुन रणतुंगा होंगे. साथ ही अन्य सदस्यों में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर्ड 2 जज के अलावा हाईकोर्ट से रिटायर्ड जज को शामिल किया गया है. वहीं, श्रीलंका सरकार में खेल मंत्री रोशन रानासिंघे ने श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. इससे पहले एशिया कप फाइनल में श्रीलंका को भारतीय टीम ने आसानी से हराया था. लेकिन अब वर्ल्ड कप में इस टीम का खराब प्रदर्शन बदस्तूर जारी है.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।