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धारावाहिक सीआईडी में फ्रेडरिक्स बने अभिनेता दिनेश फडनीस का निधन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. सुबह एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से दुखद खबर सामने आई। मशहूर शो ‘सीआईडी’ में एक्शन और कॉमेडी करने के लिए फेमस दिनेश फडनीस का निधन हो गया। उनकी डेथ की न्यूज ने फैंस को झकझोर कर रख दिया है। ‘सीआईडी’ टेलीविजन की दुनिया का लॉन्गेस्ट रनिंग शो रहा है। ‘फ्रेडरिक्स’ उर्फ फ्रेडी बनकर दिनेश फडनीस ने अपनी ऑडियंस को क्राइम से जूझने के गुर सिखाए थे। इसी शो में उनके साथ काम करने वाले एक्टर हृषिकेश पांडे ने उनकी मौत पर दुख व्यक्त किया है।

‘खो दिया एक फैमिली मेंबर’

दिनेश फडनीस का निधन मल्टीपल ऑर्गन फेलियर की वजह से हुआ। रात 12.08 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके साथ शो में काम करने वाले हृषिकेश पांडे ने ‘सीआईडी’ शो से उनका एक वीडियो अपलोड कर उनके निधन पर दुख जताया है। हृषिकेश, दिनेश के साथ अच्छी बॉन्डिंग शेयर करते थे। उन्होंने दिवंगत एक्टर का वीडियो शेयर कर लिखा कि विश्वास नहीं हो रहा कि एक फैमिली मेंबर को खो दिया है।

हृषिकेश पांडे ने जताया दुख

एक पोर्टल से बातचीत में एक्टर ने कहा, ”हम सभी के लिए यह खबर चौंकाने वाली है। वह दिल के दौरे से पीड़ित नहीं थे, जैसा कि मीडिया ने बताया था। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। जब हम शूटिंग करते थे, तो उन्हें हार्ट से संबंधी कई समस्याएं थीं। उनका निधन बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और परेशान करने वाला है।”

इस वजह से हुई डेथ

दिनेश फडनीस की डेथ न्यूज उनके कोस्टार और फ्रेंड दयानंद शेट्टी ने कन्फर्म की। उन्होंने बताया कि मुंबई के तुंगा हॉस्पिटल में दिनेश का इलाज चल रहा था। 57 की उम्र में मल्टीपल ऑर्गन फेलियर की वजह से रात 12.08 मिनट पर उनकी डेथ हो गई। उनकी सेहत में बहुत सारे कॉम्पलिकेशन्स थे और उन्हें आखिरी वक्त पर वेंटिलेटर से हटाया गाया था।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।