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अभिनेत्री नुसरत भरूचा, इजराइल से सुरक्षित भारत वापस पहुंची

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

मुंबई. इजराइल और फिलिस्तीन के बीच हो रही जंग के बीच ‘ड्रीम गर्ल’ फेम नुसरत भरुचा इजराइल में फंस गई थीं। एक्ट्रेस से उनकी टीम और परिवार वालों का संपर्क नहीं हो पा रहा था, लेकिन अब नुसरत के फैंस और घरवालों के लिए अच्छी खबर है कि वह सही सलामत भारत लौट आई हैं। वह अब अपने टीम और फैमिली के संपर्क में हैं और वह फ्लाइट से भारत सही सलामत आ चुकी हैं। एयरपोर्ट पर उनकी पहली झलक देखने को भी मिली है।

नुसरत भरूचा पहुंची भारत

बता दें कि नुसरत भरूचा इजराइल हाइफा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अटेंड करने गई थीं। एक्ट्रेस इजराइल में युद्ध हालातों के बीच फंस गई थी और उनका अपनी टीम से संपर्क भी नहीं हो पा रहा था, जिसके कारण उनके परिवार वालें भी डर गए थे। नुसरत को लेकर अब राहत की खबर मिली है कि वह भारत आ चुकी हैं। सुत्रों के अनुसार नुसरत भरूचा को सही सलामत इजराइल एयरपोर्ट से भारत पहुंचा दिया है। इस खबर को जानकार उनके फैंस काफी खुश हैं।

नुसरत भरूचा ने भारत पहुंचते ही कहा
नुसरत भरूचा एयरपोर्ट से जैसे ही बाहर आईं तो पैपराजी और मीडिया वालों ने उन्हें घेर लिया और तरह-तरह के सवाल करने लगे। इसी बीच एक्ट्रेस नुसरत भरूचा ने कहा- ‘मैं अभी बोलने की स्थिति में नहीं हूं घर जाकर बात करूंगी’ बस इतना बोलकर वो वहां से अपने घर के लिए रवाना हो गई।

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नुसरत भरूचा की प्रोफेशनल लाइफ
नुसरत भरूचा की फिल्म ‘अकेली’ इसी साल अगस्त में रिलीज हुई थी। नुसरत फिल्म इंडस्ट्री में अपनी शानदार एक्टिंग के लिए जानी जाती है। एक्ट्रेस अपने करियर में ‘प्यार का पंचनामा’, ‘ड्रीम गर्ल’ और ‘जनहित में जारी’ जैसी फिल्मों में काम कर चुका हैं।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।