लोड हो रहा है...

अक्षय कुमार की मिशन रानीगंज का पहले तीन दिन मिले बहुत कम दर्शक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

मुंबई. अक्षय कुमार की मिशन रानीगंज ने आखिरकार भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपना शुरुआती वीकेंड पूरा कर लिया है और दुख की बात है कि यह बेहद निराशाजनक रही है. जी हां, रिलीज से पहले बेहद कम चर्चा को देखते हुए फिल्म की धीमी शुरुआत होनी तय थी, लेकिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि यह 3 करोड़ से कम होगी. यहां हम आपको अक्षय कुमार की मिशन रानीगंज के तीसरे दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन बताने वाले हैं. बता दें कि टीनू सुरेश देसाई द्वारा निर्देशित इस फिल्म को क्रिटिक्स से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली.

मिशन रानीगंज के तीसरे दिन का कलेक्शन

मिशन रानीगंज ने अपने ओपनिंग डे पर 2.75 करोड़ कमाए और कल इसमें अच्छी वृद्धि देखी गई. इसके बावजूद फिल्म का टोटल कलेक्शन बेहद कम है. तीसरे दिन की बात करें तो शुरुआती रुझान के मुताबिक फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 5.10-5.50 करोड़ के बीच की कमाई की. वहीं फिल्म पर भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया विश्व कप मैच का प्रभाव भी स्पष्ट रूप से देखा गया. बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सचनिल्क के अनुसार, मिशन रानीगंज ने दूसरे दिन 4 करोड़ की कमाई की थी. इसी के साथ शुरूआती वीकेंड समाप्त होने पर फिल्म का कुल कलेक्शन तीन दिनों में महज 12.35-12.75 करोड़ रुपए ही पहुंच पाया है.

तलपति विजय की फिल्म लियो से होगा सामना

- Advertisement -

ऐसे में अब देखना दिलचस्प होने वाला है कि अक्षय कुमार की मिशन रानीगंज कितने दिनों तक सिनेमाघरों में टिकी रहती है. वैसे अगर आसार यही रहे तो फिल्म जल्द ही थिएटर से उतर भी जाएगी. आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई भी कम होगी क्योंकि तलपति विजय की लियो भी 19 अक्टूबर को रिलीज हो रही है. बात करें मिशन रानीगंज की तो फिल्म में अक्षय कुमार के साथ परिणीति चोपड़ा मुख्य भूमिका में हैं.

साभार : एनडीटीवी

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon।in/dp/9392581181/

https://www।flipkart।com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।