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दो महिला पहलवानों से दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मांगे सबूत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने जो यौन शोषण के आरोप लगाए हैं उसको लेकर ताजा अपडेट आया है. मामले में दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर दो महिला पहलवानों से फोटो, ऑडियो और वीडियो सबूत उपलब्ध कराने के लिए कहा है. जिससे उनके आरोपों को सबूत के रूप में पेश किया जा सके. ऐसा दावा एक रिपोर्ट में किया गया है.

पुलिस ने उनसे गले लगाने वाले फोटो भी सबूत के तौर पर पेश करने के लिए कहा है. इससे पहले दो वयस्क महिला पहलवानों ने 21 अप्रैल को नई दिल्ली के कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न और दुराचार की कई घटनाओं का आरोप लगाते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी. एक पुलिस अधिकारी का हवाला देते हुए बताया है कि 5 जून को सीआरपीसी की धारा 91 के तहत महिला पहलवानों को अलग-अलग नोटिस जारी किए थे और उन्हें जवाब देने के लिए एक दिन दिया गया था. इसके साथ ही इस रिपोर्ट में एक पहलवान का हवाला देते हुए ये भी दावा किया गया है कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ उनके पास जो भी सबूत थे वो उपबल्ध कराए जा चुके हैं.

इसके अलावा पुलिस ने एक पहलवान और उसके रिश्तेदार को भी अलग-अलग नोटिस जारी करके बृजभूषण सिंह के खिलाफ कथित रूप से धमकी भरे फोन कॉल के बारे में भी विवरण मांगा है. खासतौर पर उस रिश्तेदार को धमकी भरे कॉल से संबंधित कोई भी वीडियो, फोटोग्राफ, कॉल रिकॉर्डिंग या व्हाट्सएप चैट देने का अनुरोध किया गया था. वहीं, प्रदर्शनकारी पहलवानों ने शनिवार को आरोप लगाया कि बृजभूषण यौन उत्पीड़न पीड़ितों को दबाव में लाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्हें अपने बयान बदलने के लिए मजबूर कर रहे हैं. साथ ही 15 जून तक उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होने पर पहलवानों ने अपना आंदोलन फिर से शुरू करने की धमकी दी.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।