मंगलवार, सितंबर 15 2026 | 05:39:11 AM

बृजभूषण के खिलाफ जांच में अब तक हुए 200 से अधिक लोगों के बयान दर्ज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों को लेकर पहलवान पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की जांच अपने अंतिम पड़ाव पर है और 200 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. जिनमें स्पोर्ट स्टाफ, खिलाड़ी, फेडरेशन से जुड़े लोग और अलग-अलग कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बयान दर्ज हुए हैं. इसी हफ्ते बृजभूषण के खिलाफ चार्जशीट दायर हो सकती है.

वहीं दूसरी ओर अब पहलवान बजरंग पूनिया ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ कार्रवाई में हो रही देरी पर सवाल उठाया है. एएनआई के मुताबिक, बजरंग पूनिया ने कहा कि बृजभूषण के खिलाफ बहुत सबूत हैं. अब क्या चाहिए. कुरुक्षेत्र में मंच से किसानों को संबोधित करते बजरंग पुनिया ने कहा कि मैं सरकार से अपील करता हूं कि फसलों का न्यूनतम मूल्य किसानों को जरूर मिलना चाहिए.

बजरंग पूनिया ने उठाए ये सवाल

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चल रही जांच में अपने अंतिम पड़ाव है और केस से जुड़े अलग-अलग लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है. अगर सब ठीक रहा तो इसी हफ्ते बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर हो सकती है. इतना ही नहीं पुलिस ने 200 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं.

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बजरंग पूनिया ने बृजभूषण के साथ ही लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत का मुद्दा भी उठाया और कहा कि अभी तक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के खिलाफ कोई एक्शन क्यों नहीं हुआ. हम लोग बृजभूषण के खिलाफ अभी भी लड़ रहे हैं. पूनिया ने कहा किसानों से कहा कि हम जितने भी खिलाड़ी हैं, वो सब आपके साथ हैं. हम भी किसान के बेटे हैं. हम आपका दर्द समझते हैं. इसलिए आपका समर्थन देने आए हैं.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।