लोड हो रहा है...

विश्व कप में मैच के बीच नमाज पढ़ने पर मोहम्मद रिजवान के खिलाफ शिकायत दर्ज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली. पाकिस्तानी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दरअसल, पाकिस्तान-नीदरलैंड्स मैच के दौरान मोहम्मद रिजवान ने मैदान पर नमाज पढ़ी थी. अब इसके खिलाफ आईसीसी में शिकायत दर्ज की गई है. सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने आईसीसी में मोहम्मद रिजवान की शिकायत की है. विनीत जिंदल ने अपनी शिकायत में लिखा है कि मोहम्मद रिजवान का मैदान पर नमाज अदा करना खेल भावना के खिलाफ है.

सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल कौन हैं?

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल पिछले दिनों भी खबरों में थे. विनीत जिंदल ने पाकिस्तानी एंकर जैन अब्बास के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी. उस वक्त विनीत जिंदल ने कहा था कि जैन अब्बास ने अपने ट्वीट से भारतीय और हिंदू धर्म को आहत किया है. जिसके बाद जैन अब्बास को भारत छोड़कर जाना पड़ा था. हालांकि, यह कोई पहली दफा नहीं है कि जब मोहम्मद रिजवान ने मैदान पर नमाज पढ़ी हो. इससे पहले टी20 वर्ल्ड कप 2021 में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने थी. उस वक्त भी मोहम्मद रिजवान ने मैदान पर नमाज अदा किया था.

मोहम्मद रिजवान के गाजा वाले ट्वीट पर आईसीसी ने क्या कहा?

- Advertisement -

पिछले दिनों मोहम्मद रिजवान ने गाजा के सपोर्ट में ट्वीट किया था. जिसके बाद मामला आईसीसी तक पहुंचा था. लेकिन आईसीसी ने कोई एक्शन लेने से साफ मना कर दिया. आईसीसी ने कहा कि कोई खिलाड़ी मैदान के बाहर क्या कर रहा है कि वह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है. साथ ही आईसीसी ने कहा कि यह मसला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के दायरे में आता है. अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड चाहें तो मोहम्मद रिजवान पर एक्शन ले सकती है.

साभार : एबीपी न्यूज़

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon।in/dp/9392581181/

https://www।flipkart।com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।