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अब ट्विटर (एक्स) का प्रयोग करने वाले हर व्यक्ति को देने होंगे रुपए

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. अब एक्स यानी ट्विटर यूजर्स को हर साल इसके यूज के लिए 1 डॉलर की सदस्यता राशि देनी होगी. एलन मस्क के इस नए फरमान के बाद जो यूजर्स एक्स का वार्षिक भुगतान नहीं करेंगे वे इसका यूज नहीं कर सकेंगे. इस सबके पीछे एलन मस्क ने तर्क दिया है कि ऐसा करने से एक्स पर मौजूद फर्जी और स्वचालित बॉट अकाउंट पर रोक लेगी.

“नॉट ए बॉट” की टेस्टिंग हुई शुरू

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार एलन मस्क ने एक्स पर नॉट ए बॉट फीचर की टेस्टिंग शुरू करा दी है. इसकी टेस्टिंग फिलहाल न्यूजीलैंड और फिलीपींस मं शुरू की गई है. जहां नए एक्स यूजर्स वार्षिक शुल्क दिए बिना एक्स का यूज नहीं कर सकते. एक्स पर इस शुल्क के बिना आप पोस्ट, लाइक, कमेंट और बुकमार्क नहीं कर सकेंगे. ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, “यह एक्स पर बॉट और स्पैमर से निपटने में हमारी मदद करने के लिए एक संभावित शक्तिशाली उपाय का मूल्यांकन करेगा, जबकि छोटी शुल्क राशि के साथ प्लेटफ़ॉर्म पहुंच को संतुलित करेगा.” “इस परीक्षण के भीतर, मौजूदा उपयोगकर्ता प्रभावित नहीं होते हैं.”

रिवेन्यू के लिए मस्क ने उठाया ये कदम

एलन मस्क ने एक्स यानी ट्विटर का अधिग्रहण बीते साल किया था, तभी से मस्क 13 अरब डॉलर के कर्ज में डूबे एक्स प्लेटफॉर्म को उभारने की कोशिश कर रहे हैं. जिसके लिए उन्होंने नए-नए रिवेन्यू के तरीके खोजे हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार अधिग्रहण के बाद से एलन मस्क को एक्स के लिए प्रति वर्ष लगभग 1.2 बिलियन की ब्याज का भुगतान करना पड़ रहा है. ऐसे में आय के नए स्त्रोत ढूंड़ने के लिए एक्स पर प्रीमियत सेवाएं शुरू की, जिसके लिए यूजर्स को प्रतिमाह 7.99 डॉलर का भुगतान करना होता है. ऐसे में एक्स पर नॉट ए बॉट फीचर लागू होने के बाद रिवेन्यू बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।