लोड हो रहा है...

चीन में भूकंप से कम से कम 110 लोगों की मौत और 200 से अधिक घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

बीजिंग. चीन में देर रात आए भूकंप के तेज झटकों के चलते कम से कम 110 लोगों की मौत हो गई है। 200 से ज्यादा लोगों के घायल होने की भी खबर है। सोमवार देर रात उत्तर पश्चिमी चीन में भूकंप के ये झटके आए। चीन के स्टेट मीडिया शिन्हुआ के अनुसार, चीन के गांसु प्रांत में सोमवार देर शाम आए भूकंप के बाद स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों सहित बचाव कर्मियों की तैनाती की गई है।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) का कहना है कि रिएक्ट्र स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.9 और गहराई 10 किमी (छह मील) थी। भूकंप से गांसु और किंघई प्रांत में इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा। इमारतों के मलबे से लोगों को निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अधिकारियों को जारी एक बयान में कहा है कि खोज और बचाव, घायलों का समय पर इलाज करने और प्रभावितों की मदद के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए।

गांसु में ही हो चुकी 100 मौतें

सरकारी मीडिया एजेंसी शिन्हुआ का कहना है कि गांसु में भूकंप ने ज्यादा तबाही मचाई है। गांसु में 100 लोग मारे गए और 96 घायल हो गए, जबकि किंघई में 10 और लोग मारे गए और 124 घायल हो गए। भूकंप के बाद बचावकर्मी ढही हुई इमारतों के मलबे को साफ कर रहे हैं, जिससे इनमें दबे लोगों को निकाला जा सके। चीनी सरकार ने स्थानीय आपातकालीन कर्मियों की सहायता के लिए बचावकर्मियों की टीमें भेजी हैं। भूकंप के बाद क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बिजली और पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। जिससे परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।

चीन एक ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें- विशेष रूप से यूरेशियन, भारतीय और प्रशांत प्लेटें मिलती हैं। इसके चलते चीन भूकंप के लिहाज से संवदेशनशील है। यहां विशेष रूप से भूकंप का खतरा बना रहता है। पिछले सितंबर में चीन के दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत में 6.6 तीव्रता का भूकंप आने से 60 से अधिक लोग मारे गए थे।

- Advertisement -

साभार : नवभारत टाइम्स

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon।in/dp/9392581181/

https://www।flipkart।com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।