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इजरायल की आपत्ति के बाद संजय राउत ने यहूदी विरोधी बयान पर दी सफाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने ‘यहूदी विरोधी’ पोस्ट को लेकर शनिवार को कहा कि उनका इरादा इजरायल को हर्ट करने का नहीं था। दरअसल, गजा पट्टी में आतंकवादी संगठन हमास के खिलाफ चल रहे जमीनी अभियानों के बीच इजरायली दूतावास ने संजय राउत के खिलाफ भारतीय विदेश मंत्रालय से शिकायत की थी।

संजय राउत ने क्या कुछ कहा?

संजय राउत ने कहा कि एक्स पर उस पोस्ट को शेयर किए हुए काफी वक्त हो गया है। मैंने उस को पोस्ट हटा दिया है। मैंने अपनी पोस्ट में हिटलर का रेफरेंस दिया था, लेकिन मेरा इजरायल की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने दावा किया कि उन्होंने सात अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल में हमास द्वारा किए गए हमलों की निंदा की थी। साथ ही उन्होंने इजरायली प्रतिशोध की भी अलोचना की थी। उन्होंने कहा, जिस प्रकार हमास ने दक्षिणी इजरायल पर हमला किया और निर्दोष लोगों की जान ले ली। मैंने उसकी निंदा और आलोचना की। हालांकि, साथ ही मैंने गजा के अस्पतालों पर जिस तरह से हमला किया गया। नवजात शिशुओं और बच्चों को मार डाला और उनकी आवश्यक आपूर्ति को अवरुद्ध कर दिया गया। मैंने उसकी भी निंदा की।

राज्यसभा सांसद ने कहा कि मेरा मानना है कि युद्ध के दौरान बच्चों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इजरायली दूतावास को किसी ने उनके पोस्ट का विरोध करने के लिए प्रेरित किया होगा।

इजरायली दूतावास ने जताई थी आपत्ति

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि एक माह बाद ही भारत में इजरायल के उच्चायोग ने मुझे पोस्ट पर लिखा। मुझे लगता है कि किसी ने उन्हें मुझे लिखने के लिए प्रेरित किया होगा। सनद रहे कि इजरायली दूतावास ने विदेश मंत्रालय और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को कड़े शब्दों में एक पत्र लिखकर संजय राउत की पोस्ट पर आपत्ति दर्ज कराई थी।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।